रतन टाटा ने कभी फार्मा इंडस्ट्री से कर लिया था तौबा, आज 17 अरब में 1 MG को खरीदा

क्या आपको पता है कि रतन टाटा ने कभी हेल्थ सेक्टर में भी भाग्य आजमाया था लेकिन तुरंत ही उन्होंने हाथ पीछे खींच लिए। टाटा फार्मा की मेरिंड को बेचना पड़ा था। लेकिन आज परिस्थिति ऐसी है कि एक बार फिर टाटा समूह ई फार्मेसी में उतर रही है।

Jitendra SinghSun, 13 Jun 2021 06:00 AM (IST)
रतन टाटा ने कभी फार्मा इंडस्ट्री से कर लिया था तौबा आज 17 अरब में 1 MG को खरीदा

जमशेदपुर : देश का सबसे बड़ा औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप ने कभी फार्मा इंडस्ट्री को तौबा कर दिया था। उसने टाटा फार्मा का मेरिंड को बेचकर हेल्थ सेक्टर से अपने हाथ खींच लिए थे। लेकिन समय का पहिया ऐसा घूमा कि आज वहीं टाटा समूह ने ई फार्मेसी 1 एमजी की 51 फीसद हिस्सेदारी अपने नाम कर आनलाइन मार्केटिंग में तहलका मचा दिया।

टाटा समूह ने 1 एमजी की 51 फीसद हिस्सेदारी 230 मिलियन डॉलर में खरीद लिया। अगर भारतीय रुपये की बात करें तो 1 एमजी की अपनी झोली में डालने के लिए रतन टाटा की टाटा ग्रुप ने 16 अरब 84 करोड़ 33 लाख 14 हजार रुपये (लगभग 17 अरब रुपये) में खरीद लिया।

आपदा को अवसर में बदल  रहा टाटा समूह

कोरोना काल में टाटा समूह भी आपदा को अवसर में बदलने के लिए कमर कस चुका है। सुपर एप बाजार में जल्द आने वाली है। इसके लिए दनादन स्टार्टअप कंपनियों को अपने अधीन करती जा रही है। इसी को ध्यान रखते हुए 1 एमजी का अधिग्रहण किया गया। अभी हाल में समूह ने सिलिकॉन वैली में स्थित एक स्टार्टअप एक्सेसबेल से टेलीकांफ्रेंसिंग सॉफ्टवेयर (वर्चुअल स्वास्थ्य परामर्श की पेशकश में प्रयुक्त) की खरीद भी की है। टाटा-डिजिटल के माध्यम से समूह 230 मिलियन डॉलर से अधिक के उद्यम मूल्य के लिए 1MG में 51% से अधिक का अधिग्रहण करेगा। यह सौदा 1MG का कुल मूल्य 450 मिलियन डॉलर पर आंका जाएगा। टाटा डिजिटल ने पहले ही कंवर्टिबल डिबेंचर के जरिए में 1MG में लगभग 14 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। अगर यह डिबेंचर को इक्विटी शेयर में परिवर्तित हो जाते हैं, टाटा डिजिटल को 1MG में लगभग 6 फीसद शेयर और मिलेंगे।

अपने परिवार के साथ प्रशांत टंडन।

1MG के सह-संस्थापक प्रशांत करेंगे कंपनी का नेतृत्व

1MG के सह-संस्थापक और सीईओ प्रशांत टंडन कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे। ई-फार्मेसी रिटेलर के मौजूदा निवेशक - सिकोइया कैपिटल और ओमिडयार नेटवर्क - नए इक्विटी रिस्ट्रक्चर के बाद कंपनी से बाहर हो जाएंगे। इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन और रेडवुड ग्लोबल-कोरिया ओमेगा जैसे अन्य निवेशक बहुसंख्यक शेयरधारक टाटा डिजिटल के साथ 1MG से जुड़े रहेंगे।

पिछले वर्ष कंपनी को 300 करोड़ का हुआ था घाटा

2015 में स्थापित 1MG ने वित्तीय वर्ष 2020 में 369 करोड़ रुपये के राजस्व पर 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाया। एक ऑनलाइन मेडिकल स्टोर चलाने के अलावा, 1MG टेलीकंसल्टेशन प्रदान करता है और तीन डायग्नोस्टिक्स लैब संचालित करता है। एक अन्य टाटा समूह की कंपनी टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स, जिसे 2020 महामारी के दौरान लांच किया गया था और जो कोविड परीक्षण किट का मार्केटिंग करती है, की पहले से ही 1MG की डायग्नोस्टिक लैब​ के साथ साझेदारी है। टाटा डिजिटल ने कहा, "1MG में निवेश एक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के टाटा समूह के दृष्टिकोण के अनुरूप है।  

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