मनोज वाजपेयी स्टारर फिल्म गली-गुलियां में जमशेदपुर के नीरज का अहम रोल

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : सिने स्टार मनोज वाजपेयी स्टारर गुली-गुलियां शुक्रवार को देश के सिनेमाघरों-मल्टीप्लेक्स में रिलीज हुई। लौहनगरी के लिए खास बात यह है कि इस फिल्म में शहर के नीरज काबी का अहम किरदार है। वे एक क्रूर पिता के किरदार में इस फिल्म में नजर आ रहे हैं। नीरज काबी शहर के प्रख्यात चिकित्सक रहे डॉ. लाल बिहारी काबी के पौत्र हैं। डॉ. लाल बिहारी काबी टीएमएच से रिटायर हुए थे और गरीबों के मददगार के रूप में जाने जाते थे।

फिल्म का ट्रेलर जारी होने के बाद से ही दमदार अदाकारी के लिए मशहूर अभिनेता मनोज बाजपेयी गली गुलिया -इन दि सैडोज को लेकर चर्चा में रहे हैं। ट्रेलर को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। फिल्म में मनोज वाजपेयी के अलावा नीरज काबी और रणवीर शौरी ख़ास किरदार में नजर आ रहे हैं। यह एक साइकोलोजिकल ड्रामा है।

नीरज की पहली फिल्म को मिल चुका राष्ट्रीय पुरस्कार: जमशेदपुर में 12 मार्च 1968 को जन्मे व पले-बढ़े नीरज 1997 से ही बालीवुड में अपना दमखम दिखा रहे हैं। उनकी पहली फिल्म द लास्ट विजन को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इसके बाद इन्होंने मानसून शूटआउट व शिप ऑफ थेसियस (2013), डिटेक्टिव व्योमकेश बख्शी व तलवार (2015) में भी अपनी भूमिका से अलग पहचान बनाई।

शिप ऑफ थेसियस में मुख्य किरदार निभाने वाले नीरज को कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के अलावा चौथे जागरण फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला था। शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डा. लालबिहारी कवि के पौत्र व तुषार कवि के पुत्र नीरज छऊ नृत्य के भी उस्ताद हैं।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.