देशी गाय में बड़े-बड़े गुण, क्या कहते हैं दुनिया भर के वैज्ञानिक देशी गौमाता के बारे में, आप भी जान लीजिए

कहा जाता है कि विदेशी गाय की अपेक्षा देशी गाय का दूध अधिक फायदेमंद होता है। गोमूत्र से कई रोगों का इलाज भी किया जाता है। वैज्ञानिकों का भी कहना है कि देशी गाय का दूध विदेशी गायों से अधिक पौष्टिक होता है।

Jitendra SinghThu, 29 Jul 2021 06:00 AM (IST)
देशी गाय में बड़े-बड़े गुण, क्या कहते हैं दुनिया भर के वैज्ञानिक

जमशेदपुर, जासं। गाय को लेकर तरह-तरह की बातें हैं। खासकर गाय की नस्ल को लेकर अलग-अलग विचार आते रहते हैं। यही नहीं, देशी गाय और उसके गोबर, मूत्र, दूध आदि को लेकर भी अलग-अलग मत हैं। कोई इसमें कुछ शोध की बातें करता है, तो कोई अपने अनुभव के आधार पर विचार रखता है। आपको भी जानना चाहिए कि किस गाय के बारे में किस वैज्ञानिक की क्या राय है। जमशेदपुर की आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ सीमा पांडेय बता रही हैं।

 जर्सी नस्ल की गाय का दूध पीने से 30 प्रतिशत तक कैंसर बढ़ने की संभावना है। - नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका गाय अपने सींग के माध्यम से काॅस्मिक पावर ग्रहण करती है। - रूडल स्टेनर,जर्मन वैज्ञाानिक गोबर की खाद की जगह रासायनिक खाद का उपयोग करने के कारण महिलाओं का दूध दिन प्रतिदिन विषैला होता जा रहा है। - डाॅ. विजयलक्ष्मी, सेंटर फाॅर इंडियन नालेज सिस्टम गोमूत्र के उपयोग से हृदय रोग दूर होता है तथा पेशाब खुलकर होता है। कुछ दिन तक गोमूत्र सेवन करने से धमनियों में रक्त का दबाव स्वाभाविक होने लगता है। गोमूत्र सेवन से भूख बढ़ती है। यह पुराने चर्म रोग की उत्तम औषधि है। - डा. काफोड हैमिल्टन, ब्रिटेन गोमूत्र रक्त में बहने वाले दूषित कीटाणुओं का नाश करता है। - डाॅ. सिमर्स, ब्रिटेन विश्व में केवल देशी गाय ही ऐसा दिव्य प्राणी है जो अपनी स्वास में आॅक्सीजन छोड़ती है। - कृषि वैज्ञानिक डाॅ. जूलियस व डाॅ. बुक, जर्मन शहरों से निकलने वाले कचरे पर गोबर के घोल को डालने से दुर्गंध पैदा नहीं होती है। कचरा खाद के रूप में परिवर्तित हो जाता है। - डा. कांतिसेन सर्राफ, मुंबई गाय के दूध में विद्यमान तत्व मस्तिष्क और स्मरण शक्ति के विकास में सहायक होता है। एमडीजीआई प्रोटीन के कारण रक्त कोशिकाओं में कैंसर प्रवेश नहीं कर सकता है। - प्रो. राेनाल्ड गौ रायटे, कारनेल विश्वविद्यालय समस्त दुधारू प्राणियों में गाय ही एक ऐसा प्राणी है, जिसकी बड़ी आंत 180 फीट लंबी होती है। इसकी विशेषता यह है कि जो चारा ग्रहण करती है, उससे दुग्ध में केरोटिन नामक पदार्थ बनता है। यह मानव शरीर में पहुंचकर विटामिन-ए तैयार करता है, जो नेत्र ज्योति के लिए आवश्यक है। देशी गाय के गोबर में हैजे के कीटाणुओं को समाप्त करने की अद्भुत क्षमता होती है। - डाॅ. किंग, मद्रास जिन घरों में देशी गाय के गोबर से लिपाई-पुताई होती है, वह घर रेडियो विकिरण से सुरक्षित रहता है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.