Crime : 17 साल से फरार बदमाश चौका में बेच रहा था मुरथल के मशहूर पराठे

17 साल से फरार बदमाश चौका में बेच रहा था मुरथल के मशहूर पराठे

कहते हैं कानून के हाथ लंबे होते हैं। जमशेदपुर से सटे चौका थाना क्षेत्र से सोनीपत पुलिस ने एक पुराने लूट के मामले में 17 साल से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी बदमाश को धर दबोचा। वह वर्ष 2004 में फरार हो गया था।

Jitendra SinghMon, 12 Apr 2021 01:53 PM (IST)

जमशेदपुर : कहते हैं, कानून के हाथ लंबे होते हैं। जमशेदपुर से सटे चौका थाना क्षेत्र से सोनीपत (Sonipat) पुलिस ने एक पुराने लूट के मामले में 17 साल से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी बदमाश को धर दबोचा। वह वर्ष 2004 में जेल से पैरोल मिलने के बाद फरार हो गया था। हरियाणा (Haryana) से भागते हुए चांडिल पहुंचा और हरियाणा-पंजाब नाम से एक ढाबा खोल दिया और यहां मुरथल के नाम से मशहूर पराठे बेच रहा था। और यही पराठा उसके गले की फांस बन गई। लुटेरे ने अपना नाम बदलकर राजेश सिंह कर लिया था और स्थानीय युवती से शादी भी कर ली। उसके दो बच्चे भी हैं।

सोनीपत पुलिस को कुछ दिन पहले सूचना मिली कि चौका में हरियाणा-पंजाब के नाम से ढाबा चल रहा है, जहां के पराठे काफी प्रसिद्ध है। अपने पराठों की प्रसिद्धी होना ही राजेश के लिए परेशानी बन गया और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने जब उसके बारे में पता लगाया तो जानकारी मिली कि वह चटिया औलिया गांव का धर्मेंद्र है। वह गन्नौर थाना का भगोड़ा है और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम है।

सात फरवरी, 2000 को हरियाणा के गन्नौर में तीन बदमाशों में पेट्रोल पंप के मालिक रमेश बत्रा को पिस्तौल व चाकू के बल पर लूट लिया था। रमेश बत्रा के नौकर बलदेव को चाकू मारकर बदमाशों ने 62 हजार रुपये लूट लिए थे। घटनास्थल से दो लुटेरे विकास व सुरेंद्र तो भाग गए, लेकिन तीसरा बदमाश भीड़ के हत्थे चढ़ गया। लोगों ने धर्मेंद्र को पुलिस के हवाले कर दिया। उसे न्यायल ने साल 2003 में 20 साल की सजा सुनाई। लेकिन 2004 में जब उसे जेल से पैरोल मिला तो वह फरार हो गया। कोर्ट ने उसके गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा था। धर्मेंद्र ने झारखंड में जाकर अपना नाम बदलकर राजेश कर लिया था। इस नाम की पहचान पत्र बनवाकर वह पहले ट्रक पर हेल्पर रहा। उसके बाद चांडिल के चौका में हाईवे पर हरियाणा-पंजाब नाम से ढाबा खोल लिया था। उसने मुरथल के ढाबों के नाम पर मशहूर परांठे बनाकर खिलाने शुरू कर दिए। उसने वर्ष 2008 में स्थानीय युवती से शादी भी कर ली। उसके ढाबे के पराठे आसपास के क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध हो गए। इसका पता लगने पर एसटीएफ ने उसे दबोच लिया है। 

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