TWU Dispute: विपक्ष के नेता आरसी झा ने टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष को भेजा पत्र, जाने क्या लिखा है पत्र में

TWU Dispute टाटा स्टील के कोक प्लांट के दिग्गज कमेटी मेंबर आरसी झा ने शुक्रवार को टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष संजीव उर्फ टुन्नू चौधरी को एक पत्र भेजा है। इस पत्र को लेकर अब यूनियन के गलियारों में काफी चर्चाएं हो रही है।

Rakesh RanjanFri, 03 Dec 2021 01:53 PM (IST)
टाटा वर्कर्स यूनियन के विपक्ष के नेता और पूर्व उपाध्यक्ष सह कोक प्लांट के दिग्गज कमेटी मेंबर आरसी झा।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के विपक्ष के नेता और पूर्व उपाध्यक्ष सह कोक प्लांट के दिग्गज कमेटी मेंबर आरसी झा ने शुक्रवार को टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष संजीव उर्फ टुन्नू चौधरी को एक पत्र भेजा है। इस पत्र को लेकर अब यूनियन के गलियारों में काफी चर्चाएं हो रही है। आरसी झा ने अपने पत्र में टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी को संबोधित करते हुए कहा है कि जैसा कि आपको ज्ञात है पिछले कुछ दिनों से टाटा स्टील कंपनी के गेट पर कर्मचारियों के कंपनी प्रवेश से पहले गेट पास को पंच करना पड़ता है।

इस कारण हर शिफ्ट के समय गेट पर लंबी लंबी लाइनें लगतीं हैं। इसके अलावा आपको प्रतीत होगा कि दो पहिया वाहनों के घुसने के लिए बहुत ही संकरा रास्ता है। गाड़ियां काफी धीरे-धीरे आगे बढ़ती हैं। क्योंकि हर कर्मचारी जब अपना गेटपास को पंच करेगा तभी ड्रॉप गेट ऑटोमैटिक खुलता है और कर्मचारी को आगे बढ़ना होता है। जिसके कारण यहां जाम की स्थिति रहती और यह व्यवस्था काफी दिनों से ऐसा चल रही है इसलिए इस व्यवस्था में सुधार या बदलाव की आवश्यकता है। महोदय इस कारण कर्मचारियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है जैसे :

1. संकरा रास्ता होने के कारण दुर्घटना हो सकती है।

2. अभी भी कोरोना महामारी खत्म नहीं हुई है इसलिए यहां पर सामाजिक दूरी का भी पालन नहीं हो पाता है।

3. लेट पंच होने से कर्मचारियों काे अक्सर लिव विदाउट पे होता है। इसका असर बोनस से लेकर कई अन्य चीजों पर भी पड़ता है।

4. कई बार कर्मचारियों और सुरक्षा विभाग के लोगों के बीच भी अनावश्यक विवाद उत्पन्न होता है।

आरसी झा ने दिया सुझाव

कोक प्लांट के कमेटी मेंबर आरसी झा ने इस संबंध में व्यक्तिगत सुझाव दिया है ताकि समस्या का समाधान हो सके। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं।

1. आपको याद होगा कि कंपनी के गेटों पर पहले एक शक्तिशाली सेंसर होता था जो दूर से ही गेटपास को सेंस कर लेता था। इस तरह का सेंसर लगा कर हम ड्राप गेट को खुला रख सकते हैं और पंच किए बिना कर्मचारी अंदर जा सकता है।

2. अधिकारियों की तरह ही कर्मचारियों के लिए भी फ्लेक्सी पंचिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जाए। जिससे लिव विदाउट पे नहीं होगा और कर्मचारी बड़े आर्थिक नुकसान से बच जाएंगे। आपको याद होगा कि इस विषय पर मैंने हमारी कमेटी मीटिंग में भी चर्चा की थी।

3. दो पहिया वाहनों के लिए गेटों पर रास्तों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जाए।

आरसी झा ने यूनियन अध्यक्ष से मांग की है कि इन सभी बातों पर संज्ञान लेते हुए कि शीघ्रताशीघ्र उचित फोरम पर बातचीत कर इस समस्या का समाधान करने की पहल की जाए ताकि कर्मचारियों को होने वाले अनावश्यक परेशानी से निजात मिल सके।

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