Jharkhand Unlock 6.0 : झारखंड में स्कूल- काॅलेज के साथ कोचिंंग सेंटर खुलेंगे, जारी रहेगी वीकेंड लाॅकडान; ये रही अनलॉक-6 गाइडलाइन

अनलाॅक छह का गाइडलाइन जारी कर दिया गया है। इसमें झारखंड की हेमंत सरकार ने बडी राहत देने का फैसला लिया है । अब स्कूल-काॅलेज के साथ कोचिंग संस्थान भी खुलेंगे। बस संचालकों को भी राहत दी गइ है। अब इंटर स्टेट बस सेवा शुरू होगी।

Rakesh RanjanFri, 30 Jul 2021 07:15 PM (IST)
अनलाॅक छह में दुकानें खोलने का समय भी बदल गया है।

जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। कोरोना पर काबू पाने के मकसद से लाॅकडाउन को अनलाॅक में बदलने की प्रक्रिया झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने पहले ही शुरू कर दी थी। अनलाॅक पांच के बाद अब अनलाॅक छह का गाइडलाइन जारी कर दिया गया है। इसमें सरकार ने बडी राहत देने का फैसला लिया है । अब स्कूल-काॅलेज के साथ कोचिंग संस्थान भी खुलेंगे। बस संचालकों को भी राहत दी गइ है। अब इंटर स्टेट बस सेवा एक अगस्त से शुरू होगी।

झारखंड में 24 अप्रैल से स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह चल रहा है। कोरोना संक्रमण के हालात को देखते हुए गाइडलाइन में संशोधन किया जा रहा है। इसी कडी में शुक्रवार को मुख्यमंंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक में अंतराल के बाद अनलाॅक छह का गाइडलाइन जारी किया गया। वीकेंड लाॅकडाउन खत्म नहीं किया गया है। हालांकि, इसमें कुछ राहत जरूर दी गयी है। सामान्य दिनों में दुकानें रात आठ बजे तक खुलेंगी। रेस्तरां एवं बार रात दस बजे तक खुलेंगे। स्कूल -काॅलेज के साथ कोचिंग संस्थानों को खोलने की इजाजत से कैंपस में रौनक बढेगी।

ये रही अनलाॅक छह गाइडलाइन

कोचिंग संचालकों ने की राहत की सांस

जमशेदपुर में तकरीबन पैंतीस छोटे-बडे कोचिंग संस्थान है। इसके संचालक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग कर रहे थे कि जल्द से जल्द कोचिंग संस्थानों को खोलने की अनुमति दें। उनका कहना था कि ऐसे ही चलता रहा तो संस्थानों को चलाना मुश्किल हो जाएगा। जमशेदपुर में कई ऐसे कोचिंग संस्थान है, जो देश में प्रसिद्ध हैं। इंजीनियरिंग हो या मेडिकल प्रवेश परीक्षा हो या फिर बैंकिंग, रेलवे, एसएससी हो यहां के छात्र देश में लोहा मनवाते हैं। पिछले दो वर्ष में इनके संस्थान मात्र तीन माह के लिए खुले थे। कोचिंग संस्थानों को लाॅकडाउन की गाइडलाइन के तहत नहीं खोलन के आदेश की वजह से शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन देना तथा भाड़ा देना मुश्किल हो रहा था। नारायणा आइआइटी/नीट एकेडमी के केंद्र निदेशक श्याम भूषण व श्रीमन क्लासेस के संस्थापक श्रीमन नारायण त्रिगुण के मुताबिक ऑनलाइन क्लास तो हो रहे है, लेकिन वह बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए नाकाफी है। जितना बच्चे केंद्र में आकर अध्ययन-अध्यापन का कार्य करते हैं, ग्रुप डिस्कशन करते हैं वह नहीं हो पा रहा है। साथ ही फीस का मामला भी फंस रहा है। छात्रों के अभिभावक फीस केंद्र में पढ़ने के लिए देते हैं, ऐसे में अभिभावकों पर भी ज्यादा दबाव नहीं बनाया जा सकता है। फीस भी सही समय पर जमा नहीं हो पा रहा है। बैंक ईएमआइ भरना भी मुश्किल हो रहा है। बड़ी मुश्किल से शैक्षणिक संस्थानों को चलाया जा रहा है। अब सरकार के ताजा फैसले से कोचिंग संचालक खुश हैं।

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