JSCA Election: जेएससीए चुनाव की पटकथा अभी से होने लगी तैयार

JSCA Election कहने को तो यह अनौपचारिक बैठक थी लेकिन इस बैठक ने कईयों के कान खड़े कर दिए। बैठक में माइंडगेम में माहिर जेएससीए के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी पूर्व सचिव राजेश वर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सौरभ तिवारी सहित कई गणमान्य मौजूद थे।

Rakesh RanjanMon, 29 Nov 2021 05:21 PM (IST)
जेएससीए चुनाव हमेशा से ही हाई प्रोफाइल रहा है।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) चुनाव हमेशा से ही हाई प्रोफाइल रहा है। इस चुनाव का इतिहास रहा है कि जब-जब विरोधी मुखर हुए, उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। चुनाव की पटकथा अभी से बननी शुरू हो गई है और इस पटकथा का केंद्रबिंदु एक बार फिर जमशेदपुर ही है। कारण, आज भी जेएससीए के अधिकतर सदस्य जमशेदपुर से ही आते हैं।

साकची के होटल गंगा रिजेंसी में जमशेदपुर के क्लब व जेएससीए के आजीवन सदस्यों को आमंत्रित किया गया था। कहने को तो यह अनौपचारिक बैठक थी, लेकिन इस बैठक ने कईयों के कान खड़े कर दिए। बैठक में माइंडगेम में माहिर जेएससीए के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी, पूर्व सचिव राजेश वर्मा, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सौरभ तिवारी सहित कई गणमान्य मौजूद थे।

एक बार फिर कीनन का लॉलीपॉप

एक दशक से ज्यादा हो गए पर कीनन स्टेडियम के पुनरुद्धार नहीं हो सका। जेएससीए चुनाव के समय कीनन स्टेडियम उम्मीदवारों के लिए दुधारू गाय बन जाती है। शनिवार को हुई बैठक में एक बार फिर वोटरों को इस ऐतिहासिक स्टेडियम का लॉलीपॉप दिखाया गया। पूर्व पदाधिकारियों ने खूब अपनी पीठ थपथपाई और कहां टाटा स्टील से बातचीत चल रही है। किसी सदस्य ने दबी जुबान से कहा-पिछले दस साल से यही सुन रहे हैं। जब इस बाबत रांची जिला क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव सुनील कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जेएससीए में एक ही व्यक्ति की चलती है। यह 2022 में होने वाले जेएससीए चुनाव की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह इस बैठक में अधिकतर वैसे आजीवन सदस्य को आमंत्रित किया गया था, जिनके पास एक से अधिक वोट हैं। यह सिर्फ चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश मात्र है। उन्होंने बताया कि हाल ही में चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक बंगा को कानपुर टेस्ट के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया। दीपक आजीवन सदस्य हैं और प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष भी हैं। चुनावी रणनीति में वैसे क्रिकेटरों को आगे बढ़ाया जा रहा है जो हितों का टकराव (कंफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) के घेरे में हैं। यह वही क्रिकेटर हैं, जो पिछले चुनाव में अमिताभ चौधरी गुट के लिए किंगमेकर की भूमिका में थे।

हेडक्वार्टर जमशेदपुर में और सारा काम रांची से

कहते हैं, हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और। जेएससीए का आधिकारिक हेडक्वार्टर जमशेदपुर में है, लेकिन सारा काम रांची से होता है। बैठक में सदस्यों को यह भी सब्जबाग दिखाया गया कि जमशेदपुर स्थित ऑफिस को अपडेट किया जाएगा। कुछ सदस्य दबी जुबान से यह कहते सुने गए कि कोऑपरेटिव कॉलेज से वर्षों से हुआ एमओयू (मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) अबतक धरातल पर क्यों नहीं उतरा। चुनाव नजदीक आते ही उषा मार्टिन मैदान, कोऑपरेटिव कालेज मैदान और गढवा, देवघर की बात की जा रही है, जबकि 21 वर्षों बाद भी कई ऐसे जिले हैं, जो मैदान को तरस रहे हैं।

 

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