Minali Jamshedpur: जमशेदपुर के बंगभाषियों की सबसे पुरानी संस्था मिलानी की कार्यकारिणी समिति बनी, श्रीलेदर्स के मालिक शेखर डे दाेबारा बने अध्यक्ष

Milani Jamshedpur जमशेदपुर शहर में बंगभाषियों की सबसे पुरानी संस्था मिलानी (मिलोनी) की कार्यकारिणी समिति का गठन मंगलवार को किया गया जिसमें एक बार फिर देश के प्रख्यात चर्मशिल्प उद्योग श्रीलेदर्स के मालिक शेखर डे दोबारा इसके अध्यक्ष चुने गए हैं।

Rakesh RanjanTue, 28 Sep 2021 04:41 PM (IST)
यह रही झारखंड के जमशेदपुर की संस्था मिनाली की पूरी कमेटी।

जमशेदपुर, जासं। शहर में बंगभाषियों की सबसे पुरानी संस्था मिलानी (मिलोनी) की कार्यकारिणी समिति का गठन मंगलवार को किया गया, जिसमें एक बार फिर देश के प्रख्यात चर्मशिल्प उद्योग श्रीलेदर्स के मालिक शेखर डे तीसरी बार इसके अध्यक्ष चुने गए हैं। वर्तमान कार्यकाल 2021-23 का है। इस बार के चुनाव की खास बात रही कि पहली बार तीन महिलाओं को कमेटी मेंबर में शामिल किया गया है, जिनमें पूरबी घाेष, रुमी बाग्ची व चैताली सरकार शामिल हैं।

इससे पहले पुरुष सदस्य ही कार्यकारिणी समिति में शामिल रहते थे। महिलाओं का अलग विंग होता था, लेकिन इस बार उन्हें मुख्य कार्यकारिणी समिति में शामिल किया गया। इस बार उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं किया गया, बल्कि सभी का मनोनयन (को-ऑप्शन) हुआ है।

 

यह रही पूरी कमेटी

अध्यक्ष : शेखर डे

उपाध्यक्ष (सभी मनोनीत): भास्कर मित्रा, सपन कुमार अदक, सपन कुमार मजूमदार, अनिमेश कुमार सरकार, सुदीप्तो मुखर्जी व पुलक कुमार सेनगुप्ता

महासचिव : दीपांकर उर्फ राजू दत्ता

संयुक्त सचिव : कृष्णेंदु चटर्जी

सहायक सचिव : गौतम कुमार आचार्जी, मिहिर कुमार भट्टाचार्जी, अरिजीत सरकार व प्रबाल तरफदार

कोषाध्यक्ष : गौतम कुमार गुहा

सहायक कोषाध्यक्ष : गौतम डे

कमेटी मेंबर : पूरबी घोष, रुमी बाग्ची, सपन दत्ता, बिमल राय, उज्जल गुहा, विश्वरूप मुखर्जी, चैताली सरकार, पल्लब राय, रंजीत कुमार चटर्जी, प्रशांत कुमार चौधरी, गौतम कुमार भौमिक व शोभेन मुखर्जी

हिंदी नाटकों के लिए भी मिलानी चर्चित

वर्ष 1914 से ही सांस्कृतिक गतिविधियों (गीत, संगीत, नृत्य, नाटक, ड्रामा, जात्रा आदि) के लिए विख्यात मिलानी में कई हिंदी नाटक भी हुए हैं। यहां पृथ्वीराज कपूर व राजकपूर भी तीन दिन तक नाटक का मंचन कर चुके हैं। उस वक्त मिलानी में शहर का एकमात्र रिवोल्विंग स्टेज था। यहां देश के कई जादूगर अपना खेल दिखा चुके हैं, जिनमें पीसी सरकार जूनियर व के. लाल उल्लेखनीय हैं। 1936 में जमशेदपुर प्रवास के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने मिलानी हॉल में ही शहर की महिलाओं को चरखा चलाना सिखाया था। 

दुर्गापूजा पर यहां खास आयोजन किए जाते हैं। मिलानी बांग्ला भाषा व संस्कृति को पल्लवित-पुष्पित करने में अग्रणी भूमिका निभाता आया है। हालांकि कोरोना की वजह से करीब दो वर्ष से मिलानी के कार्यक्रम सीमित स्तर पर ही हो रहे हैं। संस्था के महासचिव राजू दत्ता का कहना है कि कोरोना पर सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन करने का प्रयास किया जा रहा है। क्लब में फिलहाल करीब 400 सदस्य हैं।

 

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