Coronavirus से लडाइ में PM नरेंद्र मोदी का मंत्र आ रहा काम, जमशेदपुर के ये तीन अधिकारी बने रोल मॉडल, जानिए

मोदी का एक ही मंत्र है-दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी।

PM Modi mantra कोरोना को हराने में पीएम नरेंद्र मोदी का मंत्र काम आ रहा है। सीएस डीएस व एसीएमओ रोल मॉडल बने हैं। इनके जज्बे को सलाम करें। 346 दिन मरीजों के बीच में रहकर भी खुद को स्वस्थ रखा है। सभी नियमों का सख्ती से पालन करते हैं।

Rakesh RanjanFri, 23 Apr 2021 04:47 PM (IST)

जमशेदपुर, अमित तिवारी। कोरोना के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ही मंत्र है-दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी। ये वाक्य भले ही छोटा लगे लेकिन इसका असर व्यापक है। अगर इसे सही ढंग से अमल किया जाए तो कोरोना वायरस का चेन तो टूटेगा ही, लोग संक्रमित होने से भी बच जाएंगे। इसके तीन बड़े उदाहरण सामने है।

इनमें पूर्वी सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. एके लाल, महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट (डीएस) डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी व अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (एसीएमओ) डॉ. साहिर पाल शामिल हैं। इन तीनों के कंधे पर बड़ी जिम्मेवारी है। ये दिनभर कोरोना संक्रमित मरीजों के बीच में रहते हैं लेकिन, अच्छी बात यह है कि अब तक इसमें से कोई भी संक्रमित नहीं हुआ है। आगे भी भगवान न करें कि ये बीमार पड़े। इन्हें स्वस्थ रहना हम सभी के बहुत जरूरी है।

ये तीनों अधिकारी तब से मैदान में डटे हुए हैं जब जिले में कोरोना ने पांव रखा था। 12 मई 2020 को पहला केस डिटेक्ट हुआ था। मरीज चाकुलिया का रहने वाला था। तब से बिना छुट्टी लिए ये चिकित्सक दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं। एक दिन भी छुट्टी नहीं। रविवार को भी सुबह आते तो रात में जाने का समय नहीं। शनिवार को 346 दिन पूरा हो गया। कहते हैं कि 75 फीसद लोग सही ढंग से मास्क नहीं पहनते। 90 फीसद लोग शारीरिक दूरी का ख्याल नहीं रखते और 70 फीसद लोग अपने हाथों को बार-बार नहीं धोते। जिसके कारण वायरस तेजी से फैल रहा है।

टूटेगा वायरस का चेन जीतेंगे हम : सीएस

सिविल सर्जन डॉ. एके लाल की उम्र लगभग 60 साल है लेकिन इनके जोश और काम करने के अंदाज के सभी कायल है। कहते हैं पॉजिटिव सोच और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने वाले को मंजिल मिल ही जाती है। फिलहाल हमारा मंजिल कोरोना को हराना है, इसके लिए हम दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। हमारी टीम लगी हुई है। लोगों का सहयोग पूरी तरह से मिला तो जल्द ही हम इसपर काबू पा लेंगे। डॉ. एके लाल अस्थमा के भी रोगी है। इसे देखते हुए वे विशेष सावधानी बरतते हैं। घर से निकलते समय जो मास्क पहनते है वापस लौटने के बाद ही वह खुलता है। इसके साथ ही शारीरिक दूरी व सैनिटाइजर का उपयोग करने से वह नहीं चूकते। विटामीन-सी व पौष्टिक आहार से भरे खाद्य-पदार्थों का वह सेवन करते हैं।

तीन चीज का सख्ती से करता हूं पालन : डीएस

एमजीएम के डीएस डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी की उम्र लगभग 61 साल है लेकिन वह मोर्चा संभाले हुए हैं। उनके चेहरे में मरीजों की चिंता जरूर है लेकिन मन में ढृढ़ इच्छाशक्ति भी है। जिसके बदौलत वह डटे हुए हैं। वे तीन चीज का सख्ती से पालन करते हैं। इसमें मास्क का उपयोग, शारीरिक दूरी व हाथों को बार-बार धोना शामिल है। उनके चैंबर में दिन-भर लोगों का आना जाना लगा रहता है। इसमें कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन भी शामिल होते हैं। इस दौरान शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए वे अपने चैंबर की कुर्सी का दूरी बढ़ा दी है। साथ ही वे हमेशा मास्क पहनकर रहते हैं। कोविड वार्ड में जाते समय थ्री लेयर का दो मास्क पहनते हैं। उसके बाद घर जाते तो गर्म पानी से स्नान करते हैं। भांप लेते हैं। डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी मधुमेह को मधुमेह की शिकायत है। इसे नियंत्रण में रखने के लिए खान-पान व योग करते हैं।

पाकेट में सैनिटाइजर व पहनता हूं डबल मास्क : एसीएमओ

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. साहिर पाल की उम्र लगभग 58 साल है। कोरोना जांच से लेकर रिपोर्ट तैयार करने की बड़ी जिम्मेवारी उनके कंधों पर है। मरीजों के बीच में ही इनका दिन कटता है लेकिन, अच्छी बात यह है कि इनके पैकेट में एक सैनिटाइजर हमेशा रहता है। जब भी किसी चीज को छूते तो सैनिटाइजर का उपयोग करते। वहीं, जब मरीजों के बीच में जाते तो डबल मास्क का प्रयोग करते। ताकि वायरस से वे बच सकें। डॉ. साहिर पॉल हृदय रोगी भी है। ऐसे में वे अपना विशेष ख्याल रखते हैं। कहते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी ने जो तीन मंत्र दिया है, उसका अगर सख्ती से पालन किया जा तो वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।

 

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