JEE MAIN : भाई की तरह आइआइटी बांबे से कंप्यूटर साइंस से रिसर्च करेगा वैभव, वर्तमान में कोटा में रह रहा परिवार

जेईई मेन के कोल्हान के सेकेंड टॉपर वैभव अपने भाई की तरह ही आइआइटी बांबे से कंप्यूटर साइंस लेकर पढ़ेगा। वह फिलहाल जेईई एडवांस की तैयारी कर रहा है। उसने कोटा से 12वीं की पढ़ाई की है। आठवीं तक की शिक्षा जमशेदपुर के लोयोला स्कूल से प्राप्त की है।

Jitendra SinghThu, 16 Sep 2021 09:22 AM (IST)
कोटा स्थित अपने आवास में माता-पिता के साथ वैभव सेठ

जमशेदपुर, जासं। जेईई मेन में जमशेदपुर के दूसरे टॉपर वैभव सेठ अपने बड़े भाइ श्रेयस की तरह आइआइटी बांबे से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहता है। इसी में वह आगे जाकर रिसर्च भी करेगा। वैभव को कुल 99.972 परसेंटाइल प्राप्त हुआ है। उसे अखिल भारतीय स्तर पर 401 रैंक प्राप्त हुआ है। उसने चारों चरण की जेईई मेन की परीक्षा दी थी। चारों परीक्षा का परसेंटाइल जोड़कर उनका परीक्षा परिणाम निकला है।

फिजिक्स में उसे 99.93, केमेस्ट्री में 99.925, मैथ्स में 99.950 परसेंटाइल प्राप्त हुआ है। वह परीक्षा परिणाम से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उसके पिता अभिमन्यु सेठ टाटानगर स्टेशन में रेलवे के पदाधिकारी थी। मां अनामिका सेठ बॉटनी की शिक्षिका है। वर्तमान में उनका पूरा परिवार कोटा शिफ्ट हो गया है।

विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करना रहा लाभदायक

अपनी तैयारी के बारे में वैभव ने बताया कि कोविड के कारण घर में पूरा पढ़ने का मौका मिला। स्कूल की पढ़ाई में उतना ध्यान ही नहीं दिया। बस जेईई मेन पर पूरा फोकस रहा। घर में लगभग छह से आठ घंटे रोज पढ़ाई करता था। विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को लगातार हल करता था। वैभव ने बताया यहीं उनके लिए लाभदायक रहा। उसने कहा कि सेल्फ स्टडी भी काफी महत्वपूर्ण है। साथ ही वह रोज फिजिकल फिटनेस के लिए योगा करता था। रोजाना एक घंटा वे योगा करते थे। जब पढ़ाई में मन नहीं लगता था वे बाहर घूमकर आ जाते थे। अपनी सफलता के बारे में उन्होंने कहा कि नारायणा जमशेदपुर के टेस्ट सीरीज ने उन्हें काफी मागदर्शन किया तथा ऑनलाइन क्लास ने उनका मनोबल बढ़ाया।

लोयोला से की कक्षा आठवीं तक की पढ़ाई

वैभव बताते हैं कि उसने लोयोला स्कूल से आठवीं तक की पढ़ाई की। उसके बाद दसवीं तक पढ़ाई मुंबई के एक स्कूल से तथा 12वीं की पढ़ाई कोटा से की। उसके पिता जब टाटानगर रेलवे स्टेशन में कार्यरत थे तो तब वे खासमहल स्थित रेलवे के आवास में रहते थे।

रिबिक्स क्यूब रोजाना सोल्व करते थे

जेईई मेन की पढ़ाई के दौरान वैभव रोजाना रिबिक्स क्यूब सोल्व करते थे। इससे उसकी दिगामी कसरत होती थी तथा जेईई मेन के प्रश्न पत्रों को हल करने में मदद मिलती थी। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि परीक्षा के समय लाइट खाना खाना चाहिए। ज्यादा खाने से परीक्षा देने में दिक्कत होती है। पढ़ाई को सामान्य ढंग से पढ़े और तनाव न लें। इंटरनेट मीडिया को सिर्फ पढ़ाई के लिए इस्तेमाल करें। यह आपको कई जानकारी देगी।

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