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Jharkhand: स्वास्थ्य मंत्री को अपशब्द कहने वाले डाॅक्टर का नया बखेड़ा, कहा-मेरे अस्पताल से मरीजों काे शिफ्ट करे प्रशासन

आदित्यपुर स्थित 111 सेव लाइफ अस्पताल जिसके संचालक डाक्टर ओपी आनंद हैं।

सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अपशब्द कहने के बाद विवादों में घिरे आदित्यपुर के 111 सेव लाइफ अस्पताल के संचालक डाक्टर ओपी आनंद ने नया बखेड़ा खडा कर दिया है। डाॅक्टर ने अपने अस्पताल में मरीजों का इलाज करने से मना कर दिया है।

Rakesh RanjanTue, 18 May 2021 11:18 AM (IST)

आदित्यपुर, जासं। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अपशब्द कहने के बाद विवादों में घिरे आदित्यपुर के 111 सेव लाइफ अस्पताल के संचालक डॉक्टर ओपी आनंद ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। डाॅक्टर ने अपने अस्पताल में मरीजों का इलाज करने से मना कर दिया है।

साथ ही कहा है कि प्रशासन अस्पताल में भर्ती मरीजों को कहीं अन्य शिफ्ट करे। डाॅक्टर ओपी आनंद ने इस बाबत सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त को पत्र लिखा है। पत्र में आग्रह किया है कि मरीजों को कहीं अन्य जगह पर स्थानांतरित किया जाए। वे फिलहाल भर्ती मरीजों की देखरेख कर रहे हैं, लेकिन नए मरीजों को तत्काल प्रभाव से भर्ती लेना बंद कर दिया है। वे अब अस्पताल चलाना नहीं चाहते हैं।

ये भी लिखा है पत्र में

डा. आनंद ने उपायुक्त को जो पत्र लिखा है, उसमें कहा गया कि उनके संस्थान पर मामला दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन व जिला स्वास्थ्य विभाग से आग्रह है कि उनके अस्पताल में इलाजरत कोविड के मरीज को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही डायलिसिस कराने वाले मरीज स्वेच्छा से दूसरे स्थान पर अपनी चिकित्सा करा सकते हैं। नए मरीजों का दाखिला या एडमिशन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। अत्यधिक इमरजेंसी होने पर ही मरीजों का इलाज किया जाएगा।

वैकल्पिक व्यवस्था तक होगा इलाज

बताया जाता है कि अस्पताल में अभी लगभग आधा दर्जन से ज्यादा कोविड मरीज भर्ती हैं। अब सवाल उठता है कि उनकी चिकित्सा कैसे होगी। अस्पताल प्रबंधन ने यह आदेश 18 मई की सुबह से लागू कर दिया है। हालांकि, इस दौरान अस्पताल में फोन लगाया गया तो पता चला कि डा. ओपी आनंद नाइट शिफ्ट डयूटी करके सो गए हैं। अस्पताल की एक महिलाकर्मी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा उपायुक्त व सिविल सर्जन को सूचना दी गई है। जब तक प्रशासन व्यवस्था नहीं करता, तबतक अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों की देखभाल की जाएगी।

थाने में दर्ज है प्राथमिकी

 

विदित हो कि 15 मई को सिविल सर्जन की टीम अस्पताल में जांच के लिए पहुंची थी। इस दौरान डा. ओपी आनंद ने सिविल सर्जन के अलावा स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अपशब्द कहे थे। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर आरआइटी थाना में डा. आनंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें सरकारी कार्य में बाधा, सिविल सर्जन व स्वास्थ्य मंत्री को अपशब्द कहने और आपदा प्रबंधन में लापरवाही बरतने आदि आरोप लगाए गए हैं।

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