मानगो में सेवानिवृत्त शिक्षिका के घर धमकी भरा पत्र मिला, लिखा- रुपये नहीं देने पर कर देंगे पूरे परिवार को खत्म

पैसा नहीं देने में गोली चलेगी। पूरे परिवार का सफाया कर देंगे। यह लिखा था उस धमकी भरे पत्र में जो जमशेदपुर के मानगो थाना इलाके के न्यू आदर्शनगर में एक सेवानिवृत्त शिक्षिका के घर मिला। जानकारी मिलने के बाद शिक्षिका दहशत में है।

Rakesh RanjanTue, 27 Jul 2021 09:47 AM (IST)
शिक्षिका को धमकाने के पीछे रुपये वसूली का मामला लग रहा है।

जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र की चटाई कालोनी से सटे न्यू आदर्शनगर में रहनेवाली सेवानिवृत्त शिक्षिका आरती दास के घर धमकी भरा पत्र मिलने से वह परेशान हो गई है और दहशत में है। घर पर लिफाफा में भेजे गए पत्र में कहा गया कि जितने रुपये की मांग की जा रही है उसका भुगतान कर दें। दीवार पर तीर का निशान बना दिए हैं वहीं रख दें। अन्यथा रात 2.30 बजे घर पर गोली चलेगा। पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।

परेशान शिक्षिका ने इसकी जानकारी भाजपा नेता विकास सिंह को दी। इसके बाद मामला मानगो थाना तक पहुंचा। पुलिस मौके पर पहुंची। शिक्षिका से मिलकर मामले की जानकारी ली। शिक्षिका का एक पुत्र अमेरिका में और दूसरा पुणे में रहते हैं। उनके पति आरके दास का निधन चार माह पहले हो गया है। वे टाटा स्टील के कर्मचारी थे। शिक्षिका ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह पांच बजे उठी। दरवाजे के सामने लिफाफा गिरा हुआ देखा जिसमें रुपये की मांग की गई और नहीं देने पर गोली मार देने की धमकी दी गई है। कितने रुपये चाहिए, यह नहीं लिखा गया है। पत्र के अंत में लिखा है कि जरा भी होशियारी नहीं करना। अब सोचो पैसा चाहिए कि मौत। गोली भी चलाएंगे। पत्र मिलने पर दोपहर तीन बजे शिक्षिका ने सूचना मानगो थाना को दी। लिखित शिकायत भी दी, लेकिन थाना से कोई अधिकारी नहीं आया। रात में थाना की पुलिस पहुंची। घर पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस मामले की अंदरूनी जानकारी एकत्र कर रही है। शिक्षिका को धमकाने के पीछे रुपये वसूली का मामला लग रहा है।

पत्र में लिखा दास से बेटे के नामांकन के लिए रुपये मांगे थे नहीं दिया, बेटे ने खुदकुशी कर ली

शिक्षिका को जो पत्र मिला है उसमें लिखने वाले लिखा है कि दास से पुरानी दुश्मनी है। दास अगर पैसा दे देता तो मेरा बेटा कभी फांसी नहीं लगाता। बेटे का इंजीनियरिंग में नामांकन कराना था। दास से साकची में रुपये मांगे थे, नहीं दिया। इसका बदला लेने को घर पर नजर रखे हुए हैं। यह पत्र अंतिम है। आगे लिखा कि जब दास मरा तो तब उसके दोनों बेटे को देखा। इससे पहले नहीं देखा था। बेटा कब तक रहेंगे। कब जाएंगे इसकी जानकारी वह मोबाइल से ले रहा था। मानगो में दो माह से तुम्हारे घर से कुछ दूरी पर रह रहे हैं। घर की लाइट रात में बंद रखनी चाहिए। नीचे किराएदार का भी लाइट जलता है। हम अपने घर से देख लेंगे सबकुछ। हमारे आदमी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। मांग पूरा नहीं हुआ तो इसके बाद भी पत्र मिलता रहेगा। आरती दास को संबोधित करते लिखा तुम टीचर हो, यह दास ने बताया था, लेकिन हम नहीं पहचानते थे। आगे लिखा कि 26 तारीख को रुपये चाहिए। घर के पास दीवार पर तीर बना दिए हैं। उस जगह पर रात 2 बजकर 20 मिनट पर रुपया रख देना। घर की लाइट को रात दो से तीन बजे तक जलाते-बुझाते रहना। हमारे आदमी चारों तरफ रहेंगे। छत पर रहेंगे।

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