जानिए, ई कॉमर्स का बादशाह कैसे बने मुकेश बंसल, कम रोमांचक नहीं है मिंत्रा से फ्लिपकार्ट होते हुए टाटा डिजिटल तक का सफर

Mukesh Bansal मिंत्रा के संस्थापक मुकेश बंसल जिन्होंने क्योरफिट को मर्ज कर टाटा समूह का दामन थाम लिया। आइए जानिए ई कॉमर्स का बादशाह कैसे मुकेश बंसल बने। मिंत्रा से फ्लिपकार्ट होते हुए टाटा डिजिटल तक का सफर कम रोमांचक नहीं है।

Rakesh RanjanFri, 11 Jun 2021 11:30 AM (IST)
मुकेश बंसल की उद्यमशीलता की यात्रा 2007 में Myntra के साथ शुरू हुई।

जमशेदपुर, जासं। धर्मनगरी हरिद्वार में बड़े होने से लेकर आईआईटी कानपुर में पढ़ाई तक, सिलिकॉन वैली में एक दशक लंबे करियर के बाद भारत वापस आकर फैशन और फिटनेस इंडस्ट्री में प्रवेश करते ही हलचल मचा देना, क्योरफिट की स्थापना करना और फिर टाटा समूह में शामिल हो जाना। जी हां, हम बात कर रहे हैं मिंत्रा के संस्थापक मुकेश बंसल की, जिन्होंने क्योरफिट को मर्ज कर टाटा समूह का दामन थाम लिया।

बंसल की उद्यमशीलता की यात्रा 2007 में Myntra के साथ शुरू हुई। मिंत्रा की शुरुआत बंसल ने आईआईटी कानपुर के अपने जूनियर आशुतोष लवानिया और विनीत सक्सेना के साथ की थी। व्यक्तिगत उपहार देनेवाले स्टार्टअप के रूप में शुरुआत करने के बाद, मिंत्रा ने 2011 में फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट की ई कॉमर्स दुनिया में कदम रखा। धीरे-धीरे यह यह भारत में अग्रणी फैशन ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म में से एक बन गया। इस दौरान वर्चुअल फिटिंग रूम फिटिक्वेट का अधिग्रहण किया।  2014 में बंसल ने Myntra को फ्लिपकार्ट को 300 मिलियन डॉलर में बेच दिया, जो उस समय भारत में सबसे बड़ा ई-कॉमर्स अधिग्रहण था। वह फ्लिपकार्ट में कॉमर्स व एडवर्टाइजिंग बिजनेस के हेड के रूप में शामिल हुए। साथ ही मिंत्रा बोर्ड के चेयरमैन भी बने रहे। फ्लिपकार्ट द्वारा अधिग्रहण के समय, Myntra के पास 1,000 से अधिक ब्रांडों के कुल 150,000 उत्पाद थे, जो भारत में 9,000 से अधिक पिन कोड को पूरा करते थे।

कही थी ये बात

मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में बंसल ने कहा था कि यह एक महान कदम था, जिसका उन्हें कोई अफसोस नहीं था। यह एम एंड ए के कुछ उदाहरणों में से एक है जो काफी सफल रहा। मिंत्रा एक स्वतंत्र स्वायत्त कंपनी के रूप में काम करना जारी रखता है। इस अवधि में मिंत्रा भी तीन गुना से अधिक बढ़ी है। तो नहीं, मुझे इसका बिल्कुल भी अफसोस नहीं है। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा कदम था। और इसने शायद फ्लिपकार्ट-मिंत्रा को मजबूत स्थिति में ला दिया है। फ्लिपकार्ट के विलय और पुनर्गठन के बाद बंसल एक नई चुनौती के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा, मैंने फ्लिपकार्ट में दो साल रहा और इसका आनंद उठाया।  मुझे लगता है कि सचिन बंसल, बिन्नी बंसल और टीम के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा। हमने फ्लिपकार्ट को आगे कैसे चलाया जाए, इस बारे में बात करना शुरू कर दिया और उसके बाद हमने पुनर्गठन का फैसला किया। बिन्नी के सीईओ बनने के बाद मैंने अपनी भूमिका का मूल्यांकन किया और महसूस किया कि फ्लिपकार्ट में एक टीम बनाने के लिए मैंने पिछले साल जो भी काम किया था उसमें लीडरशिप क्वालिटी था।

Cure.fit लॉन्च किया गया

मिंत्रा की सफलता के बाद, मुकेश बंसल ने भारत में हेल्थ और फिटनेस बाजार में क्रांति लाने का फैसला किया और अपनी पहली पुस्तक, 'नो लिमिट्स, द आर्ट एंड साइंस ऑफ हाई परफॉर्मेंस' भी लिखी। उन्होंने अपना दूसरा बिजनेस एक फिटनेस स्टार्टअप, क्योरफिट, फ्लिपकार्ट के पूर्व मुख्य व्यवसाय अधिकारी अंकित नागोरी के साथ शुरू किया। स्टार्टअप को लांच करने के लिए संस्थापकों ने पांच मिलियन डॉलर जमा किए। Cure.fit फिटनेस और योग, हेल्दी मील, मेंटल हेल्थ, प्राइमरी केयर प्रदान करता है और कल्ट फिटनेस सेंटर, हेल्थ फूड प्लेटफॉर्म ईट.फिट और मानसिक स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म माइंड.फिट चलाता है। इस उद्यम ने कलारी कैपिटल, एक्सेल पार्टनर्स और आईडीजी वेंचर्स के नेतृत्व में 2016 में सीरीज ए फंडिंग में 15 मिलियन जुटाए डॉलर जुटाए थे। उस समय किसी भारतीय स्टार्टअप के लिए फंडिंग के सबसे बड़े शुरुआती दौरों में से यह एक था।  मार्च 2020 में, Cure.fit ने सिंगापुर स्थित टेमासेक होल्डिंग्स के नेतृत्व में सीरीज D2 फंडिंग में 110 मिलियन डॉलर हासिल किए। इस दौर के बाद Cure.fit का मूल्यांकन लगभग 800 मिलियन डॉलर आंका गया था।

कोविड के कारण लगा झटका

जल्द ही COVID-19 की चपेट में आ गया। अधिकांश ऑफलाइन व्यवसायों की तरह Cult.fit पर भी इसका असर पड़ा। कंपनी को कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी और कई जिम और फिटनेस सेंटर बंद करने पड़े। इसके ईट.फिट कारोबार को भी भारी झटका लगा। विपरीत परिस्थितयों में भी नहीं घबराने वाले बंसल ने बिजनेस को एक ऑनलाइन मॉडल में बदलने का फैसला किया। यह मॉडल तकनीक के जानकार फिटनेस उत्साही लोगों के साथ नई थी। और इस आइडिया को सफलता भी मिला।  क्योरफिट के संस्थापक बंसल ने एक बार मीडिया से बात करते हुए कहा था, हमने अपनी डिजिटल पेशकश पर बहुत मेहनत की है और इसकी सफलता पैमाना है। हम नए अवसरों का अधिकतम लाभ उठा रहे हैं और तूफान से बाहर निकलने के लिए तैयार हैं।

आपदा अवसर में बदल गया

Cure.fit ने आपदा को अवसर में बदल दिया। फरवरी में Cure.fit ने फिटनेस एग्रीगेटर Fitternty का अधिग्रहण किया, जिससे उनका सामूहिक उपयोगकर्ता आधार 30 लाख ग्राहक एक बार में मिल गए। Fitternty 2016 के बाद से CureFit का आठवां अधिग्रहण था। इसके पहले उन्होंने द ट्राइब फिटनेस क्लब, क्रिस्टी किचन, a1000yoga, फिटनेस फर्स्ट इंडिया, सेरानिति, रेजूव और ओनिक्स का अधिग्रहण किया था।

मुकेश बंसल के लिए बड़ी डील

कई स्टार्ट अप का अधिग्रहण करने के बाद मुकेश बंसल और Cure.fit को बड़ा प्रस्ताव आया। टाटा डिजिटल ने Cure.fit में 75 मिलियन डॉलर का निवेश करने की घोषणा की और मुकेश बंसल अध्यक्ष के रूप में टाटा डिजिटल में शामिल होंगे। यह स्टार्टअप क्षेत्र में टाटा की तीसरी बड़ी डील है। टाटा डिजिटल ई-ग्रोसरी बिगबास्केट में 64 फीसद हिस्सेदारी के लिए 9500 करोड़ रुपये का भुगतान किया। फिर उसने 1200 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर ई-फार्मेसी श्रृंखला 1MG खरीदी। हालांकि अमेजन व रिलायंस के पास ई ग्रोसरी व ई फार्मेसी भी है, लेकिन क्योरफिट का अधिग्रहण करने के बाद टाटा समूह इन दोनों से अलग दिखता है। फिटनेस और वेलनेस बाजार 20 फीसद प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहा है और 2025 तक 12 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। CureFit अपने हाइब्रिड मॉडल के साथ इस स्पेस में मार्केट लीडर बनने का लक्ष्य बना रहा है जिसमें ऑफलाइन कल्ट सेंटर शामिल हैं। मुकेश बंसल के लिए जीवन निश्चित रूप से एक पूर्ण चक्र में आ गया है। अपने ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म मिंत्रा को फ्लिपकार्ट को बेचने से लेकर अब एक उपभोक्ता प्लेटफॉर्म बनाने तक में उनकी महती भूमिका रही है।

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