Jamshedpur, Jharkhand: शिक्षिका ने BEEO के कारनामे की एसपी को सौंपी सीडी तो शिक्षा महकमा हो गया शर्मशार, आप भी जानिए

शिक्षिका ने बीइइआे के कारनामे का सबूत एसपी को सौंप दिया है।

झारखंड के कोल्हान के सरायकेला-खरसावां जिले से एक एेसा मामला आया है जिससे शिक्षा महकमे को तो शर्मींदगी झेलनी ही पड रही है लोगबाग भी हैरान हैं। शिक्षिका ने बीईईओ के कारनामे की एसपी को सीडी सौंपी तो शिक्षा महकमा शर्मशार हो गया।

Rakesh RanjanSat, 08 May 2021 07:04 PM (IST)

सरायकेला, जासं। झारखंड के कोल्हान के सरायकेला-खरसावां जिले से एक एेसा मामला आया है जिससे शिक्षा महकमे को तो शर्मींदगी झेलनी ही पड रही है, लोगबाग भी हैरान हैं। मामला अब जिले के पुलिस कप्तान तक पहुंच गया है। देखने वाली बात होगी कि शिक्षा महकमे को शर्मशार करने वाले अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाइ होती है

4 मई को गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय रायबासा की शिक्षिका राधा पूर्ति ने आदित्यपुर थाने में प्रखंड के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कानन कुमार पात्र के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का उपयोग करते हुए दुर्व्यवहार करने की शिकायत दर्ज कराई थी। अब प्रताड़ित शिक्षिका राधा पूर्ति ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक मोहम्मद अर्शी से मुलाकात करते हुए खुद और बीईईओ ऑफिस के अनुसेवक गणेश गोप के बीच हुई बातचीत के रिकॉर्डिंग ऑडियो क्लिप की सीडी पुलिस अधीक्षक को बतौर साक्ष्य सौंपा है। इसमें अनुसेवक द्वारा बीईईओ एवं उच्चाधिकारियों से काम करने के नाम पर रुपए मांगने की बातचीत का सबूत दिया गया है। उन्होंने आदित्यपुर थाने में की गई शिकायत की प्रतिलिपि के साथ-साथ सबूत के तौर पर ऑडियो क्लिप के सीडी पुलिस अधीक्षक को देते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

मोबाइल पर बात करने से किया था मना

ऑडियो क्लिप में बातचीत के अंश की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा है कि बातचीत के दौरान अनुसेवक द्वारा कहा गया है कि आरडीडीई काम करेगा तो कुछ रुपया पैसा लेगा ना। आरडीडीई ने सेवा पुस्तिका खुलवाने के नाम पर रुपए की मांग की  है। अनुसेवक द्वारा पूछा भी गया है कि मोबाइल में रिकॉर्डिंग तो नहीं कर रहे हैं। क्योंकि मोबाइल में बात करने नहीं बोला है। आरडीडीई के नाम पर 12 हजार की मांग की गई है। इसके अलावा तेल, खाने और आने -जाने के नाम पर रुपए की मांग की गई है। अनुसेवक ने खुद का हिस्सा शिक्षिका के स्वविवेक पर छोड़ा। बीईईओ पूरा पैसा लेगा तभी काम करके देगा की बात कही गई है। साथ ही काम नहीं होने पर रुपया वापसी की गारंटी की बात भी कही गई है। अनुसेवक द्वारा कहा गया है कि वह अपने मन से नहीं बोल रहा है। संध्या प्रधान और शिशिर जैसे नामचीन शिक्षकों का वेतन रोक दिया और अमरेंद्र उमरेंद्र का नाम सुनते ही भड़क जाता है, जैसी बातें अनुसेवक द्वारा शिक्षिका राधा पूर्ति को फोन पर कही गई हैं।

क्या है मामला

एसपी से फरियाद करने पहुंची शिक्षिका राधा पूर्ति।

सहायक शिक्षिका राधा पूर्ति की सेवा पुस्तिका वर्ष 2018-19 में गुम हो जाने के बाद द्वितीय सेवा पुस्तिका के लिए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी गम्हरिया को 8 मई 2020 को सूचित करते हुए निवेदन किया गया था। उसी सिलसिले में 8 अप्रैल 2021 को गम्हरिया बीईईओ के कार्यालय कक्ष में वास्तविकता जानने के लिए पहुंची। जिस पर बीईईओ द्वारा आक्रोशित होकर जातिसूचक बातें और पदाधिकारियों को मैनेज करने के नाम पर पैसे दिए जाने की बातें कहीं गई थी।

आदिवासी समाज भी आया आगे, कहा- करेंगे आंदोलन

मामले को लेकर खेरवाल सावंता जाहेरगाढ़ समिति कलिकापुर भी सामने आइ है। समिति के महासचिव उदय मार्डी की अध्यक्षता में इसे लेकर सरना उमूल में एक बैठक कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए हुई। मौके पर गम्हरिया प्रखंड के बीईईओ कानन कुमार पात्र के कथित भ्रष्ट आचरण और आदिवासी शिक्षकों के साथ अमानवीय व्यवहार की निंदा की गई। समिति के सचिव गोमरा माझी द्वारा कहा गया कि आदिवासी शिक्षिका के साथ ऐसा दु:साहसिक कृत्य हेमंत सरकार की प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने यथाशीघ्र एफआईआर दर्ज कर निलंबित करने की मांग की। समिति के उपाध्यक्ष सोखेन हेंब्रम ने कहा कि शिक्षकों को प्रताड़ित कर मुद्रामोचन करना उक्त बीईईओ का इतिहास रहा है। लेकिन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने प्रशासनिक व्यवस्था पर संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के अंदर एफआईआर दर्ज नहीं होता है या निलंबित नहीं किया जाता है तो आदिवासी समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा। बैठक में हेमंत मार्डी, कोदा बेसरा, गोम्हा हांसदा, चैतन्य मुर्मू, देव मार्डी सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

सहायक गणेश गोप और शिक्षिका राधा पूर्ति के बीच बातचीत के कुछ अंशः

सहायक- आरडीडीडी काम करेगा तो कुछ पैसा लेगा न..

शिक्षिका- उस दिन आए थे उसी दिन बोलना चाहिए न..

सहायक- उस दिन काफी शिक्षक बैठे थे..

शिक्षिका- साइड में बुलाकर इशारा कर देते.. कितना देना होगा..

सहायक- रिकॉर्डिंग तो नहीं कर रहीं..

सहायक- मोबाइल में बात करने नहीं बोला है..

शिक्षिका- भरोसा रखिए..

सहायक- छह हजार बीईओ छः हजार आरडीडीडी..

शिक्षिका- इतना दस तक मैनेज कराइये फिर आपको भी देना होगा न..

सहायक- खिलाने- पिलाने और गाड़ी किराया जोड़ लीजिये.. उससे कम में नहीं होगा। साहब पूरा पैसा लेंगे। चाईबासा से काम कराकर ला देंगे। मेरा देना होगा तो दीजियेगा नहीं तो कोई बात नहीं...

शिक्षिका- बहुत ज्यादा लग रहा है। फिर डीएसओ को भी मैनेज करना होगा। 15- 16 हजार लग जाएगा। क्या साहब ही डीएसओ को मैनेज नहीं कर देंगे...

सहायक- साहब का डीएसओ से नहीं पटता है। वहां का काम आपको खुद कराना होगा या चुनाव तक रुकिए साहब का अपना आदमी डीएसओ बनकर आएगा फिर काम हो जाएगा...

शिक्षिका- फिर भी बहुत अधिक लग रहा है दस तक फाइनल करवाइए न..

सहायक- साहब बहुत सख्त हैं जब संध्या प्रधान और शिशिर का वेतन रुकवा दिया तो बाकी के साथ..

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