Tata Motors EV : टाटा समूह इलेक्ट्रिक व्हीकल साम्राज्य को मजबूत करने को ऐसे कम मुनाफा में लगा रही ऊंची दांव

Tata Motors EV टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार में तहलका मचा रही है। कंपनी जल्द ही ईवी ट्रक लांच करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए टाटा समूह ऐसी रणनीति तैयार कर रहा है जिसमें टाटा पावर की अग्रणी भूमिका होगी...

Jitendra SinghWed, 01 Dec 2021 08:45 AM (IST)
Tata Motors : टाटा समूह इलेक्ट्रिक व्हीकल साम्राज्य को मजबूत करने को ऐसे कम मुनाफा में लगा रही ऊंची दांव

जमशेदपुर, जासं। टाटा समूह को भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति का अगुआ यूं ही नहीं कहा जाता। टाटा मोटर्स की नेक्सन बाजार में पहले से ही धमाल मचा रही है। अगले पांच साल में समूह सार्वजनिक स्थानों से लेकर घरों तक एक लाख चार्जर लगाने की योजना बना रही है। फिलहाल देश भर में 6,500 चार्जिंग स्टेशन है। लेकिन सभी प्रकार के चार्जिंग इंफ़्रा समान नहीं बनाए गए हैं, और लाभ अभी दूर की कौरी लग रही है।

1000 चार्जिंग स्टेशन लगा चुका है टाटा पावर

पिछले महीने के अंत में जब टाटा पावर कंपनी ने सितंबर को समाप्त तीन महीनों के लिए अपनी वित्तीय घोषणा की, तो इसने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया। जिसका मुख्य व्यवसाय से कुछ लेना देना नहीं था। टाटा पावर का मुख्य आधार थर्मल बिजली उत्पादन और बिजली वितरण है। यहां तक ​​कि इसके नवीकरणीय व्यवसाय से कोई लेना-देना नहीं था। पर कंपनी ने इस तिमाही में, कंपनी ने 180 शहरों में 1,000 सार्वजनिक चार्जिंग प्वाइंट (पीसीपी) को पार कर लिया था।

ईवी चार्जिंग में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी

चार्जिंग में विविधता लाने के चार वर्षों के भीतर टाटा पावर ने इस क्षेत्र के शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जो देश में 50 प्रतिशत से अधिक पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट (पीसीपीहै। एक रिपोर्ट के अनुसार, होम चार्जिंग और फ्लीट चार्जिंग वर्टिकल में भी टाटा पावर की बाजार हिस्सेदारी 40 प्रतिशत है।

टाटा पावर ही होगा टाटा मोटर्स का आधार

टाटा पावर 153 साल पुराने समूह टाटा समूह की इलेक्ट्रिक व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर का मूल आधार होगा। टाटा मोटर्स ईवी को रोल आउट करती है, टाटा केमिकल्स लिथियम-आयन सेल बनाती है। टाटा ऑटोकॉम्प बैटरी पैक एसेंबल करता है।

टाटा पावर को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम सौंपा गया है। टाटा समूह को टाटा पावर की जितनी जरूरत है, यह उपलब्ध करता है। टाटा पावर टाटा मोटर्स का चार्जिंग पार्टनर है, जिसने सितंबर को समाप्त तीन महीनों में भारत की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा लिया।

2026 तक एक लाख चार्जिंग स्टेशन बनाने का लक्ष्य

पांच साल में पीसीपी टाटा मोटर्स और एमजी मोटर इंडिया और टीवीएस मोटर कंपनी जैसे अन्य वाहन निर्माताओं के अलावा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आइओसी) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) जैसे खुदरा ईंधन विक्रेताओं के साथ ऊंचाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। टाटा पावर का अन्य महत्वाकांक्षी लक्ष्य मार्च 2026 तक पीसीपी, होम व फ्लीट चार्जर सहित 100,000 चार्जिंग स्टेशन बनाना है। यह मौजूदा 6,500 चार्जिंग स्टेशन से 15 गुना अधिक होगा।

इलेक्ट्रिक व्हीकल से एक अरब डॉलर जुटाने की तैयारी

टीपीजी राइज क्लाइमेट वैश्विक निजी इक्विटी प्रमुख का पहला क्लाइमेट फंड है, जो अबूधाबी की स्टेट होल्डिंग कंपनी एडीक्यू से अपनी नवगठित ईवी सहायक कंपनी के लिए है। इस इकाई का मूल्य 9.1 बिलियन डॉलर है। टाटा पावर टाटा मोटर्स के प्रत्येक डीलरशिप और सर्विस सेंटर पर एक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने जा रही है। इसका अपना नेटवर्क है।

प्रतिद्वंद्वी चार्ज प्वाइंट ऑपरेटर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि टाटा पावर अपनी ताज और जिंजर होटल श्रृंखलाओं के अलावा वेस्टसाइड (परिधान) और क्रोमा (इलेक्ट्रॉनिक्स) सहित टाटा समूह के स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों को भी इसमें जोड़ सकती है।

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