भूषण स्टील एवं उषा मार्टिन के बाद यह कंपनी भी टाटा स्टील की, अधिग्रहण को मिली हरी झंडी

टाटा स्टील की स्वामित्व वाली कंपनी टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड कंपनी ने रोहित फेरो टेक (आरएफटी) कंपनी का अधिग्रहण करने की तैयारी शुरू कर दी है। टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड कंपनी के प्रस्ताव को एनसीएलटीइ ने मंजूरी दे दी है। इससे कलिंगनगर स्टील प्लांट को फायदा होगा।

Rakesh RanjanMon, 07 Jun 2021 05:50 PM (IST)
रोहित फेरो टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी फेरो एलॉय मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में काम करती है।

जमशेदपुर, जासं। रोहित फेरो टेक लिमिटेड की खरीदारी के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (ए़नसीएलटी) ने टाटा स्टील माइनिंग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। टाटा स्टील की स्वामित्व वाली कंपनी टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड कंपनी ने रोहित फेरो टेक (आरएफटी) कंपनी का अधिग्रहण करने की तैयारी शुरू कर दी है।

टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड कंपनी के प्रस्ताव को एनसीएलटीइ ने मंजूरी दे दी है। लेनदारों की समिति (सिक्योर्ड क्रेडिटर्स कमेटी) ने इनसालवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत एनसीएलटी ने रोहित फेरो टेक के अधिग्रहण के लिए टाटा स्टील को ही वाजिब कंपनी माना है। टाटा स्टील ने इसकी जानकारी खुद साझा की है। नियामक संस्थानों को टाटा स्टील ने जानकारी दी है कि टाटा स्टील लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड को बीते पांच जून को रोहित फेरो टेक लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए लेनदारों की समिति द्वारा सफल समाधान आवेदक के रुप में घोषित किया गया है। एनसीएलटी से अनुमोदन समेत तमाम आवश्यक नियामक अनुमोदन प्राप्त करने के लिए भी टाटा स्टील को ही आवेदक के रुप में घोषित किया गया है। टाटा स्टील की कंपनी टीएसएमएल ने आइबीसी के कारपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत रोहित फेरो टेक के लिए एलओआर लेटर ऑफ इंटरेस्ट को स्वीकार कर लिया है।

बीमार घोषित हो चुकी फेरोटेक

जानकारी हो कि रोहित फेरोटेक कंपनी बीमार घोषित हो चुकी थी और इसके क्लोजर को लेकर बीआइएफआर में कंपनी प्रबंधन ने प्रस्ताव दे दिया था। जिसके बाद एनसीएलटी का गठन हुआ और सुनवाई शुरू हुई। जिसमें टाटा स्टील की स्वामित्व वाली कंपनी टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड कंपनी ने अपनी दावेदारी पेश की जिसको मंजूरी दी गयी है।

क्या है रोहित फेरोटेक कंपनी और कहां, क्या है उसका कारोबारी संचालन

रोहित फेरो टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी फेरो एलॉय मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में काम करती है। वह लौह धातु से जुड़े काम करती थी। वर्ष 2003 से इस कंपनी की स्थापना की गयी थी और पश्चिम बंगाल के विष्णुपुर में 24 हजार टन प्रति वर्ष का उत्पादन करती थी। लगातार हर साल होने वाले विस्तार के बाद प्रति वर्ष अभी 2 लाख 74 हजार 583 मिलियन टन प्रति वर्ष फेरो एलॉय का उत्पादन कर रही थी। कंपनी का अपना कैप्टिव पावर प्लांट जाजपुर में है जो टाटा स्टील के कलिंगानगर प्लांट से सटा हुआ है। पश्चिम बंगाल के विष्णुपुर में ही स्टेनलस स्टील के निर्माण की कंपनी भी है जिसकी क्षमता दस लाख टन प्रति वर्ष है। एसके पत्नी नामक प्रोमोटर द्वारा इस कंपनी की स्थापना की गयी थी। इसके अलावा इंडोनेशिया में थर्मल और कोकिंग कोल का माइंस भी है। इसके अलावा ओड़िशा के जाजपुर और पश्चिम बंगाल के ही हल्दिया में भी कंपनी काक प्लांट है। यह हाई कार्बन फेरो क्रोम का उत्पादन करने वाली कंपनी रही है।

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