11 माह में सात बच्चे को लिया गया गोद, दो विदेशी तो पांच देश के दंपत्ती ने लिया गोद Jamshedpur News

बच्चा सहयोग विलेज की मैनेजर गुरविंदर सिंह ने बताया कि जनवरी से नवंबर 2021 तक सात बच्चों को गोद लिया गया है। गोद लेने वालों में दो विदेशी दंपत्ती तो पांच देश के नागरिक थे। गुरविंदर कौर ने बताया कि विदेशी दंपत्ती में एक यूके तथा दूसरा फ्रांस का है।

Rakesh RanjanPublish:Mon, 29 Nov 2021 05:25 PM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 05:25 PM (IST)
11 माह में सात बच्चे को लिया गया गोद, दो विदेशी तो पांच देश के दंपत्ती ने लिया गोद Jamshedpur News
11 माह में सात बच्चे को लिया गया गोद, दो विदेशी तो पांच देश के दंपत्ती ने लिया गोद Jamshedpur News

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : अंतरराष्ट्रीय दत्तक ग्रहण माह के अवसर पर सोनारी खरकई एन्क्लेव के पास स्थित सहयोग विलेज में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर अमरप्रीत सिंह काले, अधिवक्ता कमलजीत सिंह के अलावा सहयोग विलेज की मैनेजर गुरविंदर कौर, एडॉप्शन कोआर्डिनेटर अभिषेक कुमार, मुखिया, वार्ड सदस्य आदि शामिल थे।

कार्यक्रम में अधिवक्ता कमलजीत सिंह ने गोल लेने की कानूनी जानकारी देेते हुए बताया कि एक व्यक्ति या दंपत्ती एक ऐसे बच्चे कानूनी तौर पर स्थायी माता-पिता बन जाते हैं, जो विदेशी हो या देश का। सामान्य तौर पर भावी दत्तक माता-पिता को कानूनी तरीके से ही किसी बच्चे को गोद लेना है। इस अवसर पर अमरप्रीत सिंह काले ने संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना किया। काले ने संस्था के पदाधिकारियों को हर तरह से सहयोग करने का आश्वासन दिया। संस्था की मैनेजर गुरविंदर कौन ने बताया कि गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया कारा यानि सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथारिटी के माध्यम से की जाती है। उन्होंने बताया कि सहयोग विलेज बीते तीन सालों से काम कर रही है। उन्होंने लोगों को जानकारी देते हुए कहा कि दत्तक को कानूनी तौर पर बढ़ावा देना है।

11 माह में सात दंपत्ती ने गोद लिया

बच्चा सहयोग विलेज की मैनेजर गुरविंदर सिंह ने बताया कि जनवरी से नवंबर 2021 तक सात बच्चों को गोद लिया गया है। गोद लेने वालों में दो विदेशी दंपत्ती तो पांच देश के नागरिक थे। गुरविंदर कौर ने बताया कि विदेशी दंपत्ती में एक यूके तथा दूसरा फ्रांस का है। उन्होंने बताया कि सहयोग विलेज में इस समय 21 बच्चे हैं। जिसमें 14 लड़के तथा सात लड़कियां है। सबसे कम उम्र के एक माह का बच्चचा तो सबसे अधिक उम्र के 10 साल के बच्चे हैं।