किसानों के समर्थन में आई भाजपा, Jharkhand Government से धान क्रय का भुगतान करने की मांग

भाजपा के संगठन प्रभारी (धनबाद)) व जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष अभय सिंह।

Jamshedpur Jharkhand News. केंद्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी ने किसानों का समर्थन नहीं किया लेकिन झारखंड में भाजपा किसानों के समर्थन में खड़ी हो गई है। पूरे झारखंड में भाजपा कार्यकर्ता मंगलवार को अपने-अपने घर पर धरना दे रहे हैं।

Rakesh RanjanTue, 18 May 2021 12:56 PM (IST)

जमशेदपुर, जासं। केंद्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी ने किसानों का समर्थन नहीं किया, लेकिन झारखंड में भाजपा किसानों के समर्थन में खड़ी हो गई है। झारखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश व विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के निर्देश पर पूरे झारखंड में भाजपा कार्यकर्ता मंगलवार को अपने-अपने घर पर धरना दे रहे हैं।

राज्य के बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के कार्यकर्ता झारखंड की हेमंत सरकार के विरोध में वर्चुअल धरना देकर झारखंड में रह रहे किसानों का समर्थन कर रहे हैं। इसमें झारखंड सरकार से धान क्रय का बकाया भुगतान करने की मांग की जा रही है। भाजपा के संगठन प्रभारी (धनबाद)) व जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष अभय सिंह ने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान है। किसानों के बल पर 70 फीसद भारत की अर्थव्यवस्था एवं भारत के लोग आत्मनिर्भर होकर जीते हैं। पूरे विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है कि जहां कुल आबादी के लगभग एक तिहाई लोग कृषि पर निर्भर हैं। कृषि है तो किसान है। किसान है तो भारत है। भारत की अर्थव्यवस्था किसानों पर निर्भर है, लेकिन एक तरफ हमारी राज्य सरकार दिल्ली में बैठे हुये किसानों के लिए विधवा विलाप करती है, तो दूसरी तरफ अपने ही राज्य के किसानों के साथ अत्याचार करती है।

नवंबर से नहीं मिला बकाया

गत नवंबर महीने में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि हम पूरे झारखंड के प्रत्येक किसानों का धान एमएसपी रेट पर हम लेंगे। पर दुर्भाग्य है कि आठ दिन के अंदर में झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर ऊराव ने इसका जोरदार खंडन किया और आज यह परिस्थिति है कि किसानों का 55 फीसद धान किसानों के दरवाजे पर पड़ा है अब तो दूसरा मानसून भी आ चुका है। इस कोरोना महामारी में किसान क्या करें, कुछ समझ में नहीं आ रहा इसीलिए सरकार के विरोध में धरना देकर इन निम्नलिखित बातों को की मांग की गई है।

ये कहना है भाजपा का

भाजपा का कहना है कि सरकार किसानों के बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश पर नवंबर महीने में धान की खरीद प्रदेश के किसानों से की गई। आठ दिन बाद कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने धान खरीद पर रोक लगा दी और उन्होंने कहा की धान अभी गीले हैं, धान जब सूखेगा तब खरीदा जाएगा। नवंबर माह में खरीदे धान के मूल्य का अभी तक किसानों को भुगतान नहीं किया गया है। कहीं-कहीं किसानों को आधी राशि का भुगतान किया गया है। धान बोने का समय आ गया है, अधिकांश किसान इस आशा और भरोसा में रहे कि शेष धान जो घरों में बचे हैं वो सरकार खरीदेगी लेकिन धान नहीं खरीद होने के कारण या तो किसान औने पौने दाम में धान को बिचौलियों के हाथो में बेच डाला या धान किसानों के घर में सड़ रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में किसानों के बीच विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है और किसान काफी हताश और निराश हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना काफी तेजी से पांव पसार रहा है, किसान पैसे के भाव में इलाज नहीं करा पा रहे हैं। किसान आने वाले समय में धान के बीज की खरीददारी कैसे कर पाएंगे।

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