शोकाकुल परिवार से मिले विधायक संजीव सरदार

पोटका विधायक संजीव सरदार ने गुरुवार को दुर्घटना में मारे गए स्वर्गछिड़ा गांव के विनोद हेंब्रम व बारेडीह गांव के भागमात मार्डी के शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने मृतक विनोद हेंब्रम की पत्नी सुख हेंब्रम व उसके बेटे ऋतिक व सुमित हेंब्रम को ढाढ़स बंधाने के साथ मृतक की पत्नी की आर्थिक मदद की।

JagranFri, 17 Sep 2021 01:00 PM (IST)
शोकाकुल परिवार से मिले विधायक संजीव सरदार

संसू, डुमरिया : पोटका विधायक संजीव सरदार ने गुरुवार को दुर्घटना में मारे गए स्वर्गछिड़ा गांव के विनोद हेंब्रम व बारेडीह गांव के भागमात मार्डी के शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने मृतक विनोद हेंब्रम की पत्नी सुख हेंब्रम व उसके बेटे ऋतिक व सुमित हेंब्रम को ढाढ़स बंधाने के साथ मृतक की पत्नी की आर्थिक मदद की। विधायक ने कहा कि हर संभव परिवार की मदद की जाएगी। उसकी बेटी को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में तथा दोनों बेटों को भी अन्य आवासीय विद्यालय मे प्रवेश दिलाया जाएगा। उसके अलावा अंबेदकर आवास दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा। उसके बाद विधायक संजीव सरदार बारेडीह गांव पहुंचे और मृतक भागमात की पत्नी जासमी मार्डी व उसके बच्चों से भी मुलाकात कर नकद सहायता देने के साथ बच्चों को पढ़ाने के लिए मदद का भरोसा दिया। बताते चलें कि भागमात मार्डी की 30 अगस्त को हरेबेड़ा में जर्जर विद्यालय भवन को तोड़ने के दौरान मलवे में दबकर मौत हो गई थी। जबकि विनोद हेंब्रम डुमरिया की एसएफसी गोदाम मे कीचड़ मे फंसी लॉरी को निकालने के दौरान लकड़ी का पटरा लग जाने से मौत हो गई थी। विधायक के साथ झामुमो के केंद्रीय सदस्य शंकर चंद्र हेंब्रम, प्रखंड अध्यक्ष भगत बास्के, जयपाल सिंह मुर्मू, चौतन मुर्मू, रामदास हेंब्रम,कृष्णा मार्डी, काड़ु मुर्मू आदि कार्यकर्ता मौजूद थे। जल सहियाओं ने विधायक से मिलकर मानदेय दिलाने की मांग की : प्रखंड के जल सहियाओं ने गुरुवार को डुमरिया में विधायक संजीव सरदार से मुलाकात कर मानदेय भुगतान के बारे मे जानकारी हासिल की। मानदेय दिलाने की मांग को लेकर जल सहियाओं ने छह सितंबर को उनके आवासीय कार्यालय में जाकर विधायक को एक ज्ञापन सौंपा था। विधायक ने सहियाओं से कहा कि यह मांग पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़ी है। इसलिए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर से इस विषय को लेकर बातचीत किया है। उन्होंने सहियाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ऐसी विषयों पर काफी संवेदनशील है। इसलिए अवश्य ही इस मांगों को लेकर सरकार साकारात्मक निर्णय जल्द लेगी। दरअसल प्रखंड के प्रशिक्षित कुछ जल सहियाओं को कुछ माह तक मानदेय मिला। उसके बाद मानदेय मिलना बंद हो गया। जबकि अधिकांश प्रशिक्षित सहियाओं को अब तक मानदेय शुरू नहीं हुआ है। इनकी एक प्रमुख मांग यह भी है कि अठारह हजार रुपये मानदेय मिले। दलील है कि हेमंत सोरेन ने सरकार मे आने से पहले अठारह हजार रुपये मानदेय देने का वादा किया था। मुलाकात के दौरान सोहागी मार्डी, पुंड़गी मुर्मू समेत कई सहियाएं मौजूद थीं।

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