शिशु मंदिर की 10 निर्धन बालिकाओं को पढ़ाएंगे रवि झुनझुनवाला

कहा जाता है कि अगर एक लड़का पढ़ता है तो तो एक परिवार आगे बढ़ता है। वहीं एक लड़की यदि शिक्षित होती है तो दो परिवार आगे बढ़ते हैं।

JagranSun, 28 Nov 2021 08:00 AM (IST)
शिशु मंदिर की 10 निर्धन बालिकाओं को पढ़ाएंगे रवि झुनझुनवाला

संवाद सूत्र, चाकुलिया : कहा जाता है कि अगर एक लड़का पढ़ता है तो तो एक परिवार आगे बढ़ता है। वहीं एक लड़की यदि शिक्षित होती है तो दो परिवार आगे बढ़ते हैं। इसी को देखते हुए देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसा अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था। इसी अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं समाजसेवी रविद्र नाथ झुनझुनवाला उर्फ रवि झुनझुनवाला। रवि धार्मिक अनुष्ठानों में गहरी रूचि रखने वाले चाकुलिया के दिवंगत समाजसेवी स्व प्रभुदयाल झुनझुनवाला के पुत्र हैं। फिलहाल वे जमशेदपुर में रहकर अपना कारोबार करते हैं। लेकिन जन्मभूमि चाकुलिया से उनका लगाव कम नहीं हुआ है। यही कारण है कि उन्होंने स्थानीय शांति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की 10 निर्धन छात्राओं को पढ़ाने का बीड़ा उठाया है। शुक्रवार को विद्यालय परिसर में आयोजित मातृ सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे झुनझुनवाला ने 10 बालिकाओं को प्रवेश से दसवीं कक्षा तक पढ़ाने का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की। विद्यालय परिवार की ओर से प्रधानाचार्य ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलकांत प्रमाणिक ने बताया कि निर्धन परिवार की जिन 10 बालिकाओं को झुनझुनवाला पढ़ाएंगे, उनका चयन कर लिया गया है। झुनझुनवाला ने उनकी स्कूल फीस, कॉपी, किताब, यूनिफॉर्म समेत पढ़ाई का सारा खर्च देने की बात कही है। विद्यालय परिवार एवं छात्राओं के अभिभावकों ने रवि झुनझुनवाला के इस कदम की सराहना की है। 64 वर्षीय वृद्ध को मिला वृद्धा पेंशन स्वीकृति पत्र : पोटका प्रखंड के माटकु पंचायत भवन में आयोजित आपका अधिकार, आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में विधायक संजीव सरदार ने 64 वर्षीय नरेन भकत को वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृति पत्र प्रदान किया। पेंशन स्वीकृति आदेश पत्र पाकर नरेन भकत के चेहरे पर खुशी झलक रही थी। विधायक संजीव सरदार ने उनसे पूछा कि क्या आपने पहले भी पेंशन के लिए आवेदन दिया था? जवाब में नरेन भकत ने कहा कि साहब हम साठ साल की उम्र से ही आवेदन कर रहे हैं। बीपीएल नंबर नहीं होने के कारण पेंशन से संबंधित आवेदन आठ बार अस्वीकृत कर दिए गए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से 60 प्लस के वृद्धों को बीपीएल नंबर के बिना वृद्धा पेंशन दिया जा रहा है। इस आधार पर 9वीं बार प्रयास करने के बाद उनका पेंशन स्वीकृत किया गया। अब उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये वृद्धा पेंशन मिलेगा। पेंशन की राशि से उनके भरण-पोषण में काफी सुविधा होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व पोटका विधायक संजीव सरदार समेत जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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