Women Power in TCS : टीसीएस महिलाओं की बल्ले-बल्ले, फिर से कॉरपोरेट सेक्टर में आने का मौका

Women Power in TCS चाहे वर्क फ्रॉम होम का मामला हो या फिर ज्यादा से ज्यादा प्रोफेशनल हायर करने का टीसीएस हमेशा नया करती रहती है। अब कंपनी ने वैसे महिलाओं को भी नौकरी में रखने का फैसला किया जो किसी कारण से करियर को विराम दे दिया था।

Jitendra SinghFri, 24 Sep 2021 01:13 AM (IST)
Women Power in TCS : टीसीएस महिलाओं की बल्ले-बल्ले, फिर से कॉरपोरेट सेक्टर में आने का मौका

जमशेदपुर, जासं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज या टीसीएस देश भर की महिलाओं के लिए नौकरी का सबसे बढ़िया प्लेटफार्म बन सकता है। कंपनी अपने यहां अधिक से अधिक महिलाओं को नौकरी देने की योजना बना रही है। टीसीएस-री-बिगिन प्रोजेक्ट का उद्देश्य उन महिला पेशेवरों को लाभान्वित करना है, जिन्होंने परिवार या अन्य दबाव की वजह से कॅरियर को विराम दे दिया है, उन्हें कारपोरेट जीवन में फिर से प्रवेश करने में मदद करना है।

करीब 40,000 नई भर्ती की योजना

देश की अग्रणी आईटी कंपनी में फिलहाल पांच लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, इसके बावजूद करीब 40,000 नई भर्ती करने की योजना है। हालांकि कंपनी ने अभी इस बात की घोषणा नहीं की है कि इसमें महिला कर्मियों का अनुपात क्या रहेगा, लेकिन बताया जाता है कि इसमें कम से कम 40 प्रतिशत महिला कर्मियों को रखना है। टीसीएस-री-बिगिन प्रोजेक्ट का उद्देश्य अनुभवी और महत्वाकांक्षी महिलाओं के लिए है, जो अपनी पेशेवर यात्रा शुरू करना चाहती हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 तक कंपनी में 36 प्रतिशत से ज्यादा महिला कर्मचारी कार्यरत थीं।

ज्यादातर महिलाएं पारिवारिक वजह से छोड़ देतीं कॅरियर

एक रिपोर्ट के मुताबिक टीसीएस के प्रवक्ता ने कहा कि महिलाओं में नौकरी छोड़ने का प्रमुख कारण विवाह और पति का तबादला है। कुछ महिलाओं ने परिवारिक समस्या के अलावा व्यक्तिगत वजहों से भी कॅरियर छोड़े हैं।

पांच वर्ष में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

कंपनी में पिछले पांच वर्ष में विभिन्न स्तरों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। कंपनी मातृत्व अवकाश लेने वाली महिलाओं को दोबारा काम पर आने के लिए प्रोत्साहित किया और कंपनी इसमें सफल रही है। कंपनी की वित्तीय वर्ष 2021 की रिपोर्ट के अनुसार कुल 16,907 कर्मचारियों ने माता-पिता की छुट्टी का लाभ उठाया। इनमें से 116 पुरुष और 16,791 महिलाएं थीं। वर्ष के दौरान जिन 18,767 कर्मचारियों की पैतृक छुट्टी समाप्त हुई, उनमें से 127 पुरुष और 18,640 महिलाएं थीं। इनमें से 91 पुरुष और 16,176 महिला कर्मचारियों ने फिर से काम शुरू किया, जिससे प्रतिधारण दर क्रमशः 72 व 87 प्रतिशत रही।

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