Alzheimer Disease: भूलने की बीमारी है अल्जाइमर, इसे रोक सकते हैं सही खान-पान से; बता रही जमशेदपुर की डायटीशियन अनु सिन्हा

Alzheimer Disease अल्जाइमर रोग में यह होता है कि यादाश्त कमजोर हाेने लगती है। यह खास उम्र में होता है। इससे बचाव के लिए हमें क्या करना चाहिए एवं क्या परहेज करना चाहिए बात रहीं जमशेदपुर की प्रसिद्ध डायटीशियन अनु सिन्हा।

Rakesh RanjanWed, 22 Sep 2021 01:45 PM (IST)
अल्जाइमर की बीमारी से निजात पाने से ये रहे टिप्स।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर । अल्जाइमर भूलने का रोग है। इस बीमारी के लक्षणों में याददाश्त की कमी होना, निर्णय न ले पाना, बोलने में दिक्कत आना तथा फिर इसकी वजह से सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं की गंभीर स्थिति आदि शामिल है। इस बीमारी से हमारा दिमाग संकुचित होने लगता है। जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल की डायटीशियन अनु सिन्हा कहती हैं कि इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति रोजाना की बातचीत व घटनाओं को भूलने लगता है। इस बीमारी के बढ़ने से व्यक्ति पहचानना, बात करने आदि की क्षमता में कमी होने लगती है।

वे अपने घर पर करनेवाले दैनिक कार्यों को भी नहीं कर पाते हैं। डायटीशियन अनु सिन्हा कहती हैं कि अल्जाइमर होने के बाद यह जल्दी ठीक नहीं होता है। इसे न तो खत्म ही किया जा सकता है और न पूरी तरह से इसे रोका ही जा सकता है। अल्जाइमर रोग होने का एक बड़ा कारण है सिर में चोट लगना। इसके साथ ही रक्तचाप, मधुमेह, आधुनिक जीवनशैली भी एक बड़ा कारण है। अमूमन 60 साल की उम्र के आसपास होनेवाली इस बीमारी का फिलहाल कोई स्थायी इलाज नहीं है। डायटीशियन अनु सिन्हा कहती हैं कि हालांकि बीमारी के शुरूआती दौर में नियमित जांच और इजाज से इस पर काबू पाया जा सकता है। मस्तिष्क के स्नायुओं के क्षरण से रोगियों की बौद्धिक क्षमता और व्यवहारिक लक्षणों पर भी असर पड़ता है। इस बीमारी की पहचान है कि जैसे-जैसे बूढ़े होते जाते हैं, हमारी सोचने और याद करने की क्षमता भी कमजोर होती जाती है। यह इस बात का संकेत है कि हमारे दिमाग की कोशिकाएं मर रही हैं।

खाने में इस चीज का प्रयोग कर रोक सकते हैं अल्जाइमर

खाने में पालक साग का उपयोग कर इसे रोकने में मदद मिलती है। हरी पत्तीदार सब्जियां हमें अपने भोजन में शामिल करना चाहिए, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामीन होते हैं। जो अल्जाइमर के लक्षणों में देरी लाती है। बेरीज को भी अपने आहार में शामिल कर हम इसे डीले कर सकते हैं। नट्स, यानी काजू, बादाम, अखरोट आदि में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे दिमाग को तंदरुस्त बनाने में सहायता करते हैं एवं दिमाग की अनेक बीमारियों को कम करने में मदद करता है। खाने में घी का प्रयोग करने से भी अल्जाइमर आदि दिमागी रोग को डीले करने में मदद करता है। नारियल तेल का सेवन करने से भी अल्जाइमर रोग को रोकने में मदद करता है। गुड़ का सेवन करने से भी कुछ दिमागी रोग को रोकने में किया जा सकता है।

अल्जाइमर रोग में यह नहीं खाना चाहिए

फास्ट फूड से दूरी रखना हमारे दिमाग के लिए स्वास्थ्यकर है। प्रोसेस्ड फूड, बना बनाया खाना से भी दूर रहना चाहिए। यह दिमागी स्वास्थ के लिए हानिकारक है। चीनी का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। रिफाइंड चीनी का प्रयोग तो कदापि नहीं करें

जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल की डायटीशियन अनु सिन्हा।

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