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झाड़ियों से घिरे भवन में क्वारंटाइन हुआ गुजरात से आया एक मात्र प्रवासी मजदूर

संसू, धालभूमगढ़ : प्रखंड के मोदशोली गांव के बाहर जंगल झाड़ियों से घिरा एक क्वारंटाइन सेंटर ऐसा है, जहां मात्र एक प्रवासी मजदूर को रखा गया है। प्रवासी मजदूर सोनाखून गांव का रहने वाला है। उसे 28 जून को क्वारंटाइन किया गया था। उसने बताया कि वह गुजरात के वलसाड में काम करता था। वहां से आने के बाद सीधे नरसिंहगढ़ सीएचसी गया। सीएचसी के चिकित्सकों ने उसे बताया गया कि वह ग्रीन जोन से है। इसलिए संस्थागत क्वारंटाइन के तहत 14 दिन रहने के बाद ही घर जा सकता है। उसके बाद मुखिया प्रतिनिधि मंगल सिंह ने उसे एक नवनिर्मित सरकारी भवन में क्वारंटाइन रहने की सलाह दी। प्रवासी मजदूर राजेश ने बताया कि 28 जून के बाद न तो कोई सरकारी प्रतिनिधि देखने आया और न ही स्वास्थ्य विभाग के लोग। पंचायत से भी किसी ने उसकी सुध नहीं ली। भोजन की व्यवस्था भी उसे घर से ही कराना पड़ रहा है। सुबह का नाश्ता, दोपहर व रात्रि का भोजन घर के लोग ही पहुंचाते हैं। उसने यह भी बताया कि क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिनों तक रहने के लिए उसे भोजन का पैसा दिया जाएगा या नहीं, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। नवनिर्मित सरकारी भवन में साफ-सफाई की व्यवस्था भी नहीं है। बिजली के नाम पर मात्र एक बल्ब बाहर के बरामदे में लगा हुआ है। भवन के चारों और बड़ी-बड़ी झाड़ियां हैं, जिसमें से सांप भी निकलते हैं।

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