औद्योगिक क्षेत्र की जर्जर सड़कों का होगा कायापलट

औद्योगिक क्षेत्र की जर्जर सड़कों का होगा कायापलट

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की समस्या को जानने शुक्रवार को उद्योग निदेशक जितेंद्र कुमार सिह औद्योगिक क्षेत्र में थे। उन्होंने सुदिशा फाउंड्री रामकृष्णा फोर्जिग सूरज लॉजेस्टिक मेटालसा समेत आधा दर्जन कंपनी का निरीक्षण करने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों का भी जायजा लिया।

JagranSat, 23 Jan 2021 06:00 AM (IST)

संसू, आदित्यपुर : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की समस्या को जानने शुक्रवार को उद्योग निदेशक जितेंद्र कुमार सिह औद्योगिक क्षेत्र में थे। उन्होंने सुदिशा फाउंड्री, रामकृष्णा फोर्जिग, सूरज लॉजेस्टिक, मेटालसा समेत आधा दर्जन कंपनी का निरीक्षण करने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों का भी जायजा लिया। सुदिशा फाउंड्री परिसर में उन्होंने कंपनी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर औद्योगिक क्षेत्र में होने वाली उत्पादन, उत्पाद समेत अन्य मुद्दों पर जानकारी ली। बैठक में औद्योगिक संगठन एसिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल, कंपनी प्रतिनिधि राजीव रंजन मुन्ना, संजय सिंह, प्रवीण गुटगुटिया, विनोद देबुका आदि उपस्थित थे। वहीं उद्योग निदेशक ने कहा कि कोरोना काल में उद्योग की गति काफी धीमी हो गई थी। धीरे-धीरे इसे पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों की बैठक बुलाई जाएगी। जिसमें उनकी समस्याओं के निदान पर विचार-विर्मश किया जाएगा।

उद्योग निदेशक जितेंद्र कुमार सिंह ने आरआइटी मोड़ जाने वाली जर्जर सड़क के अलावा अन्य सड़कों का निरीक्षण किया। एसिया अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने उद्योग निदेशक को कहा कि झारखंड औद्योगिक विकास प्राधिकार जियाडा के पास इतना भी फंड नही है कि छोटी छोटी समस्या का निदान हो सके। आरआइटी मोड़ से औद्योगिक क्षेत्र में जाने वाली जर्जर सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों कामगारों के साथ सैकड़ों वाहनों का आना जाना होता है। जर्जर सड़क से इन सभी को परेशानी होती है। इस बाबत कई बार उद्यमी संगठन ने जियाडा के पदाधिकारियों से मुलाकात की लेकिन नतीजा सिफर साबित हुआ। उद्योग निदेशक जितेंद सिंह ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि वे उद्योग सचिव के साथ मिलकर जल्द ही जर्जर सड़क की समस्या को दूर करूंगा।

सीटीओ व सीटीई नहीं मिलने से उद्यमी परेशान : एसिया अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने उद्योग निदेशक को बताया कि प्रदूषण विभाग द्वारा उद्यमियों को कर्सन टू आपरेट (सीटीओ) एवं कंर्सन टू स्टेबिल्समेंट (सीटीइ) मिलने में काफी परेशानी हो रही है। इस बाबत उन्होंने कहा कि वे शीघ्र रांची के पदाधिकारियों से बात कर इस समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे।

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