Jamshedpur, Jharkhand: इसलिए डिमना नाला को बनाया गया डैम, आज पूरे जमशेदपुर शहर में इससे होती है पानी की सप्लाई

Dimna Dam Jamshedpur दलमा पहाड़ियों की तलहटी में एक जलाशय पर नजर पड़ी और वर्ष 1940 में यहां डिमना डैम का निर्माण कार्य शुरू हुआ। 17 अप्रैल 1944 में इस डैम से शहर को जलापूर्ति शुरू की गई। शनिवार को इस जलापूर्ति के 77 साल पूरे हो रहे हैं।

By Rakesh RanjanEdited By: Publish:Sat, 17 Apr 2021 04:14 PM (IST) Updated:Sat, 17 Apr 2021 05:58 PM (IST)
Jamshedpur, Jharkhand: इसलिए डिमना नाला को बनाया गया डैम, आज पूरे जमशेदपुर शहर में इससे होती है पानी की सप्लाई
पहाड़ी इलाके से लगभग 36 वर्ग मील क्षेत्र में बारिश का पानी इस नाले से होकर बहता था।

जमशेदपुर, जासं। वर्ष 1907 में जब जमशेदपुर में टाटा स्टील कंपनी लिमिटेड की स्थापना हुई तो इसकी ख्याति पूरे देश में फैली। तब नौकरी की तलाश में देश के कोने-कोने से लोग यहां आए और बसते गए। उस समय ही कंपनी प्रबंधन को यह एहसास हो गया था कि भविष्य में जैसे-जैसे शहर की जनसंख्या बढ़ेगी, जल संकट की समस्या भी उत्पन्न होगी।

इसलिए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जमशेदपुर शहर के आसपास एक डैम बनाना तय हुआ। ऐसे में कंपनी के अधिकारियों और इंजीनियरों को दलमा पहाड़ियों की तलहटी में एक जलाशय पर नजर पड़ी और वर्ष 1940 में यहां डिमना डैम के नाम पर निर्माण कार्य शुरू हुआ। चार वर्षों बाद 17 अप्रैल 1944 में इस डैम से शहर को जलापूर्ति शुरू की गई। शनिवार को इस जलापूर्ति के 77 साल पूरे हो रहे हैं।

इसलिए डिमना में बनाया गया डैम

डिमना में पहले नाला था। पहाड़ी इलाके से लगभग 36 वर्ग मील क्षेत्र में बारिश का पानी इस नाले से होकर बहता था। इस नाले पर प्रकृति द्वारा दो पहाड़ी के बीच रेडीमेड बेसिन पहले से बना हुआ था। ऐसे में कंपनी के अधिकारियों ने पहाड़ियों की एक श्रृंखला से बहने वाले नाले के प्रवाह को बंद कर यहां पानी का संग्रहण शुरू किया।

इस डैम में इतनी है पानी की कुल क्षमता

निर्माण पूरा होने के बाद इस लेक की कुल जल संग्रहण करने की क्षमता 120 लाख क्यूबिक फीट है। लेक में पानी का फैलाव लगभग दो वर्ग मील तक है। लेक साढ़े तीन मील लंबी और लगभग एक मील चौड़ी है। यहां मिश्रित प्रकार के दो छोटे बांध है। एक 800 फीट और दूसरा 1200 फीट लंबा है। सबसे निचले स्तर पर बांध की ऊंचाई 83 फीट और अधिकतम चौड़ाई 400 फीट है। इस बांध में वॉल्व के साथ एक आउटलेट बनाया गया है जो पाइप लाइन से जुड़ा है। जिसकी मदद से पानी को जमशेदपुर शहर तक पहुंचाया जाता है। इस लेक के पानी का मुख्य स्त्रोत बारिश का पानी है। बारिश में आने वाले पानी को लेक में जमा किया जाता है। फिर उसका उपयोग स्थानीय समुदाय, जैव विविधता सहित जमशेदपुर की नगरीय मांग को पूरा किया जाता है। अत्याधिक गर्मी के समय जब शहर में जल संकट की स्थिति उत्पन्न होता है तो डैम रिजर्व के रूप में काम करता है। यहां यात्रा करने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय और सूर्यास्त का समय है।

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