Indian railway : नियमित ट्रेनों को स्पेशल में बदल कर यात्रियों की जेब काट रहा रेलवे

नियमित व स्पेशल ट्रेनों में सिर्फ शून्य का ही अंतर है।
Publish Date:Sun, 25 Oct 2020 08:51 AM (IST) Author: Rakesh Ranjan

जमशेदपुर, गुरदीप राज।  लॉकडाउन के दौरान प्रभावित हुआ रेल यातायात फिर से स्पेशल व पूजा स्पेशल के नाम पर पटरी पर लौटने लगा है। रेलवे ने पहले स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया। यात्रियों की संख्या में इजाफा को देखते हुए रेलवे ने पूजा स्पेशल का परिचालन शुरू कर दिया।

यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा होने के कारण टिकटों की बुकिंग वेटिंग चल रही है। इसको देखते हुए रेलवे ने पूजा स्पेशल व स्पेशल ट्रेनों की संख्या में और इजाफा करने का निर्णय लिया है। लेकिन नियमित ट्रेनों के परिचालन पर रेलवे विचार भी नहीं कर रही है। ट्रेनों का परिचालन बंद होने से रेलवे को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए यात्रियों की जेब पर भार डालने में रेलवे ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। यही वजह है कि नियमित ट्रेन राजधानी, पुरुषोत्तम, मेल, स्टील एक्सप्रेस का परिचालन करने की बजाए उन ट्रेनों के रैक पर ही स्पेशल व पूजा स्पेशल के नाम पर ट्रेनों को पटरियों पर दौड़ाया जा रहा है।

नहीं है ज्‍यादा अंतर

नियमित व स्पेशल ट्रेनों में सिर्फ शून्य का ही अंतर है। पुराने ट्रेन नंबरों के आगे रेलवे ने सिर्फ शून्य लगा कर उसे स्पेशल बना दिया है और किराए में करीब 20-30  फीसद का इजाफा कर दिया है। टाटा से हावड़ा जाने वाली पूजा स्पेशल के चेयर कार (इसी) का किराया पहले 1060 रुपये था उसे बढ़ाकर 1375 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह पूजा स्पेशल के नाम पर किराए में इजाफा किया गया है। चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम मनीष कुमार पाठक ने बताया कि यूटीएस टिकट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सिर्फ  रिजर्वेशन चार्ज ही अतिरिक्त टिकटों पर जोड़ा जा रहा है।  किराए में बढ़ोतरी की कोई अधिसूचना मंडल को नहीं  है। अगर फिर भी तीन सौ रुपये से ज्यादा का टिकटों में इजाफा हुआ है तो पुराना व नए किराए को देखने के  बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

वहीं स्टेशन, वही मार्ग, वही रैक फिर किराया क्यों ज्यादा

साकची से आदित्य कुमार ने बताया कि नियमित ट्रेनों का परिचालन बंद कर उसी मार्ग पर व नियमित ट्रेनों के  रैक पर ही स्पेशल व पूजा स्पेशल के नाम पर रेलवे ट्रेनों का परिचालन कर रही है। नियमित ट्रेनों का जिन- जिन स्टेशनों में स्टापेज था, जो समय सारिणी थी, सब कुछ वही है लेकिन किराया बढ़ गया। रेलवे की इस मनमानी के कारण यात्रियों की जेब कट रही है। यात्रियों का कहना है कि जब रेलवे स्पेशल व पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन कर सकती है तो नियमित ट्रेनों का परिचालन क्यों नहीं कर सकती है। जब नियमित ट्रेनों का परिचालन रेलवे कर सकती है तो स्पेशल व पूजा स्पेशल की क्या जरूरत है।

इन ट्रेनों का किराया एक नजर में

टाटा-हावड़ा स्पेशल

क्लास                       पहले (स्टीलएक्स.)               अब

चेयर कार (इसी)         1060 रुपये                          1375 रुपये

एसी चेयर कार (सीसी) 445  रुपये                           555 रुपये

सेकेंड सीटिंग (टूएस)    125   रुपये                           135 रुपये  

टाटा-अहमदाबाद एक्सप्रेस

क्लास                   पहले               अब

सेकेंड एसी :        2,780 रुपये     2805 रुपये

थर्ड एसी  :        1930 रुपये        1945 रुपये

स्लीपर    :        740 रुपये           745 रुपये

टाटा-यशवंतपुर साप्ताहिक

क्लास               पहले                  अब

सेकेंड एसी         2860 रुपये         3280 रुपये

थर्ड एसी            1980 रुपये         2350 रुपये    

स्लीपर :             760   रुपये         935 रुपये

 

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