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पुलिस ने काटना शुरु किया चालान तो सस्ते मास्क की बढ़ी बिक्री

जमशेदपुर ( जासं)। लौहनगरी में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। पहले कम संक्रमण था तो लोग सचेत थे, लेकिन अब खतरा अधिक बढ़ रहा है तो लोग बेखौफ घूम रहे हैं। सुरक्षा का तनिक भी ख्याल अब इन्हें नहीं है। पहले की अपेक्षा अब सैनिटाइजर की बिक्री भी -60 से 70 फीसद कम हो गई है। हालांकि मास्क एन 95 की मांग भी घटने लगी है। जबकि सड़क किनारे बिक रहे मास्क की बिक्री बढ़ी है। लॉकडाउन के दौरान व्यक्ति अपनी जेब में सैनिटाइजर लेकर चला करता था, लेकिन अब सैनिटाइजर गायब है।

 ग्यारह सौ मेडिकल स्टोर में सैनिटाइजर की बिक्री हुई कम

पूर्वी सिंहभूम जिला में करीब ग्यारह सौ मेडिकल दुकानें है। लॉकडाउन के दौरान इन मेडिकल दुकानों 100-500 एमएल की 60 से 100 पीस सैनिटाजर की बिक्री प्रति दुकान होती थी। बिक्री इतनी थी कि स्टाक में माल ही नहीं मिल रहा था। वर्तमान में 20-25 पीस भी नहीं बिके। यही हाल एन 95 मास्क के साथ भी हुआ। 200 से 450 के एन 95 मास्क की बिक्री गिर चुकी है। प्रतिदिन तीन से छह मास्क ही मेडिकल स्टोर से बिक रहे है।

 पुलिस का भय, फुटपाथी दुकानदार हो रहे मालामाल

पुलिस ने जब से निर्देश जारी किया है कि बिना मास्क पहने दिखे तो उनका चालान कटेगा। इसी खौफ के कारण लोगों ने मास्क पहनना शुरू कर दिया है। लौहनगरी के लोग भी इतना शातिर है कि अपनी सुरक्षा का ख्याल किए बिना 15-30 रुपये के मामूली कपड़े का मास्क खरीद कर पुलिस के चेकनाकों से सरपट दौड़ रहे हैं। लौहनगरी में गली मोहल्लों में मास्क के दुकान खुली हैं। यहां करीब तीन हजार फुटपाथी दुकानदार मास्क बेच रहे हैं। प्रतिदिन प्रति दुकानदार करीब 50-60 पीस मास्क बेच रहा है। यानी एक दिन में 1,80,000 हजार मास्क दुकानदार बेच रहे हैं। लॉकडाउन में कई बेरोजगारों ने मास्क का निर्माण करने का व्यवसाय ही शुरु कर दिया है।

 अमानक स्तर के सैनिटाइजर की बिक्री

लॉकडाउन के शुरुआत में ब्रांडेड सैनिटाइजर ही बाजार में बिक रहे थे, लेकिन मांग बढ़ने पर बाजार में लोकल स्तर के कई सैनिटाइजर बिकने लगे। इनमें नकली व घटिया किस्म के सैनिटाइजर की बिक्री होने लगी। सस्ता होने के कारण शहरवासियो इसे ही खरीदना शुरू कर दिया जो त्वचा को नुकसान पहुंचाने का काम करने लगे।

'पहले की अपेक्षा अब सैनिटाइजर व एन 95 मास्क की बिक्री घटी है। गली मोहल्लों में कपड़े के मास्क बिकने लगे है। लोकल स्तर के भी सैनिटाजर भी बाजार में आ गए हैं। पहले कोरोना का खौफ लोगों में था, लेकिन अब तो कोरोना का खौफ जैसे लोगों के दिलों दिमाग से समाप्त ही हो गया है। ये न ही शारीरिक दूरी का ख्याल रख रहे हैं और न ही अपनी सुरक्षा को लेकर ¨चतित हैं। - कमल अग्रवाल अध्यक्ष जमशेदपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन

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