Railways में गैंगमैन व सफाई कर्मी के पास भी टीटी व गार्ड बनने का मौका, जानिए

दक्षिण- पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के कार्यवाहक महामंत्री शशि मिश्रा।

Good News for Railways Employees. रेलवे के ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। ग्रुप डी के कर्मचारी पढ़े-लिखे और उच्च शिक्षा प्राप्त किए हुए हैं तो वे भले ही गैगमैन या मेल/फीमेल सफाई वाला के पद पर क्यों न भर्ती हुए हो वे इसी पद से सेवानिवृत्त नहीं होंगे।

Rakesh RanjanSat, 27 Feb 2021 03:16 PM (IST)

जमशेदपुर, जासं।  रेलवे के ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। ग्रुप डी के कर्मचारी पढ़े-लिखे और उच्च शिक्षा प्राप्त किए हुए हैं तो वे भले ही गैगमैन या मेल/फीमेल सफाई वाला के पद पर क्यों न भर्ती हुए हो, वे इसी पद से सेवानिवृत्त नहीं होंगे।

ऐसे कर्मचारियों के पास मौका है कि वे लिटरेट डिपार्टमेंटल कम्पीटेटिव एक्जामिनेशन (एलडीसीई) के तहत परीक्षा देकर किसी भी विभाग में निकलने वाली आंतरिक वैकेंसी में शामिल हो सकते हैं। रेलवे बोर्ड ऐसे कर्मचारियों को कुल पदों पर 10 प्रतिशत का आरक्षण देगा। नेशनल रेलवे फॉर इंडियन रेलवेमैन (एनएफआइआर) ने इस संबंध में रेलवे बोर्ड को अपना मांग पत्र सौंपा था। इस पत्र के आलोक में ही रेलवे बोर्ड ने सभी 18 जोन के महाप्रबंधकों से अविलंब इस मामले में सुझाव मांगा है। दक्षिण- पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के कार्यवाहक महामंत्री शशि मिश्रा ने रेलवे बोर्ड के इस कदम का स्वागत किया है। बकौल शशि मिश्रा, अब हर विभाग में पढ़े-लिख कर्मचारी आ चुके हैं जो अपनी योग्यता के दम पर ग्रुप-डी से ग्रुप में जाना चाहते हैं, लेकिन इनके पास प्रमोशन का कोई रास्ता नहीं था। इसलिए एनएफआइआर ने कर्मचारियों की मांग को समझते हुए रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा था।

एनएफआइआर के लिए यह बहुत बड़ा एचीवमेंट

इस पहल से अब ग्रुप-डी का कर्मचारी भी टिकट निरीक्षक, गार्ड, ड्राइवर सहित तकनीकि विभाग में भी जा सकेगा। नई व्यवस्था शुरू होने से पढ़े-लिखे कर्मचारी किसी भी विभाग में निकलने वाली वैकेंसी में 10 प्रतिशत कोटा के तहत आरक्षण प्राप्त करने के भागीदार होंगे। एनएफआइआर के लिए यह बहुत बड़ा एचीवमेंट है और इसके लिए रेलवे बोर्ड के वरीय अधिकारी से लेकर यूनियन नेता बधाई के पात्र हैं। इस प्रस्ताव से देश भर में ग्रुप-डी में कार्यरत सभी रेलवे कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

पहले यदि कोई गैंगमैन पांच वर्षो तक काम का अनुभव है तो डीपीक्यू के तहत एक परीक्षा देकर जूनियर इंजीनियर बन जाते थे लेकिन पिछले पांच-छह वर्षो से यह प्रक्रिया बंद है इसलिए हमने अपने जोन में एलडीसीई को 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की मांग की है ताकि अधिक से अधिक रेल कर्मचारी जो गैंगमैन या सफाई वाला पद पर कार्यरत है लेकिन उच्च शिक्षा प्राप्त किए हुए हैं। वे अपना डिपार्टमेंट बदलकर प्रमोशन पाने के हकदार हो जाएंगे

        -शशि मिश्रा, कार्यवाहक महासचिव, दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस

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