कोरोना काल में मदद को बढे हाथ, सारंडा के बीहड़ों में बसे गांवों को राहत का पैकेट

सारंडा के गांवों में वन विभाग लोगों को अनाज व जरूरी के सामान उपलब्ध करा रहा है।

सारंडा के वैसे गांव जो जिला मुख्यालय से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर बसे हैं। थलकोबाद कुदलीबाद व बलीबा के लोगों पर इस लॉकडाउन में जीवन यापन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वहां के लोगों को राहत देने का बीड़ा सारंडा वन प्रमंडल ने उठाया है।

Rakesh RanjanSat, 15 May 2021 05:18 PM (IST)

चाईबासा, जासं। प्रकृति की गोद में बसे सारंडा के वैसे गांव जो जिला मुख्यालय से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर बसे हैं। थलकोबाद, कुदलीबाद व बलीबा जैसे गांव जहां के लोगों के जीवनयापन पर इस लॉकडाउन में संकट के बादल मंडरा रहे थे वहां के लोगों को राहत देने का बीड़ा सारंडा वन प्रमंडल ने उठाया है।

वन प्रमंडल पदाधिकारी में अपने अधीनस्थ क्षेत्र के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि गांव के मुंडा मानकी से मिलकर उस क्षेत्र के उपपरिसर पदाधिकारी जल्द से जल्द उन गांव में ऐसे परिवारों को चिन्हित करें जो आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा, दिव्यांग एवं असहाय हैं और उनको यथाशीघ्र राहत पैकेट उपलब्ध कराया जाए। सेल किरीबुरू व सेल मेघाहतुबुरू के सहयोग से कुल 250 पैकेट राहत सामग्री का वितरण गांव में किया गया है। राहत सामग्री वितरण में शारीरिक दूरी का पूरी तरह पालन करते हुए सामग्री का वितरण किया गया। ग्रामीणों को स्वच्छता, सोशल डिस्टेंसिंग एवं घरों में रहकर कोरोना जैसी विश्वव्यापी महामारी से बचाव के लिए जागरूक किया गया है ।

ये है खास मकसद

वन प्रमंडल पदाधिकारी चंद्रमौली प्रसाद सिन्हा ने बताया कि राहत साम्रगी का वितरण आगे भी जारी रहेगा। सभी गावों के आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा, दिव्यांग एवं असहाय लोगों को यथाशीघ्र राहत पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा। परंपरागत तौर पर सभी ग्रामवासी वनों पर ही निर्भर हैं इसीलिए न सिर्फ उनको राहत सामग्री उपलब्ध कराइ जा रही है अपितु उन्हें जंगलों में लगनेवाली आग को बुझाने, नर्सरी में पौधे उगाने इत्यादि में भी रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे अपने क्षेत्र में रहकर लॉकडाउन का पालन करें और उन्हें आर्थिक रूप से दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े ।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएफएस प्रजेश जेना व ससंगदा वन प्रक्षेत्र के सभी वन कर्मी एवं सेल के प्रवीण कुमार, भारद्वाज व अन्य लोग मौजूद थे। ग्रामीणों ने कहा कि वे ममद के लिए आभारी हैं। दिए गए सुझावों एवं सलाह पर भी संजीदगी से अमल करेंगे।

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