टाटा मोटर्स के MD गुंटर बुशेक को मिल सकता एक साल का सेवा विस्तार

टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक (Managing Director) जर्मनी के गुंटेर बुशेक को एक साल का सेवा विस्तार मिलने की संभावना है। गुंटेर बुशेक 2016 में टाटा मोटर्स से जुड़े थे। हाल ही में मार्क टिस्टोला का कंपनी से जुड़ने वाले थे। लेकिन बाद में उन्होंने इंकार कर दिया था।

Jitendra SinghThu, 17 Jun 2021 06:00 AM (IST)
टाटा मोटर्स के MD गुंटर बुशेक को मिल सकता एक साल का सेवा विस्तार।

जमशेदपुर, जासं। टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) गुंटर बुशेक हाल ही में सेवानिवृत्त हो गए थे। इनकी जगह मार्क लिस्टोसेला को एमडी बनाया गया था, लेकिन अब पता चला है कि लिस्टोसेला ने यह जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। नई स्थिति में गुंटर बुशेक को पहले 30 जून तक का विस्तार दिया गया था, लेकिन अब उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार देने पर प्रबंधन विचार कर रहा है।

टाटा मोटर्स ने जनवरी 2014 में कार्ल स्लिम की मृत्यु के बाद 2016 में एयरबस के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी बुशेक को अपने प्रबंध निदेशक और स्थानीय परिचालन के मुख्य कार्यकारी के रूप में नियुक्त किया था। कंपनी ने नेतृत्व के उत्तराधिकार और संभावित उम्मीदवारों पर सलाह देने के लिए एक वैश्विक परामर्श फर्म एगॉन जेंडर को काम पर रखा है। टाटा समूह एमडी की भूमिका के लिए एक उम्मीदवार की पहचान करने की प्रक्रिया में है और एक उपयुक्त उम्मीदवार की पहचान होने तक गुंटर बुशेक को एक विस्तार दे सकता है। उद्योग जगत में चर्चा है कि फर्म की नॉमिनेशन और पारिश्रमिक समिति जल्द ही इस मुद्दे पर फैसला लेगी। हालांकि टाटा मोटर्स ने अभी तक इन अटकलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इससे पहले 19 मार्च को टाटा मोटर्स ने कहा था कि मार्क लिस्टोसेला इसके सीईओ और प्रबंध निदेशक के रूप में शामिल नहीं होंगे। फुसो ट्रक एंड बस कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष और सीईओ और एशिया में डेमलर ट्रक्स के प्रमुख लिस्टोसेला, बुशेक की जगह लेते, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से अनुबंध के अंत में जर्मनी में स्थानांतरित होने की इच्छा व्यक्त की है।

बुशेक ने टाटा मोटर्स को दी नई ऊंचाई

वाहन निर्माण में निजी क्षेत्र की भारत की सबसे बड़ी कंपनी टाटा मोटर्स ने गुंटर बुशेक के नेतृत्व में नई ऊंचाई हासिल की थी। भारतीय सेना के बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से एक टाटा मोटर्स के वाहनों का बड़ा बाजार पड़ोसी देश में भी बना। अत्याधुनिक निर्माण शैली के साथ भारतीय कंपनियों में सबसे पहले इलेक्ट्रिक कार बाजार में उतारने का श्रेय भी गुंटर बुशेक को दिया जाता है। अभी तक मारुति इलेक्ट्रिक कार बाजार में लांच नहीं कर पाई है, जबकि टाटा की इलेक्ट्रिक कार सड़कों पर दौड़ रही है। भविष्य इलेक्ट्रिक कारों का है, इसका आकलन करते हुए कंपनी ने इसमें तेजी दिखाई।

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