टाटा कमिंस यूनियन में चुनाव को लेकर गुटबाजी तेज, चुनाव पदाधिकारी के मनोनयन पर उठे सवाल

टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन चुनावी प्रक्रिया की शुरू में ही गुटबाजी तेज हो गई है। एक खेमा प्रबंधन के साथ है तो दूसरा बेरमो के कांग्रेस विधायक व यूनियन के अध्यक्ष अनूप सिंह की शह पर काम कर रहे हैं। यूनियन में स्पष्ट रूप से दो खेमा बना है।

Jitendra SinghThu, 24 Jun 2021 09:49 AM (IST)
यूनियन चुनाव को लेकर मचे घमासान को प्रदर्शित करती टाटा कमिंस कंपनी की प्रतीकात्मक तस्वीर

जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन चुनावी प्रक्रिया की शुरू में ही गुटबाजी तेज हो गई है। यूनियन का एक खेमा प्रबंधन के साथ है तो दूसरा गुट बेरमो के कांग्रेस विधायक व यूनियन के अध्यक्ष अनूप सिंह की शह पर काम कर रहे हैं। ऐसे में यूनियन में स्पष्ट रूप से दो खेमा बना है। यूनियन में कुल कार्यकारिणी सदस्यों की संख्या 18 है। इसमें रामाकांत करूआ के समर्थक दस तो एहसान अहमद सिराजी के साथ आठ सदस्य खड़े हैं। रामाकांत करूआ एंड टीम अनूप सिंह की देखरेख में चुनाव कराना चाहती है। वहीं प्रबंधन यूनियन के अंदर से ही अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी बनाने के पक्ष में है। वह बाहरी नेताओं से परहेज करने की बात कर रही है। वहीं रामाकांत करूआ की टीम हर हाल में अनूप सिंह की देखरेख में चुनाव कराना चाहती है तथा उन्हें ही अपना अध्यक्ष बनाना चाहती है। कंपनी के कर्मचारी भी समय रहते चुनाव कराने की मांग करने लगे हैं। दो दिन पूर्व ही कर्मचारियों ने यूनियन नेताओं का घेराव करते हुए उनसे सवाल-जवाब किया था। उनका कहना था कि समय रहते चुनाव क्येां नहीं हो रहा है। इस पर यूनियन नेताओं ने कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए चुनाव पदाधिकारी से बात कर समय रहते निर्णय लेने का आश्वासन कर्मचारियों को दिया है।

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अध्यक्ष के पत्र पर शुरू है घमासान

यूनियन के अध्यक्ष सह बेरमो के विधायक अनूप सिंह ने एक पत्र जारी करते हुए चुनाव पदाधिकारी का मनोनयन किया है। अनूप सिंह का पत्र 23 जून को जारी हुआ है जिसमें महेंद्र कुमार विश्वकर्मा व एके त्रिवेदी को चुनाव पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे लोग यूनियन स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर समय रहते चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाए। उधर, स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य मनोज कुमार सिंह ने कहा है कि रामाकांत करूआ एंड टीम मजदूरों को बरगलाने का काम कर रही है। चुनाव पदाधिकारी का मनोनयन 23 जून को हुआ है जबकि विरोधी खेमा 15 मई को चुनाव पदाधिकारी मनोनयन की बात कर्मचारियाों से कह रहा है। मनोज सिंह ने कहा है कि ऐसे लोगों का स्टैंड सही नहीं है, कुछ भी बोलकर भ्रम फैलाना इनकी आदत बन गई है।

 

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