Yoga Tips : बीमारियां दूर भगानी है तो करें यह आसन, महिलाओं को भी मिलेगा फायदा

Yoga Tips नियमित योग कर हम कई रोगों को दूर भगा सकते हैं। सोनारी की योगा व रेकी एक्सपर्ट पूनम वर्मा की माने तो अगर हम गोमुखासन रोजाना करते हैं तो न सिर्फ हड्डियां मजबूत होती है बल्कि मन शांत व एकाग्रचित भी रहता है।

Jitendra SinghMon, 13 Sep 2021 06:00 AM (IST)
बीमारियां दूर भगानी है तो करें यह आसन, महिलाओं को भी मिलेगा फायदा

जमशेदपुर : बीमारियों से छुटकारा पाना है तो गोमुखासन करना होगा। यह महिलाओं के लिए भी काफी लाभप्रद है। गोमुखासन एक ऐसा आसन है, जो हमारी कई बीमारियों को छू मंतर कर देगी। सोनारी की योग एक्सपर्ट पूनम वर्मा के मुताबिक एक स्वस्थ शरीर के लिए यह बेहद जरुरी है। यह शरीर के अंदर मसल्स और हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ मन को शांत व एकाग्रचित करता है। इससे वजन कम होने के साथ ही मांसपेशियां मजबूत होती है। इस आसन को करने में व्यक्ति की स्थिति एक गाय के समान दिखाई देती है।

योगा व रेकी एक्सपर्ट पूनम वर्मा।

जानें क्या है गोमुख आसन

गो मुख का अर्थ होता है गाय का चेहरा या गाय का मुख। इस आसन में पांव की स्थिति बहुत हद तक गोमुख की आकृति जैसे होती है। यहीं वजह है कि इसे गोमुखासन कहा जाता है। यह महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी है। गठिया, कब्ज, मधुमेह और कम में दर्द होने पर भी यह आसन किया जाता है, जो काफी फायदेमंद होता है।

इन बीमारियों से आराम दिलाता है गोमुखासन

गोमुख आसन कई बीमारियों से राहत दिलाता है। अगर गठिया, साइटिका, अपचन, कब्ज, धातु रोग, मंदाग्नि, पीठदर्द,लैंगिकविकार, प्रदर रोग, बवासीर जैसे रोग है तो इसे नियमित तौर पर गोमुख आसन करना चाहिए।

 

 ऐसे करना है गोमुखासन

सबसे पहले सुखसन की मुद्रा में बैठना है। दाएं पैर को बाएं पैर के ऊपर लाकर बैठे, इसमें दोनों पैर घुटने ऊपर होने चाहिए। अब दाएं हाथ को सिर की ओर से पीछे की ओर ले जाना है। अब बाएं हाथ को कोहनी को मोड़कर पेट की ओर से धुमाते हुए पीठ की ओर ले जाना है। अब दोनों हाथो को पीछे मिलाते हुए एक सीधी रेखा बनाना है। कुछ देर तक इसी मुद्रा में रहना है। फिर विश्राम मुद्रा में आना है। इस मुद्रा को थोड़ा आराम होने के बाद फिर करना है। करीब दस मिनट तक इस आसान को रोजाना करना है।

गोमुखासन के लाभ

यह आसन करने से शरीर सुडोल, लचीला और आकर्षक बनता है। वजह कम करने के लिए यह आसन उपयोगी है। गोमुखासन मधुमेह रोग में अत्यंत लाभकारी है। महिलाओं के स्तनों का आकार बढ़ाने के लिए यह लाभकर है। यह फेफड़ों के लिए एक बहुत ही मुफीद योगाभ्यास है। यह आसन श्वसन में संबंधित रोगों से सहायता करता है। इस आसन से थकान, तनाव व चिंता कम होती है। कमर दर्द की परेशानियों से राहत मिलती है।

बरतें यह सावधानियां

कंधे, पीठ, गर्दन या फिर घुटनों में दर्द हो तो यह आसन नहीं करें। आसन करते समय किसी तरह की परेशानी हो तो योग शिक्षक से संपर्क करें पीठ के पीछेदोनों हाथोां के ले जाने में जबरदस्ती न करें। गोमुखासन का समय अभ्यास के साथ धीरे-धीरे बढ़ाना है। 

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