Teachers Protest: झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बयान से शिक्षकों में उबाल, काला बिल्ला लगाकर जता रहे विरोध

Jharkhand Government Teachers protest झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव निखिल चंद्र मंडल का कहना है कि वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव का इस तरह का बयान देना अमर्यादित हैं। उन्होंने बयान को शिक्षकों के मनोबल को तोड़ने वाला बताया है।

Rakesh RanjanTue, 14 Sep 2021 04:28 PM (IST)
झारखंड के पोटका में विरोध प्रदर्शन करते शिक्षक। जागरण

पोटका (पूर्वी सिंहभूम), जागरण संवाददाता। निजी स्कूल न होते तो झारखंड शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ जाता। इस तरह के बयान झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव द्वारा दिए जाने के बाद सरकारी शिक्षकों में काफी उबाल देखने को मिल रहा है। मंगलवार को कई सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया तथा झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव से माफी मांगने मांगने की बात कर रहे हैं। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को शिक्षक काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं ।

झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव निखिल चंद्र मंडल का कहना है कि वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव का इस तरह का बयान देना अमर्यादित हैं। उन्होंने बयान को  शिक्षकों के मनोबल को तोड़ने वाला बताया है। इनका कहना है कि इस तरह सरकारी शिक्षकों को अपमानित करना गलत है। झारखंड सरकार को इस संबंध में प्रत्येक जिले से प्रखंड से निंदा प्रस्ताव मुख्यमंत्री के नाम भेजा जाएगा तथा रामेश्वर उरांव को इस तरह के बयान मीडिया में देने पर उन्हें सरकारी शिक्षकों से माफी मांगनी होगी। झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष श्यामल कुमार मंडल ने कहा कि झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ वित्त मंत्री के बयान की घोर भर्त्सना करता है।  हम सब निंदा प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री को भेजेंगे ताकि शिक्षकों के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी बंद हो और सरकारी शिक्षकों को गैर सरकारी कार्यों से मुक्त किया जा सके।

झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव निखिल चंद्र मंडल ने कहा कि संघ की प्रदेश कमेटी के निर्देश के आलोक में यदि संघ के किसी भी सदस्य द्वारा काला बिल्ला लगाकर विरोध किया जाता है तो उनके ऊपर जिला कमेटी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक समाज के निर्माता माने जाते हैं। वे विपरीत परिस्थिति में बच्चों का भविष्य संवारने का काम करते हैं। इस तरह का बयान सरकारी शिक्षकों का मनोबल तोडने वाला है।

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