एबीएम कॉलेज में अगले साल से प्रारंभ होगी सोशियोलॉजी व हिदी में एमए की पढ़ाई

कोल्हान विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक ऑनलाइन कुलपति प्रोफेसर डा. गंगाधर पंडा की अध्यक्षता में हुई। इसमें कई प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ व कई पर निर्णय लिए गए।

JagranFri, 03 Dec 2021 05:10 AM (IST)
एबीएम कॉलेज में अगले साल से प्रारंभ होगी सोशियोलॉजी व हिदी में एमए की पढ़ाई

जासं, जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक ऑनलाइन कुलपति प्रोफेसर डा. गंगाधर पंडा की अध्यक्षता में हुई। इसमें कई प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ व कई पर निर्णय लिए गए।

पंचपरगनिया भाषा की पढ़ाई के लिए काउंसिल के सदस्यों ने सभी प्राचार्यों को प्रस्ताव तैयार करने को कहा। प्रस्ताव तैयार होते हुए विश्वविद्यालय इसका अनुमोदन करते हुए इसे सरकार के पास भेजेगा। दूसरे महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर विभिन्न कॉलेजों में कई विषयों में एमए की पढ़ाई प्रारंभ होने पर चर्चा की गई। इसमें सबसे पहले एबीएम कॉलेज में हिदी एवं सोशियोलॉजी में एमए की पढ़ाई पर चर्चा हुई। इसमें कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिया गया कि वर्तमान में इन विषयों में जो भी शिक्षक हैं क्या उनसे इन विषयों की पढ़ाई प्रारंभ की जा सकती है या शिक्षकों की आवश्यकता होगी, इस पर समुचित प्रस्ताव भेजें। प्रस्ताव मिलने के बाद ही इन विषयों की पढ़ाई अगले शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ हो सकती है। ऐसा ही निर्देश ग्रेजुएट व जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज के मामले में लिया गया।

इस बैठक की जानकारी विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डा. पीके पाणि ने दी है। डा. पाणि ने यह भी बताया कि एफआइआर अगर किसी भी थाने में दर्ज है और इसकी जानकारी विश्वविद्यालय को प्राप्त होती है उस छात्र का नामांकन बिना कारण बताए रद कर दिया जाएगा।

सेकेंड शिफ्ट होने पर ही खुलेगा चांसलर पोर्टल

कई कॉलेजों ने यूजी में नामांकन को चांसलर पोर्टल को फिर से खोलने का आग्रह किया था। इस पर काउंसिल ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि सारे कॉलेजों को सेकेंड शिफ्ट की पढ़ाई का प्रस्ताव निर्धारित मानकों के अनुसार बनाकर देना होगा। इसके बाद विश्वविद्यालय इसका अध्ययन करेगा। प्रस्ताव सही होने पर ही संबंधित कॉलेजों को सेकेंड शिफ्ट की इजाजत दी जाएगी तथा इसी आधार पर नामांकन को चांसलर पोर्टल को फिर से खोला जा सकेगा।

पीएचडी थीसिस जमा करने को मिलेगा एक साल का एक्सटेंशन

यूजीसी के निर्देश के आलोक में पीएचडी थीसिस एक साल में जमा करने का प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लाया गया। काउंसिल ने जानकारी दी कि अगर एक शोधार्थी का थीसिस एक साल के अंदर जमा नहीं होता है तो उन्हें एक साल का और समय मिल सकता है।

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परीक्षा के समय भी क्लास ले सकते हैं घंटी आधारित शिक्षक

परीक्षा की अवधि या मूल्यांकन के समय भी घंटी आधारित शिक्षक क्लास ले सकते हैं। इस संबंध में एकेडमिक काउंसिल की ओर से निर्णय लिया गया कि जो घंटी आधारित शिक्षक कक्षाएं लेना चाहते हैं, वे परीक्षा या मूल्यांकन से एक घंटा पहले ऑनलाइन क्लास ले सकते हैं। इससे संबंधित वीडियो या नोट्स प्राचार्य के हस्ताक्षर से अपलोड करेंगे तभी वह मान्य होगा। साथ ही जिन विषयों के छात्र नहीं है, उन विषयों के घंटी आधारित शिक्षकों को दूसरे कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

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छह को संबद्धता पर लगेगी मुहर

जासं, जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय संबद्धता समिति की बैठक कुलपति प्रोफेसर डा. गंगाधर पंडा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में जिन महाविद्यालयों ने जमीन का विस्तृत ब्योरा प्रपत्र में नहीं दिया, उन्हें 48 घंटे के अंदर प्रपत्र भरकर जवाब देने को कहा गया। जिन कॉलेजों ने विभिन्न विषयों की सीटों को बढ़ाने का अनुरोध किया उन पर भी विमर्श किया गया। इस दौरान कॉलेजों को निर्देश दिए गए है कि संबंधित प्रस्तावों के फीस को जमा करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन 48 घंटे के अंदर जमा कर दें, ताकि छह दिसंबर को होने वाली संबद्धता समिति की बैठक में इन सब प्रस्तावों का अनुमोदन किया जा सकें।

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