Amazon और Flipkart को भारत के बाजार से बाहर कर देगी टाटा डिजिटल, फिलहाल सबको यही दिख रहा

भारतीय ई कॉमर्स बाजार की बात करें तो फ्लिपकार्ट व अमेजन की 60 फीसद बाजार पर कब्जा है। लेकिन टाटा डिजिटल के सुपर एप आने के बाद दोनों कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। खबर तो यह भी है कि टाटा और अंबानी हाथ मिला सकते हैं।

Jitendra SinghTue, 22 Jun 2021 06:00 AM (IST)
Amazon और Flipkart को भारत के बाजार से बाहर कर देगी टाटा डिजिटल।

जमशेदपुर, जासं। ऑनलाइन फार्मेसी और किराना अधिग्रहण का मतलब फ्लिपकार्ट और अमेजन को चुनौती देना था। टाटा समूह ने डिजिटल सेवाओं में अपने विस्तार की जो रफ्तार तेज की है, उससे सबको यही दिख रहा है कि इसका एक ही मकसद है अमेजन और फ्लिपकार्ट को भारतीय बाजार से बाहर का रास्ता दिखाना। हालांकि इसका दूसरा पहलू यह भी है कि समय के साथ टाटा समूह सिर्फ भारी उद्योग पर निर्भर नहीं रहना चाहता।

ई कॉमर्स में फ्लिपकार्ट-अमेजन को चुनौती देने को तैयार की जा रही रणनीति

हाल के सप्ताहों में घोषित 153 साल पुरानी टाटा समूह के हाई-प्रोफाइल अधिग्रहणों को भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स बाजार में टेक लीडर फ्लिपकार्ट और अमेजन को चुनौती देने के लिए डिजाइन किया गया है। टेक यूनिट टाटा डिजिटल ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह 1एमजी टेक्नोलॉजिस का अधिग्रहण करेगी। 2015 में स्थापित भारतीय स्टार्टअप, ऑनलाइन फार्मास्युटिकल बिक्री से लेकर टेलीमेडिसिन तक कई प्रकार की चिकित्सा सेवाओं को संभालता है और इसके 40 मिलियन मासिक उपभोक्ता हैं। टाटा डिजिटल के सीईओ प्रतीक पाल ने कहा, "1एमजी में निवेश ई-फार्मेसी और ई-डायग्नोस्टिक्स में बेहतर ग्राहक अनुभव और उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य देखभाल उत्पाद और सेवाएं प्रदान करने की टाटा की क्षमता को मजबूत करता है।"

बिग बास्केट का अधिग्रहण कर बाजार को चौंकाया

कुछ ही हफ्ते पहले टाटा डिजिटल ने कहा कि उसने 10 साल पुरानी किराना डिलीवरी यूनिकॉर्न बिगबास्केट का अधिग्रहण किया। टाटा डिजिटल ने किसी भी सौदे के मूल्य की घोषणा नहीं की, लेकिन उसने शीर्ष शेयरधारक चीनी ई-कॉमर्स दिग्गज अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग और अन्य निवेशकों से बिगबास्केट में 64.3 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 95 बिलियन रुपये (1.3 बिलियन डॉलर) का भुगतान किया।

ई कॉमर्स बाजार के 60 फीसद बाजार पर फ्लिपकार्ट व अमेजन का कब्जा

फ्लिपकार्ट और अमेजन भारतीय ई-कॉमर्स पर हावी हैं। इसके साथ ही लगभग 60 प्रतिशत बाजार में हिस्सेदारी रखते हैं। लेकिन तेजी से बढ़ता क्षेत्र अन्य खिलाड़ियों के लिए काफी जगह प्रदान करता है। इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन का कहना है कि 2024 में भारत के खुदरा बाजार में ऑनलाइन बिक्री के 10.7 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जो 2019 में 4.7 प्रतिशत थी।

कोरोना महामारी में बिगबास्केट व 1mg को लग गए पंख

बिगबास्केट और 1एमजी कोरोना महामारी के दौरान काफी बढ़ गए हैं, क्योंकि अधिक भारतीय घर से खरीदारी करते हैं। बिगबास्केट का राजस्व 2020 में एक बिलियन डाॅलर को पार कर गया। स्टैटिस्टा की रिपोर्ट है कि बिगबास्केट ने 2019 में भारत की ऑनलाइन किराना बिक्री में 35 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया, ग्रोफर्स जैसे प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ दिया, जिसमें जापान के साफ्टबैंक ग्रुप की हिस्सेदारी है।बिगबास्केट के डिलीवरी हब और इन्वेंट्री प्रबंधन ने कंपनी को 20 से अधिक शहरों में तेजी से डिलीवरी प्रदान करने की सुविधा दी है। आइटम के आधार पर आप उसी रात अपना ऑर्डर प्राप्त कर सकते हैं।

 

 टाटा समूह को टाटा मोटर्स व टाटा स्टील से आता ज्यादा राजस्व

टाटा समूह की लगभग 30 सूचीबद्ध सहायक कंपनियां हैं, जिनमें भारत की सबसे बड़ी तकनीकी सेवा प्रदाताओं में से एक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज भी शामिल है। फिर भी, इसका आधे से अधिक समूह राजस्व वित्त वर्ष 2019 में 7.5 ट्रिलियन रुपये सिर्फ टाटा मोटर्स और टाटा स्टील से आता है।

हाल के वर्षों में भारी उद्योग से होने वाली कमाई पर समूह की निर्भरता एक चिंता का विषय बन गई है। टाटा मोटर्स ने मार्च में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2020-21 में 134.5 अरब रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, यह उसका लगातार तीसरा वार्षिक घाटा है।

समूह ने अपनी डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए 2019 में टाटा डिजिटल की शुरुआत की। इंडियाज केयर रेटिंग्स ने मई में कहा था कि टाटा डिजिटल का राजस्व पैदा करने वाला संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। लेकिन बिगबास्केट और 1एमजी अधिग्रहण के साथ-साथ फ्लिपकार्ट के पूर्व कार्यकारी मुकेश बंसल की अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के साथ यह बदलने की उम्मीद है। इसकी घोषणा सात जून को की गई थी। फॉरेस्टर रिसर्च के पूर्वानुमान विश्लेषक संजीव कुमार ने कहा कि टाटा नए सौदों के माध्यम से अपने सीमित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार करने के लिए काम कर रहा है।

भविष्य में हाथ मिला सकते टाटा-अंबानी

भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी ई-कॉमर्स पर अपनी नजरें जमा ली हैं। समूह ने मई 2020 में ऑनलाइन किराना सेवा जियोमार्ट की शुरुआत की और अगस्त में ऑनलाइन फ़ार्मेसी नेटमेड्स के अधिग्रहण की घोषणा की। टाटा और रिलायंस दोनों, जिनका सुपरमार्केट जैसे क्षेत्रों में पारंपरिक खुदरा परिचालन है, ई-कॉमर्स में अपने उपक्रमों के साथ तालमेल की उम्मीद कर सकते हैं। क्या दोनों फ्लिपकार्ट और अमेज़न पर दबाव डाल पाएंगे, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वे अपने व्यापक व्यापार पोर्टफोलियो को कितने प्रभावी ढंग से चला सकते हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.