खांडामौदा में तेल कटिग के संदेह में पुलिस ने की छापेमारी

बड़सोल थाना क्षेत्र के खांडामौदा चौक के थोड़ी सी दूरी पर राष्ट्रीय उच्च पथ 49 के किनारे तीर्थ फ्यूल सेंटर के समीप घाटशिला एसडीपीओ कुलदीप टोप्पो के नेतृत्व में पुलिस ने तेल कटिग के संदेह पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। जिससे बड़े पैमाने पर बायो डीजल मिला है।

JagranSun, 19 Sep 2021 07:30 AM (IST)
खांडामौदा में तेल कटिग के संदेह में पुलिस ने की छापेमारी

संसू, बहरागोड़ा : बड़सोल थाना क्षेत्र के खांडामौदा चौक के थोड़ी सी दूरी पर राष्ट्रीय उच्च पथ 49 के किनारे तीर्थ फ्यूल सेंटर के समीप घाटशिला एसडीपीओ कुलदीप टोप्पो के नेतृत्व में पुलिस ने तेल कटिग के संदेह पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। जिससे बड़े पैमाने पर बायो डीजल मिला है। पुलिस को प्रथम दृष्टया डीजल पेट्रोल कटिग होने की सूचना मिली थी, जिस पर घाटशिला एसडीपीओ कुलदीप टोप्पो के नेतृत्व में पुलिस ने छापामारी किया। पुलिस फिलहाल इस मामले में छानबीन करने में जुट गई है। छापेमारी स्थल पर कर्मियों ने पुलिस को बताया कि यह बायो डीजल है, जिसे बायो डीजल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन से परमिशन करा कर यहां कंपनी के गाड़ियों के सर्विस टैंक में बायो डीजल डालने का काम होता है। कंपनी के कर्मियों ने पुलिस को यह भी कहा कि उनकी कंपनी अपने कंपनी के वाहनों में जो बायो डीजल से चलती है ऐसे वाहनों के सर्विस टैंक में बायो डीजल भरा जाता है। कर्मियों ने कहा है कि इस क्षेत्र में बायो डीजल का पेट्रोल पंप नहीं होने के कारण यहां टैंकर के माध्यम से बायो डीजल लाकर वाहनों के सर्विस टैंक में बायोडीजल डाला जाता है। पुलिस कागजातों की कर रही जांच : पुलिस फिलहाल इस मामले में सारे कागजात को लेकर छानबीन में जुटी हुई है। कंपनी की ओर से पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त के द्वारा दिए गए परमिशन तथा अन्य कई परमिशन के संबंधित कागजात पुलिस को प्रस्तुत किया है। पुलिस इन सारे मामलों में जांच पड़ताल करने में जुट गई है। कंपनी के संचालक सूरजभान सिंह से भी अन्य इससे संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। प्रशासन से परमिशन लेकर हो रहा काम : बायो डीजल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर चंद्रभान सिंह ने कहा है कि वे प्रशासन से परमिशन करा कर ही अपने कंपनी के वाहनों में बायो डीजल डालने का काम करते थे। उनके कर्मियों के द्वारा कई दस्तावेज पुलिस को प्रस्तुत किया गया है। इससे संबंधित अन्य दस्तावेज प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए मंगाए जा रहे है। मामले की हो रही जांच : इस संबंध में बड़सोल थाना प्रभारी शशि कुमार ने कहा है कि पुलिस इस मामले में जांच पड़ताल कर रही है। कंपनी की ओर से प्रस्तुत किए गए कागजात की सत्यता की छानबीन की जा रही है। वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। उस स्थल को फिलहाल सील कर दिया गया है। जांच पड़ताल के बाद ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक किसी के ऊपर प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। क्या है बायो डीजल : जेट्रोफा वृक्ष कई वर्षों तक फल देने वाला वृक्ष है। इसके बीजों में लगभग 40 प्रतिशत तेल होता है। इससे डीजल बनाने के लिए वास्तविक डीजल में लगभग 18 प्रतिशत जेट्रोफा के बीजों से प्राप्त तेल को मिलाकर बायो डीजल बनाया जाता है। इस प्रकार बनाए गए बायो डीजल को डीजल चलित किसी भी इंजन में जैसे ट्रक आदि के डीजल चालित उपकरणों में प्रयोग किया जा सकता है। जेट्रोफा का पौधा एक बार उगने के बाद लगातार 8-10 वर्षों तक बीज देता रहता है। बायो डीजल से कम होता है प्रदूषण : बड़े-बड़े वाहनों से पर्यावरण में प्रदूषण को कम करने के लिए भारत सरकार की ओर से बायो डीजल बनाने के लिए परमिशन दी गई है। यह बायो डीजल वाहनों में डालने से प्रदूषण नहीं होता है। साथ ही यह डीजल से कम दर पर मिलता है। जिससे बड़े-बड़े कंटेनर वाहन मालिकों को कम दर पर मिलने से लाभान्वित होते हैं। बायो डीजल वनस्पति एवं तला हुआ अवशिष्ट पाम ऑयल से संस्करण कर प्राकृतिक रूप से बनाया जाता है।

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