Pension Latest Update : पीएफ में बढ़ने वाली है 300 प्रतिशत पेंशन की राशि, बस कीजिए थोड़ा इंतजार

Employee Pension Scheme किसी भी कर्मचारी के लिए पीएफ जीवन की गाढ़ी कमाई होती है जिसे बुढ़ापे के लिए संजोकर रखा जाता है। कर्मचारियों के लिए खुशी की बात यह है कि पेंशन की राशि में 300 फीसद तक बढ़ोतरी हो सकती है।

Jitendra SinghThu, 16 Sep 2021 06:00 AM (IST)
पीएफ में बढ़ने वाली है 300 प्रतिशत पेंशन की राशि, बस कीजिए थोड़ा इंतजार

जमशेदपुर, जासं। कर्मचारी पेंशन योजना या इम्प्लाई पेंशन स्कीम निजी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए बड़ा भरोसा है। इसमें उच्चतम न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद पेंशन की राशि 300 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी, बस आपको फैसले का इंतजार करना है।

ईपीएफओ में मूल वेतन की सीमा को हो सकती है बढ़ोतरी

यह तो आपको पता ही होगा कि ईपीएफ या भविष्य निधि संगठन ने अपने खाताधारकों की सीमा में बढ़ोत्तरी के लिए मूल वेतन 15,000 रुपये पाने वाले कर्मचारियों को भी शामिल कर लिया है। ऐसा कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट मूल वेतन की इस सीमा को बढ़ाने जा रहा है। बात ऐसी भी हो रही है कि अब कितना भी वेतन पाने वाले को इसमें रखा जाएगा।

टाटा स्टील ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की है याचिका

इसे लेकर टाटा स्टील समेत कई बड़ी कंपनियों के कर्मचारी ने उच्चतम न्यायालय में मामला दाखिल किया है, जिसकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सभी फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि ऐसा हो गया तो अधिकतम राशि पर पीएफ कटेगा। सचमुच ऐसा हो गया तो पेंशन 300 प्रतिशत से ज्यादा भी मिल सकती है।

केंद्र सरकार ने जारी की थी अधिसूचना

कर्मचारी पेंशन योजना को संशोधित करते हुए एक सितंबर 2014 को भारत सरकार ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि पीएफ की राशि काटने के लिए मूल वेतन की सीमा निर्धारित नहीं होनी चाहिए। इस फैसले का निजी क्षेत्र के कर्मचारियों ने विरोध किया, तो पीएफ विभाग भी सुप्रीम कोर्ट में चला गया।

विभाग ने केंद्र के फैसले को वापस लेने की मांग की

विभाग ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल करते हुए केंद्र सरकार के फैसले पर पुनर्विचार करने या इसे वापस लेने की गुहार लगाई। सबसे बड़ी बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने ना केवल इस दलील को स्वीकार कर लिया, बल्कि यह भी कह दिया कि वह इस मामले की सुनवाई करेगी।

एक अप्रैल 2019 को पीएफ विभाग की एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी अपने वास्तविक वेतन के आधार पर योगदान दे रहे हैं, वे अपनी कंपनी के साथ संयुक्त ऑप्शन के रूप में जमा कर रहे हैं। वे बिना ठोस वजह के पेंशन योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं। पेंशन के लिए मूल वेतन 15,000 रुपये निर्धारित करना तर्कसंगत नहीं लगता है। इस मामले पर अगस्त के मध्य से सुनवाई हो रही है, लेकिन अभी तक फैसला नहीं आया है।

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