IRCTC/Indian Railways : ट्रेन से यात्रा करने पर सीनियर सिटीजन को को रियायत मिलेगी या नहीं, जाने रेल मंत्री ने क्या कहा

IRCTC/Indian Railways भारतीय रेल 70 से अधिक उम्र के बुजुर्गों को रेलवे में पचास फीसदी तक रियायत देती आई है। लेकिन कोरोना काल में यह सुविधा को बंद कर दिया गया था। लेकिन अब रेल परिचालन सामान्य होने के साथ सवाल उठ रहे हैं कि फिर रियायत कब मिलेगी...

Jitendra SinghMon, 06 Dec 2021 09:15 AM (IST)
IRCTC/Indian Railways : ट्रेन से यात्रा करने पर सीनियर सिटीजन को को रियायत मिलेगी या नहीं,

जमशेदपुर : कोविड 19 से पहले ट्रेन में यात्रा करने पर सीनियर सिटीजंस को रेलवे मंत्रालय कई तरह की रियायत देती थी। लेकिन कोविड 19 के दौरान जब ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू हुआ तो सभी ट्रेनों को स्पशेल या फेस्टिवल स्पेशल के नाम से चलाया गया। ऐसे में रेलवे ने यात्रा के दौरान दी जाने वाली सभी रियायतों को रद कर दिया। साथ ही ट्रेनों का किराया भी स्पेशल ट्रेन के नाम पर 1.3 प्रतिशत कर दिया। ऐसे में यात्रियों को कहीं आने-जाने में अधिक शुल्क देना पड़ता था।

15 नवंबर से रेलवे ने स्पेशल ट्रेन को सामान्य ट्रेन के रूप में चलाने की घोषणा की। इसके बाद सभी ट्रेनों की संख्या पर एक या दो बजाए शून्य का स्पेशल टैग को हटा दिया गया। साथ ही ट्रेनों का किराया भी सामान्य कर दिया। लेकिन वरिष्ठ नागरिकों की सबसे बड़ी समस्या ये थी कि यात्रा के दौरान उन्हें किराए पर मिलने वाली रियायत पूर्व की तरह शुरू नहीं हुई। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) भी ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर किराए पर रियायत देता था लेकिन रेल मंत्रालय से आदेश नहीं मिलने पर उनकी ओर से यह सुविधा बंद है।

रेल मंत्री ने राज्यसभा में दिया ये जवाब

वरिष्ठ नागरिकों को भविष्य में रेल किराए पर रियायत मिलेगा या नहीं7 इस पर पिछले दिनों राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यात्रा के दौरान किराए में रियायत दिए जाने को लेकर मंत्रालय को कई लिखित आवेदन, सुझाव सहित पत्र मिले हैं। वर्तमान में भारतीय रेल 54 श्रेणियों में यात्रियों को रियायतें प्रदान करता है। लेकिन कोविड 19 को देखते हुए इन रियायतों की संख्या में कमी कर दी गई है।

वर्तमान में कोविड 19 महामारी और प्रोटोकॉल को देखते हुए दिव्यांग जन को चार श्रेणियों में और मरीजों व छात्रों को 11 श्रेणियों को छोड़कर शेष रियायतों को 20 मार्च 2020 को वापस ले ली गई है। उन्होंने बताया कि बंद की गई रियायतों को फिर से बहाल करने के लिए पिछले कई महीनों से कई प्रतिनिधियों व देश भर के यात्रियों की ओर से सुझाव मिल रहे हैं।

यात्रियों की संख्या में आई है कमी

आपको बता दें कि पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन से रेलवे को हमेशा नुकसान ही होता है। जबकि रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व माल ढुलाई में होता है। रेल मंत्री ने संसद में बताया कि कोविड 19 के बाद ट्रेनों का परिचालन फिर से सामान्य हुआ है।

वर्ष 2020-21 में वातानुकूलित डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 70 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। जबकि वर्ष 2019-20 में एसी डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में साल दर साल चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन कोविड 19 के बाद यात्री एसी के बजाए स्लीपर क्लास में यात्रा करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

टाटानगर स्टेशन से हर साल इतने यात्री करते हैं सफर

टाटानगर रेलवे स्टेशन से एक अनुमान के तहत हर साल चार लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक यात्रा करते हैं। लेकिन रियायत नहीं मिलने से उन्हें भी परेशानी हो रही है। जमशेदपुर निवासी जागेश्वर प्रसाद का कहना है कि वे 76 वर्ष के हैं और साल में एक-दो बार अपने पैतृक आवास जरूर जाते हैं।

पहले उन्हें यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिक की रियायत मिलती थी लेकिन अब रियायत बंद होने से उन्हें ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। इसलिए हम रेल मंत्री से यही अनुरोध करेंगे कि 60 साल के बाद जब व्यकति की आमदनी बंद हो जाती है तो उन्हें यात्रा के दौरान रियायत मिलनी चाहिए।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.