Farming Tips: किसानों के लिए वैज्ञानिक सलाह, फलदार पौधे लगाने का सही मौसम

Farming Tips आप फलदार पौधे लगाना चाहते हैं तो यह आपके लिए जरूरी खबर है। क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र दारीसाई के कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान मौसम फलदार पौधे लगाने के लिए अनुकूल है। कुछ किस्म के ही फलदार पौधे लगाने की सलाह दी है।

Rakesh RanjanSat, 25 Sep 2021 09:18 AM (IST)
Farming Tips इस मौसम में लगाएं ये फलदार पौधे।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। वैसे किसान जो बरसात के समय में अपने खेतों या बाग में फलदार पौधे नहीं लगा पाए हैं या लगाने से वंचित हो गए थे,  वैसे किसानों के लिए खुशखबरी है। क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र दारीसाई से किसानों के लिए जारी बुलेटिन में कहा गया है कि वर्तमान मौसम फलदार पौधे लगाने के लिए अनुकूल है। कृषि वैज्ञानिक ने इसके लिए कुछ किस्म के ही फलदार पौधे लगाने की सलाह दी है।

अभी लगाएं ये फलदार पौधे

शरीफा अर्का साहन केला, बेहुला, रोबस्टा, जी -9 पपीता, पूसा डेलीसीयस, पूसा डवार्फ, कुर्ग हनि ड्यू, पूसा नन्हा एवं अमरूद अलाहाबाद, सफेदा, लखनऊ 49, अर्का मृदुला, ललीत, अर्का अमूल्य।

इन दवाआें का करें छिडकाव

आने वाले मौसम को देखते हुए पौधों पर मोनोक्रोटोफास एक मिलीलीटर या मिथाइल डिमोटान एक मिलीलीटर या इमिडाक्लोरपीड एक ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। आम, अमरूद, लीची, आंवला आदि में टपक विधि द्वारा सिंचाई करें। वाष्पोत्सर्जन में कमी करने के लिए थल्लों में पलवार मल्लचिंग करें। सिंचाई मौसम को देखते हुए करें। वर्षा होने के बाद आम, अमरूद, लीची, आंवला आदि नए पाैधे लगाने के लिए गड्ढों की खुदाई कर कुछ दिनों के लिए खुला छोड़ें। अमरूद में गुट्टी एवं लीची के नए पौधे तैयार करने हों तो डालियों के अंतिम छोर में रिंग बना लें। आम का साटा तैयार करने के लिए डालों को झुका कर गमले के पौधे उसमें बांध दें। आम पेड़ में निकले नए पत्तों के नीचले सतह पर अगर सफेद रंग के छोटे-छोटे कीट दिखाई पड़ने पर एक्टारा 25 प्रतिशत डब्लूजी का 2-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर नीचले सतह पर छिड़काव करें।

नए बगीचे

आगामी दिनों में बारिश का लाभ उठाते हुए आम, अमरूद, लीची के नए बगीचे के लिए समतल जमीन पर वर्गाकार या आयताकार तथा ढलुआ जमीन पर समेच्च गड्ढा एक गुना एक गुना एक माप कर बनाएं। कलमी आम के लिए 8 मीटर गुना 8 मीटर या 10 मीटर गुना 10 मिटर, आम्रपाली पांच मीटर गुना पांच मीटर , अमरूद 6 मीटर गुना 6 मीटर तथा लीची के लिए 8 मीटर गुना 8 मीटर दूरी पर पाैधे लगाएं। जल संरक्षण के लिए छोटे-छोटे गड्ढे बनाएं ताकि जब पानी की किल्लत हो तो संरक्षित जल का उपयोग किया जा सके।

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