Jamshedpur News: जगजीत सिंह केस में आया नया मोड़, पहली पत्नी ने भी किया शव पर दावा

Jamshedpur News टाटा स्टील के आइबीएमडी के ठेकाकर्मी जगजीत सिंह की कंपनी में काम के दौरान मौत हो गई थी।पहली पत्नी ने पांच साल पहले कर ली थी दूसरी शादी। जगजीत ने दूसरी पत्नी रीता कौर से आठ माह पहले की थी दूसरी शादी।

Rakesh RanjanWed, 13 Oct 2021 05:09 PM (IST)
जगजीत की पहली पत्नी रीता कौर पांच साल पहले ही उनके पति को छोड़ दिया है

जासं, जमशेदपुर। टाटा स्टील के आइबीएमडी में रविवार को मृत ठेकाकर्मी जगजीत सिंह मामले में नया मोड आ गया है। जगजीत की पहली पत्नी रीता कौर के बेटे सन्नी सिंह ने अपने पिता के शव पर दावा किया और मृतक के शव को एमजीएम के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा दिया है जबकि दूसरी पत्नी भरण-पोषण के लिए मुआवजे की मांग पर डटी हुई है। जगजीत सिंह की दूसरी पत्नी सिमरन कौर और मजदूर नेता राजीव पांडेय टाटा मेन हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।

इसी दौरान मनसरोवर लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन से कुछ अधिकारी पहुंचे और ये कहते हुए प्रदर्शनकारियों को बिष्टुपुर थाना पहुंचने का सुझाव दिया कि कंपनी के वरीय अधिकारी थाने में है जो भी बात होगी। वह बिष्टुपुर थाना प्रभारी के सामने होगी इसलिए सभी वहीं पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के वहां से हटते ही प्रबंधन के अधिकारियों ने पहली पत्नी के बेटे सन्नी को सामने खड़ा कर शव का हैंडओवर लेकर पोस्टमार्टम के लिए उसे एमजीएम अस्पताल भेज दिया। जब प्रदर्शनकारी बिष्टुपुर थाना पहुंचे तो पता चला कि वहां कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा। टीएमएच वापस लौटने पर शव का हैंडओवर लिए जाने की सूचना मिली तो सभी के होश उड़ गए। नाराज प्रदर्शनकारियों ने राजीव पांडेय के नेतृत्व में बिष्टुपुर थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया।

पहली पत्नी ने पांच साल पहले कर ली है दूसरी शादी

दूसरी पत्नी सिमरन कौर का कहना है कि जगजीत की पहली पत्नी रीता कौर पांच साल पहले ही उनके पति को छोड़ दिया है लेकिन अब पैसों की लालच में शव पर दावा कर रही है। दूसरी शादी से पहले रीता का एक बेटा और तीन बेटियां है। जिसमें दो बेटियां जुड़वा हैं।

शव के साथ तमाशा नहीं हो : जीजा

मृतक जगजीत के जीजा जसवंत सिंह का कहना है कि रविवार को मेरे साले की मौत हुई और अब मुआवजे को लेकर तमाशा हो रहा है। जगजीत का बेटा सन्नी अपने पिता का शव चाहता है ताकि पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार हो सके। हमें कोई क्लेम नहीं चाहिए और हम कहीं भी हस्ताक्षर करने को तैयार है इसलिए अंतिम संस्कार के लिए जगजीत के शव को हमने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया है।

प्रबंधन खेल रहा है डबल गेम

जीजा जसवंत सिंह का कहना है कि प्रबंधन के अधिकारी लगातार ड़बल गेम खेल रहे हैं। कभी कहते हैं कि वे मुआवजा देने को तैयार है। अब कह रहे हैं कि पहले दोनों पत्नियों के बीच विवाद की समाप्ति हो, उसके बाद मुआवजे पर बात होगी। पहले प्रबंधन एक लाख रुपये दे रहा था, दो दिन बाद बात ढ़ाई लाख तक पहुंची और अब हमें सरकारी प्रावधान की बात कही जा रही है।

 

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