Jamshedpur Politics: हनुमान मंदिर मामले में एसडीओ ने किया तलब तो भाजमो के अधिवक्ता ने दो सप्ताह का समय मांगा

अपना पक्ष रखते हुए अधिवक्ता ने कारण पृच्छा का जवाब देने के लिए एसडीओ से दो सप्ताह का समय मांगा है। लगे हाथ अधिवक्ता ने बताया कि मंदिर में धारा-144 लागू होने के बावजूद विपक्षी खेमे के लोगों का वहां जमावड़ा लग रहा है।

Rakesh RanjanPublish:Sun, 28 Nov 2021 01:20 PM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 01:20 PM (IST)
Jamshedpur Politics: हनुमान मंदिर मामले में एसडीओ ने किया तलब तो भाजमो के अधिवक्ता ने दो सप्ताह का समय मांगा
Jamshedpur Politics: हनुमान मंदिर मामले में एसडीओ ने किया तलब तो भाजमो के अधिवक्ता ने दो सप्ताह का समय मांगा

जमशेदपुर, जासं। साकची के शहीद चौक स्थित हनुमान मंदिर का विवाद इस कदर गहराया कि जिला प्रशासन ने पहले दोनों गुट के 22-22 लोगों पर धारा 107 लगा दी, फिर अगले दिन धारा-144 भी लगा दी। इस मामले में अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीओ), धालभूम संदीप कुमार मीणा ने दोनों पक्ष को अपने कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था। इस दौरान भारतीय जनतंत्र मोर्चा के समर्थन वाली श्रीश्री लोक संकट मोचक हनुमान मंदिर कमेटी की ओर से अधिवक्ता रविशंकर पांडेय शनिवार को एसडीओ कोर्ट में हाजिर हुए।

अपना पक्ष रखते हुए अधिवक्ता ने कारण पृच्छा का जवाब देने के लिए एसडीओ से दो सप्ताह का समय मांगा है। लगे हाथ अधिवक्ता ने बताया कि मंदिर में धारा-144 लागू होने के बावजूद विपक्षी खेमे के लोगों का वहां जमावड़ा लग रहा है। यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

भाजमो के जिलाध्यक्ष ने धारा-144 लगाने के लिए प्रशासन का जताया आभार

भाजमो, जमशेदपुर महानगर जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने श्रीश्री लोक संकट मोचक हनुमान मंदिर में धारा-144 लागू करने के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया है। श्रीवास्तव ने कहा कि श्रीश्री लोक संकट मोचक हनुमान मंदिर के निर्माण में कुछ आपराधिक प्रवृति के लोगों ने जुड़ कर साकची बाजार की शांति और संपदा को बिगाड़ने की कोशिश की थी। उनकी सोची-समझी रणनीति थी कि धार्मिक भावनाओं को भड़का क्षेत्र में दंगा-फसाद और साकची के दुकानदारों के बीच असुरक्षा का माहौल उत्पन्न करें। इसके बाद बाजार में अवैध वसूली का धंधा संचालित करने की योजना थी। जमशेदपुर के जिला प्रशासन को मजबूरन धारा 144 लागू करना पड़ा। प्रशासन ने जो कार्य किया, वह लोगों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही था। बहुत जल्द जिला प्रशासन के सहयोग से स्थानीय दुकानदारों के नेतृत्व में मंदिर निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ किया जाएगा।

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