Telco Workers Union के महामंत्री प्रकाश सिंह ने खेला नया दांव, चुनाव रुकवाने के लिए टाटा मोटर्स के प्लांट हेड सहित जिला उपायुक्त को भेजा पत्र

Telco Workers Union लिए टाटा मोटर्स के बर्खास्त कर्मचारी सह टेल्को वर्कर्स यूनियन के महामंत्री प्रकाश कुमार सिंह ने बड़ा दांव खेला है। उन्होंने टाटा मोटर्स के प्लांट हेड पूर्वी सिंहभूम के जिला उपायुक्त सूरज कुमार उप श्रमायुक्त सहित अन्य को एक पत्र भेजा है।

Rakesh RanjanPublish:Wed, 24 Nov 2021 09:57 AM (IST) Updated:Wed, 24 Nov 2021 09:57 AM (IST)
Telco Workers Union के महामंत्री प्रकाश सिंह ने खेला नया दांव, चुनाव रुकवाने के लिए टाटा मोटर्स के प्लांट हेड सहित जिला उपायुक्त को भेजा पत्र
Telco Workers Union के महामंत्री प्रकाश सिंह ने खेला नया दांव, चुनाव रुकवाने के लिए टाटा मोटर्स के प्लांट हेड सहित जिला उपायुक्त को भेजा पत्र

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन में दिसंबर 2021 तक चुनाव होने वाला है। ऐसे में इस चुनाव को रुकवाने के लिए टाटा मोटर्स के बर्खास्त कर्मचारी सह टेल्को वर्कर्स यूनियन के महामंत्री प्रकाश कुमार सिंह ने बड़ा दांव खेला है। उन्होंने टाटा मोटर्स के प्लांट हेड, पूर्वी सिंहभूम के जिला उपायुक्त सूरज कुमार, उप श्रमायुक्त सहित अन्य को एक पत्र भेजा है। उसमें उन्होंने कहा है कि टाटा मोटर्स प्रबंधन अपने कंपनी परिसर को इस्तेमाल टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन का चुनाव कराने के लिए दे रही है जो कोर्ट की अवमानना होगी।

मामला कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन चुनाव नहीं करा सकती है। प्रकाश कुमार ने अपने आठ पेज के भेजे गए पत्र में दावा किया कि आज भी टेल्को वर्कर्स यूनियन के 3500 सदस्य हैं लेकिन गैर कानूनी ढ़ंग से उसका टीएमएल ड्राइव लाइंस में विलय कर लिया गया। टीएमएल ड्राइव लांइस की पहले मान्यता प्राप्त टीएमएल ड्राइव लांइस यूनियन थी। लेकिन टीएमएल ड्राइवलाइंस का टाटा मोटर्स में विलय के बाद उसकी यूनियन का भी अस्तित्व समाप्त हो चुका है। ऐसे में उसका क्रियाकलाप पूरी तरह से असंवैधानिक और ट्रेड यूनियन एक्ट के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट में डब्ल्यूपीसी 4171/2018 याचिका दायर की है जो वर्तमान में विचाराधीन है। ऐसे में एक पक्ष खुद से निर्णय लेकर चुनाव की प्रक्रिया शुरू नही कर सकती। यदि वह ऐसा करती है तो वह गैर कानूनी व कोर्ट की अवमानना होगी। टेल्को यूनियन द्वारा जल्द ही कोर्ट में इंटरलोकेट्री एप्लीकेशन दायर कर मामले की जल्द सुनवाई की अपील करेंगे।

टेल्को यूनियन की रद हो चुकी है मान्यता

इस पूरे मामले में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन का कहना है कि यह पुराना मामला अब प्रासंगिक नहीं है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डिवीजनल बेंच ने दो दिन की बहस के बाद आदेश जारी किया। जिसमें कहा गया है कि टेल्को यूनियन का निबंधन रद हो चुका है और वह अपनी कानूनी रूप से अपना अस्तित्व खो चुका है। श्रमायुक्त ने भी टेल्को यूनियन को दो बार नोटिस जारी कर पुन: निबंधन बहाल करने के लिए पत्र भेजा लेकिन उनकी ओर से कोई पहल नहीं हुई। जिस यूनियन के हर समझौते को उनके 5100 सदस्य मान रहे हैं। मासिक चंदा दे रहे हैं उसके चुनाव का निर्णय एक बाहरी व्यक्ति कैसे कर सकता है।