कोरोना पाजिटिव व्यक्ति को वापस भेजा पश्चिम बंगाल

कोरोना पाजिटिव व्यक्ति को वापस भेजा पश्चिम बंगाल

रविवार को घाटशिला के एसडीपीओ कुलदीप टोप्पो व एसडीओ सत्यवीर रजक ने बड़शोल थाना क्षेत्र के दारीशोल स्थित पश्चिम बंगाल से झारखंड में प्रवेश करने वालों को रोकने के लिए बनाए गए चेक पोस्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने चेकनाका पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल से झारखंड की सीमा में प्रवेश करने वालों का ई-पास व कोरोना जांच करने बाद ही क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति दें..

JagranMon, 17 May 2021 06:00 AM (IST)

संसू, बहरागोड़ा : रविवार को घाटशिला के एसडीपीओ कुलदीप टोप्पो व एसडीओ सत्यवीर रजक ने बड़शोल थाना क्षेत्र के दारीशोल स्थित पश्चिम बंगाल से झारखंड में प्रवेश करने वालों को रोकने के लिए बनाए गए चेक पोस्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने चेकनाका पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल से झारखंड की सीमा में प्रवेश करने वालों का ई-पास व कोरोना जांच करने बाद ही क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति दें।

वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से झारखंड में प्रवेश करने वाले कुल 36 लोगों की कोरोना जांच की गई, जिसमें एक व्यक्ति पाजिटिव पाया गया। संबंधित व्यक्ति को झारखंड में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। उसे वापस पश्चिम बंगाल भेज दिया गया। इधर, एसडीपीओ व एसडीओ ने जमशोला के बनाबुडा में भी चेक पोस्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने बिना ई-पास के ओडिशा से आने वाले चार पहिया वाहन व बाइक सवारों को झारखंड में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देने की बात कही। पड़ोसी राज्य के लोग टीकाकरण का ले रहे लाभ, स्थानीय वंचित : झारखंड में आकर बंगाल और ओडिशा के लोग कोरोना का टीका लगवा कर जा रहे हैं। इस बात का खुलासा जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद विद्युत वरण महतो ने किया है। इस मामले को लेकर उन्होंने उपायुक्त को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का टीकाकरण सुलभ कराने का आग्रह किया है। सांसद ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामवासियों को कोविड टीकाकरण में काफी कठिनाई हो रही है। इसका कारण एक ओर अशिक्षा है तो दूसरी ओर मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग कर टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन कराना और फिर स्लाट बुक कराना, जो ग्रामीणों के वश की बात नहीं है। कहा, पिछले दो दिनों के टीकाकरण अभियान से यह स्पष्ट हो चुका है। बोड़ाम जैसे सुदूर क्षेत्रों के ग्रामीण टीकाकरण की बाट जोहते रह गए और पड़ोसी राज्य बंगाल के लोग कोरोना का टीका लगवा कर चले गए।

इसी प्रकार, चाकुलिया व बहरागोड़ा के टीकाकरण केंद्रों पर भी पश्चिम बंगाल व ओडिशा के लोग टीकाकरण करा कर चले गए। पड़ोसी राज्य के लोगों के कारण स्थानीय लोग टीकाकरण से वंचित हो गए। इस बात को लेकर स्थानीय लोग आक्रोशित हो रहे हैं। सांसद ने उपायुक्त को सुझाव दिया है कि टीकाकरण में आधार कार्ड का उपयोग लागू किया जाए। आधार कार्ड सभी ग्रामवासियों के पास उपलब्ध है। इस प्रक्रिया के लागू होने से पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों पर अंकुश लग जाएगा। पश्चिम बंगाल व ओडिशा के लोग न ले पाएं टीका : सांसद विद्युत वरण महतो की शिकायत के बाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सूरज कुमार ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि पश्चिम बंगाल व ओडिशा के लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का लाभ लेते हुए कोरोना का टीका न ले पाएं, यह सुनिश्चित करें। टीकाकरण का समुचित लाभ जिलेवासियों को मिले। उपायुक्त ने पश्चिम बंगाल व ओडिशा से सटे सीमावर्ती इलाकों के बीडीओ से कहा है कि अपने-अपने क्षेत्र के वैक्सीनेशन सेटर पर स्वयं आइडी कार्ड चेक करें। यदि किसी व्यक्ति का आइडी कार्ड बंगाल या ओडिशा का हो तो संबंधित व्यक्ति का वैक्सीनेशन न करें।

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