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Jamshedpur, Jugsalai Murder Case : विकम हत्याकांड में टुनटुन सिंह समेत छह के खिलाफ शिकायत दर्ज, सरेंडर का दबाव बढा

रुपये वापसी को लेकर टुनटुन सिंह का दबाव अमर प्रताप सिंह पर था।

Jugsalai Murder Case विक्रम सिंह की हत्या मामले में होटल एबी पैलेस के मालिक ओम नरायण सिंह उर्फ टुनटुन सिंह पुत्र अभिषेक सिंह समधी राजकुमार उर्फ राजू सिंह विक्रम के चाचा शत्रुघन सिंह उनकी पत्नी और बेटे आकाश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है

Rakesh RanjanTue, 04 May 2021 09:50 AM (IST)

जमशेदपुर, जासं। विक्रम सिंह की हत्या मामले में होटल एबी पैलेस के मालिक ओम नरायण सिंह उर्फ टुनटुन सिंह, पुत्र अभिषेक सिंह, समधी राजकुमार उर्फ राजू सिंह, विक्रम के चाचा शत्रुघन सिंह, उनकी पत्नी और बेटे आकाश के खिलाफ जुगसलाई थाना में आपराधिक षडयंत्र के तहत गोली मारकर हत्या किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई है जिसमें टुनटुन सिंह पर हत्या के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत अमर प्रताप सिंह उर्फ बाबा ने थाना में दिया है। दो मई को होटल परिसर में हुई घटना का जिक्र किया गया है।

जुगसलाई थाना के इंस्पेक्टर तरुण कुमार ने बताया कि लिखित शिकायत थाना को मिली है। कई विंदुओं पर जांच की जा रही है। इधर, पुलिस को जानकारी मिली है कि विक्रम सिंह के भाई अमर प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये अपने चाचा शत्रुघन सिंह से लिए थे और ये रुपये टुनटुन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह से भतीजे के लिए शत्रुघन सिंह ने लिए थे। रुपये अभिषेक सिंह के खाते से शत्रुघन सिंह की पत्नी के खाते में स्थानांतरित किए गए। शत्रुघन सिंह ने अमर प्रताप सिंह को रुपये दे दिए, लेकिन वापसी नहीं हो पाई जिसको लेकर कई बार विवाद हुआ। काफी दबाव पर अमर प्रताप सिंह ने अपनी पत्नी के नाम से चेक शत्रुघन सिंह को दिया था जो बाउंस कर गया। मामले को लेकर कानूनी नोटिस भी दी गई थी। वहीं शत्रुघन सिंह पर रुपये वापसी का दबाव था। परेशान होकर शत्रुघन सिंह ने इसकी जानकारी टुनटुन सिंह को दी थी जिसके बाद रुपये वापसी को लेकर टुनटुन सिंह का दबाव अमर प्रताप सिंह पर था।।

हत्या तक जा पहुंचा मामला

दो मई को होटल में बकाए रुपये की वापसी को लेकर बातचीत हो रही थी जिसको लेकर मामला हत्या तक जा पहुंचा। पुलिस ने शत्रुघन सिंह के घर पर दबिश दी। वह हाथ नहीं लगा। उसका बेटा बैंक में काम करता है। टुनटुन सिंह से रुपये लेकर शत्रुघन सिंह बाजार में कारोबारियों को रुपये दिलवाता था।

विक्रम सिंह की शरीर में लगी गोली हो गई थी आर-पार

विक्रम सिंह के पेट से ऊपरी दाहिने पंजडे में गोली लगी थी जो भेदते हुए पीठ की ओर से निकल गई थी। गोली नजदीकी से लगी थी। गौरतलब है कि टाटा मुख्य अस्पताल में जब विक्रम सिंह को दाखिल कराया गया था। वहां उसके शरीर में फंसी गोली निकली थी जिसे जुगसलाई थाना की पुलिस को सौंप दिया गया था।

 टुनटुन सिंह के घर से दो रायफल और कारतूस किए गए जब्त

टुनटुन सिंह के घर पर जुगसलाई थाना की पुलिस ने सोमवार देर शाम छापेमारी की। घर से दो रायफल और कारतूस जब्त कर ले गई। कारतूस की गिनती अनिता देवी के सामने की गई। दोनों रायफल लाइसेंसी है। घर को काफी समय तक पुलिस सर्च करती रही।

टुनटुन सिंह की तमाड़ से गिरफ्तारी की उड़ती रही खबर, पुुलिस का इंकार

टुनटुन सिंह की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की छापेमारी चौक से लेकर रांची तक जारी रही। देर रात तमाड़ से गिरफ्तारी की खबर उड़ती रही। मृतक के स्वजनों तक इसकी सूचना पहुंच गई, लेकिन जिले के वरीय पुलिस अधिकारी ने गिरफ्तारी से इंकार किया। अफवाह बताया। इधर, चर्चा है कि टुनटुन सिंह मंगलवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर सकते है।

टुनटुन सिंह की गिरफ्तारी को लेकर दबाव बढ़ा, समधी समेत कई हिरासत में

शहर के जुगसलाई स्टेशन रोड के होटल एबी पैलेस परिसर में होटल कैलाश रेसीडेंसी के मालिक सह ट्रासंपोर्टर विक्रम सिंह की दो मई की रात हुई हत्या मामले में ओम नरायण सिंह उर्फ टुनटुन सिंह की गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण किए जाने को लेकर पुलिस ने दबाव बढ़ा दिए हैं। लगातार पुलिस की दबिश टुनटुन सिंह के रिश्तेदारों और परिचितों के घर पर जारी है। पुलिस ने टुनटुन सिंह के समधी जुगसलाई निवासी राजकुमार उर्फ राजू, उसके पुत्र, टेल्को कालोनी में रहने वाले रिश्तेदार, दो पुत्र, चालक और होटल के दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। सभी को जुगसलाई थाना में रखा गया है। वहीं टुनटुन सिंह के परसुडीह थाना क्षेत्र खासमहल घर को भी पुलिस ने सर्च किया। घर से बैंक खाते समेत अन्य दस्तावेज पुलिस ले गई। घर के बाहर दो मई की रात से पुलिस ने डेरा डाल रखा है। होटल एबी पैलेस के पास क्यूआरटी फोर्स की तैनाती है। टुनटुन सिंह और उनके पुत्र की सभी मोबाइल बंद है जिसके कारण कोई लोकेशन नहीं मिल पा रहा है। तकनीकी सेल की टीम की मदद इसमें ली जा रही है। एससपी एम तमिल वानन निगाह रखे हुए हैं। सोमवार देर शाम जुगसलाई थाना में एसएसपी ने सभी से पूछताछ भी की। मुख्य आरोपित की मोबाइल का कॉल डिटेल पुलिस निकाल रही है। ऐसे में संभावना बन रही है कि टुनटुन सिंह कभी भी मौका देख आत्मसमर्पण कर सकते हैं। गौरतलब है कि टुनटुन सिंह की पत्नी अनिता सिंह पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद की पूर्व उपाध्यक्ष रह चुकी है।

अगर टुनटुन सिंह होटल से बाहर नहीं निकलते तो घिर जाते भीड़ से

टुनटुन सिंह की पिस्तौल से विक्रम सिंह को गोली लगने के बाद होटल परिसर में काफी भीड़ एकजुट हो गई थी। लोगों का आक्रोश चरम पर था। अगर होटल से बाहर निकलने में टुनटुन सिंह और अभिषेक सिंह विलंब करते तो भीड़ के हत्थे चढ़ जाते जिससे वहां का माजरा कुछ और होता। संयोग ही रहा कि मालिक के कहने पर चालक वाहन में लेकर दोनों को लेकर सुरक्षित निकल गया। राजकुमार सिंह उर्फ राजू अपनी वाहन से टीएमएच चले गए। इसके बाद भीड़ ने होटल में तोड़फोड़ कर दी। टीएमएच से ही पुलिस ने राजकुमार सिंह को हिरासत में ले लिया था।

घटना के बाद स्टेशन रोड से टेल्को की ओर भागे टुनटुन सिंह

स्टेशन रोड एबी पैलेस होटल से टुनटुन सिंह अपने पुत्र के साथ कार चालक को लेकर टेल्को की ओर भागे। वहां टेल्को में रहने वाले साढू उमेश सिंह की घर की ओर गए। वहां से चालक को पिता-पुत्र ने वापस भेज दिया। किसी तरह चालक अपने बागबेड़ा आवास लौटा। कुछ समय बाद ही पुलिस ने उमेश सिंह की घर पर दबिश दी, लेकिन पिता-पुत्र वहां से निकलने में सफल रहे। पुलिस ने उमेश सिंह और उनके दो पुत्र को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पिता-पुत्र का कोई लोकेशन नहीं मिला।

होटल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तकनीकी सेल ने, कुछ फुटेज मिले

सुरक्षा व्यवस्था के बीच तकनीकी सेल की टीम ने घटनास्थल एबी पैलेस के स्वागत कक्ष में लगी सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जिसमें लोग आते-जाते देखे गए। होटल में टुनटुन सिंह की चैंबर में जहां घटना हुई वहां सीसीटीवी नहीं था जिसके कारण चैंबर के अंदर हुई घटना की तस्वीर स्पष्ट नहीं दिखाई दे रही। होटल परिसर में विक्रम सिंह के भाई अमर प्रताप सिंह और गोलू नामक युवक होटल के स्वागत कक्ष की ओर जाते दिखे जहां खाना-पीना चल रहा था। टुनटुन सिंह के समधी राजू सिंह और दो लोग वहां मौजूद थे। अमर प्रताप सिंह से बकाए रुपये को लेकर वहीं पर विवाद हुआ। इसके बाद टुनटुन सिंह चैंबर की ओर चले गए। वहां अमर प्रताप सिंह और टुनटुन सिंह के बीच तनातनी हुई। यह देख राजू सिंह समेत वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया। दोनों बाहर निकलने लगे। इस बीच अमर प्रताप सिंह के रिश्तेदार ऋषभ सिंह ने संजू सिंह और विक्रम सिंह को बुला लिया। फिर सभी चैंबर की ओर गए। बहसबाजी होने लगी। टुनटुन सिंह ने पिस्तौल निकाल ली। बीच-बचाव और छीना-झपटी में गाेली चल गई जो विक्रम सिंह की पेट के ऊपर जा लगी। लोग उसे अस्पताल ले जाने में व्यस्त हो गए। वहीं टुनटुन सिंह समेत अन्य वहां से सुरक्षित निकल गए। पुलिस ने घटनास्थल से फुटेज और डीबीआर को जब्त किया है।

पिस्तौल हो गया था कॉर्क

ऐसी सूचना हैं कि टुनटुन सिंह ने बढ़ते विवाद के समय जब पिस्तौल निकाला तो तभी लोग बीच-बचाव करने लगे। इस दौरान पिस्तौल कॉर्क हो गया जिस पर किसी का ध्यान नहीं किया। दूसरी बार जब विवाद हुआ तो कॉर्क रहने के कारण पिस्तौल से गोली चल गई।

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