खुद नहीं, दहेज के लिए जलाई गई मुसाबनी की आशा; पति और सास गिरफ्तार

मृतका के पति व सास को न्यायिक हिरासत में ले जाते पुलिसकर्मी।

Burnt for dowry. पुलिस के अनुसंधान में आशा राय ने आत्महत्या नहीं की बल्कि हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। मुख्‍य विंदु है आशा राय के शव का संदिग्ध अवस्था में होना।पुलिस को जलते समय तड़पने या इधर -उधर भागने का कोई निशान नहीं मिला है।

Publish Date:Tue, 12 Jan 2021 08:16 PM (IST) Author: Rakesh Ranjan

मुसाबनी, जासं।  मुसाबनी के शास्त्रीनगर में सोमवार को अपने 20 वर्षीय पत्नी आशा राय को केरोसीन  छिड़ककर आग लगाकर हत्या करने के आरोप में मुसाबनी थाना पुलिस ने महिला के पति शास्त्रीनगर निवासी सोमनाथ राय एवं महिला की सास सुषमा राय को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से न्यायिक हिरासत में जेल में भेज दिया गया।मृत महिला आशा राय के चाचा दुर्गा चरण राय ने बंगाल के पुरूलिया से आकर मुसाबनी थाना में संदीप राय एवं उनकी मां सुषमा राय के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने एवं दहेज नहीं देने पर भतीजी को केरोसीन छिड़क कर हत्या कर दिए जाने का मामला दर्ज कराया है।

मामला शुरू से लग रहा था संदिग्‍ध

मुसाबनी थाना प्रभारी संजीव कुमार झा ने बताया क‍ि हत्याकांड में महिला के  पति सोमनाथ राय एवं महिला की सास सुषमा राय के विरुद्ध आईपीसी की धारा 304 बी 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को ही महिला का पोस्टमार्टम भी कराया गया। प्रारंभिक चरण में पुलिस की जांच में जो बातें सामने आई है वह चौंकाने वाली है। पुलिस के अनुसंधान में आशा राय ने आत्महत्या नहीं की बल्कि हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। मुख्‍य विंदु है, आशा राय के शव का संदिग्ध अवस्था में होना। पुलिस को जलते समय तड़पने या इधर -उधर भागने का कोई निशान नहीं मिला है। जले हुए शव के नीचे से माचिस मिली है। जलते हुए शव के समीप ही केरोसीन का प्लास्टिक डब्बा रखा मिला जो तेज आग के बावजूद नहीं जला था। महिला के जलते समय चीखने चिल्लाने की आवाज किसी भी आस पड़ोस के लोगों ने नहीं सुनी थी। जिसके बाद इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आशा राय की हत्या करने के बाद शव को बाद में जलाया गया है।

पति के मोबाइल से शक हुआ पुख्‍ता

पुलिस ने सोमनाथ राय का मोबाइल बरामद किया है जिसमें सोमवार की सुबह नौ बजकर बजकर 1 मिनट पर आशा राय ने अपने पति सोमनाथ राय के फोन से अपनी अंतिम सेल्फी ली थी। इससे यह मालूम होता है कि उस समय तक आशा राय जीवित थी और घर में सबकुछ सामान्य था। जांच में पता चला है कि आशा राय को दहेज के लिए सास और पति द्वारा प्रताड़ित भी किया जाता रहा था और घर में रोज झगड़ा झंझट होता था। इसी किच किच से तंग आकर कुछ दिन पहले आशा राय अपना घर छोड़कर पड़ोस के घर में चली गई थी। जिसे बाद उसके पति व सास ने समझा-बुझाकर उसे अपना घर वापस लाया था। पुलिस इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे हत्याकांड का जल्द खुलासा हो सकेगा।

 

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