Jharkhand Budget 2021 : झारखंड बजट में सरकार ने छोटे, लेकिन बेहतरीन कदम उठाए, बोले एक्सएलआरआइ के पूर्व प्रोफेसर प्रबाल सेन

एक्सएलआरआइ जमशेदपुर के पूर्व प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) प्रबाल सेन

Jamshedpur News एक्सएलआरआइ (XLRI) के पूर्व प्रोफेसर प्रबाल सेन (Prabal Sen) का मानना है कि झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने जो बजट (Budget) पेश किया है वह वास्तविक आकलन पर आधारित है। सरकार ने इस बात को स्वीकार किया है कि उसकी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष आमदनी घटने वाली है।

Jitendra SinghThu, 04 Mar 2021 10:59 AM (IST)

जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। एक्सएलआरआइ (XLRI) के पूर्व प्रोफेसर प्रबाल सेन (Prabal Sen) का मानना है कि झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने जो बजट (Budget) पेश किया है, वह वास्तविक आकलन पर आधारित है। सरकार ने इस बात को स्पष्टता के साथ स्वीकार किया है कि उसकी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष आमदनी घटने वाली है। इसके बावजूद पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) बढ़ाने का निर्णय दूरदर्शी कदम है, क्योंकि इससे स्थायी परिसंपत्ति (Assets) तैयार होती है। इस बजट में तात्कालिक के साथ-साथ दूरगामी प्रभाव वाले कदम भी उठाए हैं, जो यह दिखाता है कि यह सरकार ताली बजवाने के लिए नहीं, वास्तव में राज्य की समृद्धि के लिए ठोस कदम उठा रही है और उठाना चाहती है।

झारखंड सरकार का यह बजट कैसे लाभकारी होगा, देखिए। सरकार ने बजट में दिखाया है कि सरकार की कुल आय में गत वर्ष के संशोधित बजट में 26.1 फीसद टैक्स से आया था, जो इस बार 25.5 फीसद होगा। यह वास्तविक आंकड़ा है। नन-टैक्स रेवेन्यू भी 15.9 की तुलना में इस बार घटकर 14.8 फीसद होने का अनुमान जताया गया है। आमतौर पर सरकारें इस तरह के आंकड़े छिपाती हैं, क्योंकि इससे विपक्ष को आलोचना करने का मौका मिलता है। बहरहाल, इसके बावजूद सरकार ने पूंजीगत व्यय बढ़ाया है। सरकार ने गत वर्ष 15.23 फीसद खर्च किया था, जिसे इस बार बढ़ाकर लगभग 17 फीसद किया है। यह अच्छी बात है। 

इसके अलावा सरकार ने तात्कालिक प्रभाव वाली जिन योजनाओं को चुना है, उसमें जनमुखी या पीपुल ओरिएंटेड योजनाएं ज्यादा हैं। हर जिले में बिरसा ग्राम और शहीद ग्राम के लिए (61 व 5 करोड़) कुल 66 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रोजगार सृजन के लिए एससी, एसटी, ओबीसी व मान्योरिटी के लिए भी योजना अच्छी है, तो दाल-भात योजना को गुरुजी किचेन में अपग्रेड किया जाएगा। इन सभी योजनाओं का राज्य की जनता को तात्कालिक लाभ मिलेगा।

दूरगामी प्रभाव वाली योजनाओं में दुमका की मेगा लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम (Mega Lift Irrigation System), लुगुबुरू व रजरप्पा (Rajrappa) में पर्यटन विकास के साथ झारखंड खुला विश्वविद्यालय (Jharkhand Open University) की योजना को लिया जा सकता है। इनके निर्माण से हर सेक्टर को लाभ मिलेगा। बहुत बड़ी आबादी की समृद्धि बढ़ेगी, वह भी लंबे समय तक। पश्चिम बंगाल में नेताजी सुभाषचंद्र बोस व बिहार में नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी समेत कई राज्यों में खुला विश्वविद्यालय (Open University) पहले से चल रहे हैं, इसलिए झारखंड में भी इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसमें यहां के वैसे युवा अपना ज्ञान व हुनर बढ़ा सकेंगे, जो नौकरी या व्यवसाय करते हुए पढ़ना चाहते हैं। बहुत से युवा ऐसे होते हैं, जो विश्वविद्यालय में नियमित रूप से जाकर पढ़ाई नहीं कर सकते, उनके लिए यह विश्वविद्यालय खुला रहेगा। मेरा सरकार से यही आग्रह है कि इसका स्तर नहीं गिरने दे, वरना यह सर्टिफिकेट बांटने वाला उद्योग बनकर रह जाएगा। 

ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में हेमंत सरकार (Hemant Government) ने साहसिक तरीके से वित्तीय घाटा होने का आकलन करते हुए जो प्रावधान किए हैं, उसकी सराहना करनी ही चाहिए। 

 

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