MakeSmallStrong : कुलदीप संस ने डायमंड, प्लेटिनम और सोने के हल्के आभूषण में बनाई पहचान

डिवाइन सॉलिटेयर्स डायमंड का झारखंड में कुलदीप संस ही एकमात्र अधिकृत विक्रेता है।
Publish Date:Tue, 20 Oct 2020 08:34 AM (IST) Author: Rakesh Ranjan

जमशेदपुर, जासं। MakeSmallStrong सोने व हीरे के आभूषणों की खरीदारी को जाते समय अक्सर लोग कहते हैं कि किसी तजुर्बेकार  को साथ ले जाएं जिन्हें आभूषणों की शुद्धता की समझ हो। लेकिन सिर्फ लौहनगरी ही नहीं बल्कि रांची व चाईबासा में कुलदीप संस ज्वेलर्स वो नाम है जो पिछले 27 वर्षों से अपनी पारदर्शिता व शुद्धता की कसौटी पर खड़ा है। कुलदीप संस ने सोने, चांदी, प्लेटिनम व डायमंड के हल्के वजन वाले आभूषणों में अपनी खास पहचान बनाई है। यहां कम से कम वजन पर नवीनतम और डिजाइनदार आभूषणों की पूरी रेंज उपलब्ध है। जो परंपरागत आभूषण दुकानों में देखने को नहीं मिलता। 

बिष्टुपुर डायगनल रोड के पास स्थित कुलदीप संस के संचालक सुनील वर्मा बताते हैं कि उनकी खासियत है कि वे वर्ष 2001 से वे सिर्फ हॉलमार्क वाले आभूषणों की बिक्री कर रहे हैं। समय के साथ सोने की कीमतें बढ़ने लगी तो ग्राहकों को हल्के वजन वाले आभूषणों की डिमांड करने लगे। ऐसे में सुनील वर्मा ने कुशल कारीगरों की मदद से न सिर्फ सोने के हल्के डिजाइनर आभूषणों की विशाल रेंज बाजार में उतारी बल्कि इसका विस्तार भी करते हुए हल्के वजन वाले डायमंड व प्लेटिनम के डिजाइनर आभूषण की नई रेंज विकसित की। सुनील वर्मा दावा करते हैं कि हल्के डिजाइनर आभूषणों के मामले में वे जमशेदपुर ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड की अग्रणी संस्थान हैं।

 क्‍वालिटी कंट्रोल के लिए अलग टीम

  सुनील बताते हैं कि उनके यहां क्वालिटी कंट्रोल के लिए अलग से टीम है जो एक-एक ज्वेलरी की गुणवत्ता मापने के बाद उसका सर्टिफिकेशन व हॉलमार्किंग के बाद ही बिक्री के लिए तैयार करता है। इसके अलावे कुलदीप संस में बिकने वाला हर डायमंड पारदर्शिता और शुद्धता के मामले में बिल्कुल खास है। यहां बिकने वाला हर डायमंड इंटरनेशनल ज्यूलोजिकल इंस्टीट्यूट (आइजीआइ) से प्रमाणित है। इसके अलावे वे डायमंड के लिए संस्थान जिमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका (जीआइए) से पढ़े हुए विशेषज्ञों की भी सेवा लेते हैं ताकि ग्राहकों को बेहतर क्वालिटी के डायमंड उपलब्ध कराते हैं।

 डिवाइन सॉलिटेयर्स डायमंड के झारखंड में एकमात्र अधिकृत विक्रेता 

डिवाइन सॉलिटेयर्स डायमंड का झारखंड में कुलदीप संस ही एकमात्र अधिकृत विक्रेता है। इसकी डायमंड की खासियत है कि इसके अंदर दिल व तीर के आकार के डिजाइन बने होते हैं। इसके ट्रिपल एक्सीलेंट कट हीरा बड़ा और चमकदार होने का भी एहसास कराता है। डिवाइन सॉलिटेयर्स के हर डायमंड में लेजर से उसका विशिष्ट पहचान नंबर होता है। जो डायमंड को चोरी या हेरा-फेरी होने से भी बचाता है। इसके अलावे कुलदीप संस डिवाइन डायमंड के खरीदारों को अपग्रेड के रूप में छोटे हीरे बदले सिर्फ अतिरिक्त मूल्य चुकाकर बड़ा हीरा खरीदने का भी अवसर देता है जो और कहीं नहीं है। 

वर्ष 1937 से शुरू हुआ सफर 

स्वर्ण व्यवसाय कुलदीप संस का पुश्तैनी व्यापार है जिसे वर्ष 1937 में स्व. माखन लाल वर्मा ने रांची में शुरू किया। फिर उनके बेटे ने व्यापार का विस्तार किया। वर्तमान में तीसरी पीढ़ी के लिए सुनील वर्मा इसका संचालन कर रहे हैं।

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