झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष पर फायरिंग मामले में अंबे को मिली हाईकोर्ट से जमानत

रांची स्थित झारखंड उच्‍च न्‍यायालय का फाइल फोटो।

गुरुचरण सिंह बिल्ला और उसकी पत्नी हर दिन की तरह सीतारामडेरा गुरुद्वारा में मत्था टेकने को निकले थे। बाइक सवार अपराधियों ने घेर लिया था। गुरुचरण सिंह पर ताबडतोड़ फायरिंग कर दी। दो गोली बिल्ला को कमर में लगी थी। इसके बाद अपराधी भाग निकले थे।

Publish Date:Mon, 11 Jan 2021 04:52 PM (IST) Author: Rakesh Ranjan

जमशेदपुर, जासं। झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यच गुरुचरण सिंह बिल्ला को गोली मारने के मामले के आरोपित अमरजीत सिंह अंबे को सोमवार को झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई। जमानत को लेकर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आर मुखोपध्याय की अदालत में आरोपित पक्ष की ओर से आरएस मजूमदार और ऋृतु कुमारी ने बहस की।

मामले में इससे पहले जमशेदपुर  के सीजीपीसी के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे को जमानत मिल चुकी है। अंबे इस मामले में बीते 13 माह से घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद है। जमानत आदेश जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में आने के बाद रिहाई प्रक्रिया को जमानत भरे जाएंगे। गुरमुख सिंह मुखे और अमरजीत सिंह अंबे समेत अन्य पर झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बिल्ला और उसकी पत्नी की हत्या के प्रयास की साजिश रचने का आरोप है। मुखे और अंबे समेत अन्य के खिलाफ सीतारामडेरा थाना में नौ नवंबर 2019 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पत्‍नी के साथ गुरुद्वारा जा रहे थे बिल्‍ला

घटना के दिन गुरुचरण सिंह बिल्ला और उसकी पत्नी हर दिन की तरह सीतारामडेरा गुरुद्वारा में मत्था टेकने को निकले थे। बाइक सवार अपराधियों ने घेर लिया था। गुरुचरण सिंह पर ताबडतोड़ फायरिंग कर दी। दो गोली बिल्ला को कमर में लगी थी। इसके बाद अपराधी भाग निकले थे। घायल को टाटा मुख्य अस्पताल में दाखिल कराया गया था। गुरुचरण सिंह बिल्ला की पत्नी की शिकायत पर गुरुमुख सिंह मुखे, अमरजीत सिंह अंबे और अन्य के खिलाफ सीतारामडेरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अनुसंधान करती रही।

सुपारी देकर हत्‍या की कोशिश का आरोप

मुखे और अंबे को पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के आरोप में जेल भेज दिया था। मुखे और अंबे पर सुपारी देकर हमला कराने का आरोप था। पुलिस ने तीन शूटरों को गिरफ्तार किया था। इनकी निशानदेही पर आम्र्स और बाइक बरामद किए गए थे। शूटर किशोर महतो और उत्तम पंडा ने पुलिस को बताया था गुरमुख सिंह मुखे और अंबे ने गुरुचरण सिंह की हत्या के लिए तीन लाख की सुपारी दी थी। हथियार मुहैया कराया था।

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