कोविड से भी खतरनाक है स्ट्रेन, टीका आने तक बरते एहतियात

Second web strain. कोविड 19 से कहीं अधिक गंभीर उसका सेकेंड वेब स्‍ट्रेन है। पूरी दुनिया के कई देशों में सेकेंड वेब के लक्षण देखने को मिले हैं इसलिए हमें इसके लिए पहले से अधिक तैयार होने की जरूरत है। सावधानी बेहद जरूरी है।

Rakesh RanjanPublish:Wed, 23 Dec 2020 04:17 PM (IST) Updated:Wed, 23 Dec 2020 04:17 PM (IST)
कोविड से भी खतरनाक है स्ट्रेन, टीका आने तक बरते एहतियात
कोविड से भी खतरनाक है स्ट्रेन, टीका आने तक बरते एहतियात

जमशेदपुर, जासं। कोविड 19 से कहीं अधिक गंभीर उसका सेकेंड वेब स्‍ट्रेन  है। पूरी दुनिया के कई देशों में सेकेंड वेब के लक्षण देखने को मिले हैं इसलिए हमें इसके लिए पहले से अधिक तैयार होने की जरूरत है। 

टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) द्वारा आयोजित डाक्टर ऑनलाइन को संबोधित करते हुए अस्पताल के मेडिकल सर्विसेज के महाप्रबंधक डा. सुधीर राय ने टाटा स्टील कोक प्लांट के पूर्व कमेटी मेंबर करम अली के सवाल का जवाब देते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने बताया कि टीएमएच स्ट्रेन के लिए पूरी तरह से तैयार है लेकिन हमें इससे बचाव के लिए तैयार रहना होगा। इसलिए जब तक कोविड 19 का टीका नहीं आ जाता है हमें बाहर जाने और बाहर खान-पान में एहतियात बरतना होगा। 

ठंड का मौसम जितना सुहाना, उतना ही खतरनाक

वहीं, महाप्रबंधक ने बताया कि ठंड का मौसम जितना सुहाना है उतना ही खतरनाक भी है। इस मौसम में खान-पान में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस मौसम में ठंड से बचने की जरूरत है। यदि किसी चीज को खाने से किसी तरह की एलर्जी होती है तो उसे नहीं खाना चाहिए।

उठाया गया पार्किंग का मसला

इसके अलावे सर्जरी विभाग के एचओडी डा. मन्नान मल्लिक ने बताया कि की होल सर्जरी किडनी में पत्थरी के लिए कारगार उपाय है। टीएमएच में भी व्यस्क से लेकर नवजात बच्चों के लिए इस तरह के ऑपरेशन की सुविधा है। वहीं, डा. ऑनलाइन में करम अली ने एक बार फिर टीएमएच के बाहर लगने वाले पार्किंग और इससे होने वाले सड़क जाम का मामला उठाया। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि यह गंभीर समस्या है और सिक्योरिटी चीफ से लेकर अस्पताल प्रबंधन ने भी इसे देखा है। इस पर सर्वे भी हो चुका है। जल्द ही कंपनी प्रबंधन से बात कर इसका समाधान निकाला जाएगा। 

हल्के में न लें कमर व जोड़े का दर्द

डा. ऑनलाइन में सर्जरी विभाग के एचओडी उत्पल प्रकाश ने कमर, नस व जोड़े में दर्द के कारण व लक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि स्पाइन कोड काम नहीं होने का मतलब है कमर में दर्द और कड़ापन महसूस होना। कुछ लोगों को यह दर्द बांह से लेकर पैर के निचले भाग तक दर्द तक होता है जिसे साइटिका भी कहा जाता है। हाथ और पैर में शून्य होना, भारीपन महसूस होना, जलन और फटन महसूस होना इसके मुख्य लक्षणों में से एक है। किसी हल्के सामान को उठाने में परेशानी होना इस परेशानी का एक कारण हो सकता है। बाजार में आ गया है आर्टिफिशयल डिस्क

रीढ़ की हड्डी स्पाइन में स्थित इंटर वर्टिकल डिस्क (आइबीडी) पर ज्यादा दबाव बढ़ने से भविष्य में डी-जनरेटिव डिस्क डिजिज समस्या उत्पन्न हो सकती है। लेकिन अभी बाजार में आर्टिफिशयल डिस्क आ गया है। इसे लगाने से मरीज को आराम मिलता है। लेकिन इसे कारगार उपाय नहीं बोला जा सकता है, ये वैकल्पिक व्यवस्था हो सकती है। रीढ़ में लचीलापन और गतिशीलता की स्थितियां आइबीडी पर निर्भर करती है इसलिए हर व्यक्ति को बैठने से लेकर सोने तक अपने शरीर को रखना होगा। साथ ही खान-पान में भी ध्यान देना होगा।