पेट्रोल डीजल के शतकीय प्रहार से उपभोक्ता बेहाल

उधर पेट्रोलियम उत्पादक खाड़ी देशों में आइपीएल का विश्व कप शुरू हो चुका है। इधर भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें आइपीएल के रनों की तर्ज पर लगातार बढ़ रही हैं।

JagranTue, 19 Oct 2021 08:00 AM (IST)
पेट्रोल डीजल के शतकीय प्रहार से उपभोक्ता बेहाल

पंकज मिश्रा, चाकुलिया : उधर पेट्रोलियम उत्पादक खाड़ी देशों में आइपीएल का विश्व कप शुरू हो चुका है। इधर, भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें आइपीएल के रनों की तर्ज पर लगातार बढ़ रही हैं। चाकुलिया में भी महंगाई की अनुकूल पिच पर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए डीजल व पेट्रोल दोनों ने शतक जड़ दिया है। क्रीज के दोनों छोर पर अभी उनकी बल्लेबाजी जारी हैं। डीजल व पेट्रोल के इस शतकीय प्रहार से विपक्षी टीम यानी उपभोक्ताओं की हालत पतली हो चुकी है। लगातार बढ़ रही कीमतों से दोपहिया, चार पहिया व भारी वाहनों के संचालक सभी त्रस्त हैं। ट्रक चालकों की पीड़ा यह है कि रोज-रोज तेल का दाम तो बढ़ रहा है, लेकिन उस अनुपात में भाड़ा नहीं बढ़ पा रहा है। इससे उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई वाहन चालक तो गाड़ी बेचने की फिराक में है। पिछले करीब 2 वर्षों से कोरोना महामारी की मार झेल रही आम जनता में पेट्रोल व डीजल की रोज बढ़ रही कीमतों को लेकर रोष देखा जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि पेट्रोल व डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के लिए केंद्र सरकार के मंत्री राज्य पर और राज्य सरकार के मंत्री केंद्र पर दोष मढ़ देते हैं। लेकिन दोनों में से कोई भी अपने हिस्से का टैक्स कम करने को तैयार नहीं है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है। सोमवार को चाकुलिया में डीजल 100.31 रुपये, पेट्रोल 100.76 तथा पावर पेट्रोल 104.24 रुपये बिका। शहर के नया बाजार स्थित भारतीय फ्यूल स्टेशन पंप पर तेल भरवाने आए कुछ ग्राहकों से पूछने पर तेल की बढ़ती कीमतों पर उनकी नाराजगी स्पष्ट दिखी। तेल की लगातार बढ़ती कीमत के कारण घर से स्कूटी लेकर निकलना मुश्किल हो गया है। पहले सौ रुपए में करीब डेढ़ लीटर तक पेट्रोल मिल जाता था अब 1 लीटर के ही 100 से अधिक लग जा रहे हैं।

- ललिता हांसदा, चौठिया। रोज-रोज पेट्रोल का दाम बढ़ने से काफी दिक्कत हो रही है। अब तो 100 रुपये में एक लीटर भी तेल नहीं मिल पा रहा है। आज ही तेल खत्म हो जाने से बाइक धकेलते हुए पंप तक आया हूं।

- सुमित कुमार, चाकुलिया। डीजल का सीधा संबंध महंगाई से है क्योंकि भाड़ा बढ़ेगा तो हरेक वस्तु की कीमत स्वत: बढ़ जाएगी। इसलिए सरकार को सबसे पहले डीजल की कीमतों को नियंत्रित कर आम जनता को राहत देना चाहिए।

- संदीप चक्रवर्ती, चाकुलिया। डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के कारण ट्रक चलाकर अब कुछ नहीं बच रहा है। कई बार तो घर से नुकसान हो जाता है। अगर जल्द ही कीमतें नहीं घटी तो वाहन बेचने पर मजबूर होना पड़ेगा।

- रत्नेश कुमार, चाकुलिया।

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